परिचय: एक नेता की अनूठी पहचान
हर व्यक्ति इस दुनिया में अपनी विशेषताओं और गुणों के साथ जन्म लेता है, जो उसे दूसरों से अलग बनाता है। केशव प्रसाद सिंह (के.पी. सिंह) एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, साहस और देशभक्ति के बल पर राजनीति और सामाजिक कार्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। जनरल वी.के. सिंह जैसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व को अपना गुरु मानकर के.पी. सिंह ने राजनीति में कदम रखा और एक आदर्श नेता के सभी गुणों—साहस, दूरदर्शिता, प्रामाणिकता, ईमानदारी, संचार कौशल, सहानुभूति और सीखने की ललक—को आत्मसात किया। एक नेता के रूप में, वे न केवल अपनी टीम के लिए उदाहरण स्थापित करते हैं, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर विश्वास और जुड़ाव बनाए रखते हैं।
जन्म और प्रारंभिक जीवन
केशव प्रसाद सिंह का जन्म 1 अप्रैल 1971 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के गडवारा गाँव में हुआ। उनके पिता श्री राम सिंह भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत थे, जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में समर्पित किया। इस देशभक्ति की भावना के.पी. सिंह को विरासत में मिली। उन्होंने स्नातक (बीए) की डिग्री प्राप्त की और फिर दिल्ली के राजौरी गार्डन में अपना निवास स्थान बनाया। बचपन से ही उनकी आदतों में सेवा भाव और सत्य का साथ देना शामिल था, जिसने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया।


सामाजिक और राजनीतिक जीवन
सामाजिक कार्यों में योगदान: स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद केशव प्रसाद सिंह ने सामाजिक कार्यों में रुचि दिखाई। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के विद्यालय में प्रतापगढ़ में बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की। दिल्ली के किराड़ी विधानसभा में शीश महल इनक्लेव (RWA) का अध्यक्ष निर्विरोध जीतकर बनाया। वे कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के अध्यक्ष रहे, जिनमें अखंड राजपूताना सेवा संघ (दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष), महिला स्वावलंबी संस्था (अध्यक्ष), और श्री दुर्गा जन चेतना समिति (उपाध्यक्ष) शामिल हैं।
राजनीतिक योगदान: 1993 से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय सदस्य के रूप में, के.पी. सिंह ने विभिन्न भूमिकाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे वर्तमान में बीजेपी पूर्वांचल मोर्चा के बाहरी दिल्ली जिला उपाध्यक्ष और नांगलोई विधानसभा के प्रभारी हैं। उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल ने उन्हें पार्टी में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भूमिका
केशव प्रसाद सिंह ने दिल्ली के उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र में कई चुनावों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने 2009 में श्रीमती मीरा कंवरिया, 2014 में डॉ. उदित राज, 2019 में पद्मश्री हंसराज हंस, और 2024 में श्री योगेंद्र चंदोलिया के साथ मिलकर बीजेपी की जीत में योगदान दिया। इसके अलावा, 2008, 2013, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में श्री अनिल झा वत्स के साथ तन्मयता से काम किया।
दिल्ली नगर निगम चुनाव
दिल्ली नगर निगम चुनावों में भी के.पी. सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2012 में वार्ड नं. 44/39 (मुबारक पुर डबास) में श्री राम दयाल मेहतो, 2017 में वार्ड नं. 40 (निठारी) में सोना रणजीत चौधरी, और 2023 में वार्ड नं. 38 (प्रेम नगर, किराड़ी) में नीलू सिंह के साथ काम कर जीत सुनिश्चित की।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ गहरा नाता
केशव प्रसाद सिंह का परिवार लंबे समय से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ है। उनके पिता श्री राम सिंह ने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया, और यही देशभक्ति की भावना के.पी. सिंह में भी गहरे तक समाई है। वे बचपन से ही RSS के स्वयंसेवक रहे हैं और आज भी संघ के मूल्यों को अपने कार्यों में जीवित रखते हैं।
पार्टी और सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता
के.पी. सिंह ने बीजेपी के विभिन्न जन आंदोलनों और कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी की है। 21 मार्च 2006 को आयोजित दिल्ली बचाओ संघर्ष यात्रा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जापानी पार्क जन आंदोलन में भी हिस्सा लिया। उनका कहना है कि वे पार्टी के सभी कार्यक्रमों में तन, मन, धन से योगदान देते रहेंगे।
निष्कर्ष
केशव प्रसाद सिंह एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने देशभक्ति, सामाजिक सेवा और राजनीतिक समर्पण के साथ एक मिसाल कायम की है। उनकी मेहनत, नेतृत्व और जनता के प्रति निष्ठा ने उन्हें दिल्ली और उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। वे न केवल एक कुशल राजनेता हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।
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