लखनऊ, 23 अक्टूबर 2025। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हलाल सर्टिफिकेशन पर तगड़ा प्रहार करते हुए ऐलान किया कि राज्य में हलाल प्रमाणित उत्पादों की बिक्री पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। आरएसएस के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने लोगों से अपील की कि हलाल टैग वाले सामान न खरीदें, क्योंकि इसकी कमाई आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद जैसी गतिविधियों को फंड करती है। योगी ने दावा किया कि साबुन, कपड़े, माचिस जैसी दैनिक वस्तुओं पर भी हलाल टैग लगाकर हर साल 25,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हो रही है, जबकि इस सर्टिफिकेशन को कोई सरकारी मान्यता नहीं है।
कार्यक्रम में योगी ने साफ शब्दों में कहा, “जब भी कुछ खरीदें, पैकेजिंग चेक करें—हलाल मार्क न हो। ये पैसा देश के दुश्मनों की जेब भरता है।” उन्होंने राज्य सरकार के सख्त निर्देशों का जिक्र करते हुए कहा कि हलाल उत्पादों की सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ाई जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। यह बयान राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद ‘स्वदेशी और आत्मनिर्भर’ अभियान को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।
‘राजनीतिक इस्लाम देश का सबसे बड़ा वैचारिक खतरा’
सीएम योगी ने ‘राजनीतिक इस्लाम’ को भारत के लिए सबसे बड़ा वैचारिक खतरा बताते हुए कहा कि इतिहास में ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद पर तो चर्चा होती है, लेकिन राजनीतिक इस्लाम के सनातन धर्म पर हमलों को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोबिंद सिंह, महाराणा प्रताप और महाराणा सांगा जैसे वीरों का उदाहरण देते हुए कहा, “इन योद्धाओं ने राजनीतिक इस्लाम के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया, लेकिन इतिहासकारों ने इसे दबा दिया। आज हम इसे उजागर करेंगे।”
योगी ने जोर देकर कहा कि सनातन संस्कृति की रक्षा ही राष्ट्र की रक्षा है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष को समर्पित यह संदेश कार्यकर्ताओं में उत्साह भर गया।
राम मंदिर: आरएसएस की ‘तपस्या’ का प्रतीक
कार्यक्रम में सीएम ने अयोध्या राम मंदिर निर्माण में आरएसएस की भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “विपक्ष ने मंदिर पर सवाल उठाए, लाठी-गोली सही, लेकिन संघ के स्वयंसेवकों ने संकल्प नहीं तोड़ा। आज भव्य राम मंदिर खड़ा है—यह संघ की तपस्या का फल है।” योगी ने इसे ‘सनातन जागरण’ की मिसाल बताते हुए कहा कि आने वाले समय में और भी ऐसे आंदोलन सफल होंगे।
व्यापक प्रभाव: स्वदेशी अभियान को नई ताकत
यह बयान यूपी के व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हलाल प्रतिबंध से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा और ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूती। विपक्ष ने इसे ‘धार्मिक ध्रुवीकरण’ बताकर निशाना साधा, लेकिन भाजपा नेताओं ने इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ का मुद्दा बताया। योगी सरकार ने पहले ही कई जिलों में हलाल मीट और प्रोडक्ट्स पर छापेमारी शुरू कर दी है।
क्या यह फैसला यूपी की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगा? आने वाले दिनों में असर साफ दिखेगा।
