जलभराव से राहत, निवेश और रोजगार का नया दौर
लखनऊ, 16 सितंबर 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वस्त्र उद्योग को बूस्ट देने के लिए संत कबीर टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क की योजना को हरी झंडी दे दी। पारंपरिक हथकरघा की धरोहर वाले UP को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का यह कदम है। योगी ने कहा कि संत कबीर के नाम पर यह पार्क श्रम और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनेगा।
निवेश के 659 प्रस्ताव, 15,431 करोड़ का दांव
निवेश सारथी पोर्टल पर 659 प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें 15,431 करोड़ का निवेश और 1 लाख से ज्यादा रोजगार सृजित होंगे। प्रत्येक पार्क 50 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनेगा, जिसमें CETP और सहायक इकाइयां अनिवार्य होंगी। योगी ने PPP मॉडल से क्रियान्वयन का निर्देश दिया, ताकि सड़क, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं तुरंत मिलें।
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UP का वस्त्र निर्यात चमका
2023-24 में UP ने 3.5 अरब डॉलर का वस्त्र निर्यात किया, जो देश के 9.6% का योगदान है। इस क्षेत्र से 22 लाख लोगों को रोजगार मिला है, और जीडीपी में 1.5% हिस्सा है। वाराणसी, मऊ जैसे क्लस्टरों ने UP को राष्ट्रीय मानचित्र पर जगह दिलाई। वैश्विक बाजार 2030 तक 2.3 ट्रिलियन डॉलर का होगा, जिसमें UP की भूमिका अहम होगी।
युवाओं के लिए कौशल और बुनकरों के लिए संवाद
योजना का मुख्य लक्ष्य युवाओं का कौशल विकास और रोजगार सृजन है। योगी ने हर जिले में बुनकरों से संवाद का निर्देश दिया, ताकि उनकी अपेक्षाएं समझी जाएं। सस्ती बिजली और पावरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ने पर जोर दिया। बुनकरों की मेहनत को सम्मान देते हुए सरकार ने उन्हें मजबूत बनाने का वादा किया।
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परंपरा और आधुनिकता का मेल
संत कबीर पार्क से निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह योजना UP को वैश्विक वस्त्र मानचित्र पर चमकाएगी। योगी ने कहा कि परंपरा और आधुनिकता का संतुलन स्थापित होगा। बुनकरों के हाथों का जादू दुनिया को दिखाने का यह मौका है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा।
