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Wednesday, 04 Feb 2026

दिल्ली में यमुना बाढ़: CM रेखा गुप्ता ने यमुना बाज़ार में लिया जायजा, स्थिति नियंत्रण में

निवासियों को राहत, जल्द पानी कम होने की उम्मीद

नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को यमुना बाज़ार और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बाढ़ प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर 205.79 मीटर तक पहुंच गया था, जिससे यमुना बाज़ार जैसे निचले इलाकों में पानी घुस गया। हालांकि, मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अगले एक-दो दिनों में जलस्तर कम होने की उम्मीद है।

यमुना बाज़ार में निरीक्षण और राहत कार्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना बाज़ार में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया, जहां यमुना का पानी कई घरों में घुस गया था। उन्होंने केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष का भी दौरा किया और स्थानीय निवासियों से उनकी समस्याओं पर चर्चा की। “सुबह कुछ समय के लिए यमुना का जलस्तर 206 मीटर तक पहुंचने की आशंका थी, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है। पानी अगले एक-दो दिनों में कम हो जाएगा,” गुप्ता ने पत्रकारों से कहा।

उन्होंने बताया कि प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी, और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। “हमने स्कूलों में लोगों के लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की है और राहत शिविरों में चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। बिजली की कमी एक बड़ी समस्या है, जिसे जल्द ठीक किया जाएगा,” उन्होंने कहा। गुप्ता ने यह भी आश्वासन दिया कि दिल्ली में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है, और पानी का प्रवाह सुचारू है, जिससे जलभराव की संभावना कम है।

यमुना का जलस्तर और बाढ़ की स्थिति

यमुना नदी का जलस्तर सोमवार दोपहर को 205.55 मीटर पर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान (205.33 मीटर) से ऊपर था। मंगलवार सुबह 8 बजे तक यह 205.79 मीटर पर था, जो निकासी स्तर 206 मीटर से थोड़ा नीचे था। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने चेतावनी दी थी कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने और ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच सकता है। हालांकि, गुप्ता ने कहा कि प्रशासन ने सभी एहतियाती कदम उठाए हैं, और बाढ़ नियंत्रण कक्ष से स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

हथिनीकुंड बैराज से रविवार को 1.78 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो इस सीजन का सबसे ऊंचा जलस्तर था। इस पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48-50 घंटे लगते हैं, जिसके कारण यमुना बाज़ार और अन्य निचले इलाकों में पानी घुस गया। गुप्ता ने बताया कि इस बार ड्रेनेज सिस्टम और बैराज की मरम्मत पहले ही पूरी की जा चुकी है, जिससे 2023 की तरह बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति नहीं बनी।

प्रशासन की तैयारियां और निवासियों की मांग

मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मानसून से पहले ही बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां शुरू कर दी थीं। “हमने ड्रेनेज सिस्टम की सफाई, मोबाइल पंपों की तैनाती, और 14 नावों को प्रमुख स्थानों पर रखा है। नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, और सभी विभाग 24×7 काम कर रहे हैं,” गुप्ता ने कहा। सोमवार को भी गुप्ता ने असिता घाट, यमुना छठ घाट, रेगुलेटर नंबर 12, और पूर्वी दिल्ली DM कार्यालय का दौरा किया था। उनके साथ जल संसाधन मंत्री परवेश वर्मा और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

हालांकि, यमुना बाज़ार के निवासियों ने बिजली की कमी और अस्थायी आश्रयों की अपर्याप्त व्यवस्था पर नाराजगी जताई। एक निवासी ने कहा, “पानी घरों में घुस गया है, और बिजली नहीं है। प्रशासन को और तेजी से काम करना चाहिए।” गुप्ता ने निवासियों से अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की, लेकिन कई लोगों ने अपने घर छोड़ने से इनकार कर दिया।

2023 की बाढ़ से सबक

2023 में दिल्ली ने दशकों में सबसे भयावह बाढ़ का सामना किया था, जब यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था। उस समय ITO बैराज के गेट जाम होने और ड्रेनेज सिस्टम की खराबी के कारण स्थिति बिगड़ गई थी। गुप्ता ने कहा कि इस बार सरकार ने छह महीने पहले से ही ITO बैराज के सभी गेट खोल दिए और ड्रेनेज की सफाई पूरी कर ली, जिससे स्थिति नियंत्रण में है। “हम 2023 जैसी स्थिति दोबारा नहीं होने देंगे। जनता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों को आश्वस्त किया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है। राहत और बचाव टीमें पूरी सतर्कता के साथ तैनात हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जलस्तर जल्द कम होता है, तो यमुना बाज़ार और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल हो सकती है। क्या दिल्ली इस बार बाढ़ के खतरे से पूरी तरह बच पाएगी? यह अगले कुछ दिनों में साफ हो जाएगा।

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