🔥 ट्रेंडिंग न्यूज़:
बंगाल SIR पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी लड़ाई: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को घेरायूपी सीएम यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज की मीटिंग में कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश दिएदिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च की ‘महिला सशक्तिकरण योजना 2026’: 10 लाख महिलाओं को मिलेगा रोजगार प्रशिक्षणकेंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदमयूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: कहीं जश्न तो कहीं मायूसी, दिल्ली में बुद्धिजीवियों ने जताई चिंताराष्ट्रीय लोकदल महिला प्रकोष्ठ का बड़ा अधिवेशन: 1 फरवरी को ग्रेटर नोएडा में हजारों महिलाएं होंगी शामिल, सशक्तिकरण और नेतृत्व पर फोकसउच्च शिक्षा संस्थान: विषमता के टापू बनते जा रहे हैं हमारे विश्वविद्यालययूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात: हरित हाइड्रोजन और सांस्कृतिक सहयोग पर जोर
Wednesday, 04 Feb 2026

उत्तर प्रदेश में 47 वर्षों बाद जिला उद्योग केंद्रों का कायाकल्प: योगी आदित्यनाथ की मंजूरी से निवेशकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, दीवाली बाद शुरू होगा कार्य

विशेष संवाददाता
लखनऊ, 18 अक्टूबर 2025। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की नई लहर चलने वाली है। 47 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद सभी जिलों के जिला उद्योग केंद्रों (डीआईसी) का कायाकल्प होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वीकृति के बाद इन्वेस्ट यूपी ने इसकी विस्तृत योजना तैयार कर ली है, जिससे निवेशकों को एक बेहतर और प्रोफेशनल अनुभव मिल सके। यह कदम राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जो केंद्र सरकार की 1978 की पुरानी योजना को नया आयाम देगा।

केंद्र सरकार ने वर्ष 1978 में सभी जिलों में डीआईसी की स्थापना की थी, ताकि ग्रामीण स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा मिले। लेकिन दशकों से ये केंद्र सरकारी दफ्तरों की तर्ज पर ही चल रहे थे, जहां सुविधाओं की कमी के कारण निवेशक अक्सर निराश हो जाते थे। अब इन्वेस्ट यूपी की योजना के तहत सभी डीआईसी भवनों की मरम्मत, गेट निर्माण, प्रशासनिक भवनों का सौंदर्यीकरण, कांफ्रेंस हॉल, आगंतुकों के लिए प्रतीक्षा कक्ष और आधुनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, एयर कंडीशनिंग, नया फर्नीचर और अन्य आवश्यक सुविधाओं से लैस कार्यालय बनाए जाएंगे, ताकि निवेशक यहां आकर आसानी से उद्योग स्थापना की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन को मंजूरी दी थी, जिसमें 11 महाप्रबंधकों (जीएम), सहायक महाप्रबंधकों (एजीएम) के अलावा दो पीसीएस अधिकारियों को संयुक्त मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में तैनात करने का प्रस्ताव शामिल है। योगी ने कहा था, “उत्तर प्रदेश को निवेश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना है। इसके लिए डीआईसी को निवेशकों का स्वागत द्वार बनाना होगा।” इन्वेस्ट यूपी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमने सभी डीआईसी महाप्रबंधकों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें भवनों की स्थिति, आवश्यक मरम्मत और सुविधाओं का ब्योरा हो। दीवाली के बाद कार्य शुरू हो जाएगा, और अगले छह महीनों में सभी केंद्रों को नया रूप दे दिया जाएगा।”

यह योजना केवल डीआईसी तक सीमित नहीं है। निवेशकों से बेहतर संवाद के लिए इन्वेस्ट यूपी दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई में सैटेलाइट कार्यालय खोलने की तैयारी कर रहा है। इन कार्यालयों से देश के प्रमुख शहरों में बैठे निवेशकों को सीधे संपर्क का मौका मिलेगा, जिससे यूपी में निवेश की प्रक्रिया तेज होगी। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2025-26 में 10 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आकर्षित किया जाए, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डीआईसी का कायाकल्प ग्रामीण उद्योगों को रोजगार के नए अवसर देगा और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूती प्रदान करेगा।

उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 75 जिलों में डीआईसी कार्यरत हैं, जो औद्योगिक निवेश की निगरानी और प्रमोशन का केंद्र हैं। लेकिन पुरानी इमारतों और सीमित सुविधाओं के कारण इनकी प्रभावशीलता कम हो गई थी। इन्वेस्ट यूपी के एमडी आलोक सिंघल ने कहा, “यह कायाकल्प निवेशकों के अनुभव को बदल देगा। अब डीआईसी आधुनिक हब की तरह काम करेंगे, जहां एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी।” योजना की लागत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो राज्य बजट से वित्त पोषित होगी।

राज्य में औद्योगिक विकास के इस नए दौर में डीआईसी का पुनरुद्धार एक मील का पत्थर साबित होगा। पिछले वर्ष यूपी ने 5.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हासिल किए थे, और इस कायाकल्प से यह आंकड़ा दोगुना होने की उम्मीद है। दीवाली के त्योहार के बाद शुरू होने वाले कार्य से न केवल केंद्रों का रूप बदलेगा, बल्कि यूपी की आर्थिक पटरी पर भी नई गति आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *