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Wednesday, 04 Feb 2026

निर्यात प्रोत्साहन मिशन: मेड इन इंडिया को दुनिया का सुपर ब्रांड बनाने का मास्टर प्लान

निर्यात में धमाका: मोदी का गेम-चेंजर प्लान

नई दिल्ली। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एक बार फिर देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। गुरुवार को पीएम ने सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि कैबिनेट ने निर्यात प्रोत्साहन मिशन और निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना को हरी झंडी दे दी है। ये दोनों स्कीम्स मिलकर भारत को एक्सपोर्ट सुपरपावर बनाने वाली हैं। बुधवार की कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसले से छोटे कारोबारी, मजदूर, किसान, एमएसएमई – सबको सीधा फायदा होगा। मेड इन इंडिया की धूम अब दुबई, लंदन, न्यूयॉर्क, सिंगापुर तक गूंजने वाली है। पीएम बोले, “हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि मेड इन इंडिया की आवाज पूरी दुनिया में और तेजी से सुनाई दे।” ये निर्यात प्रोत्साहन मिशन सभी को एक प्लेटफॉर्म पर लाएगा और रिजल्ट-बेस्ड सिस्टम बनाएगा। साथ ही खनिजों की रॉयल्टी दरें कम करने से ग्रीन एनर्जी को बूस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर, आत्मनिर्भर भारत का सपना अब बस कुछ कदम दूर है।

निर्यात प्रोत्साहन मिशन क्या है? पूरी जानकारी स्टेप बाय स्टेप

मिशन का मुख्य उद्देश्य

निर्यात प्रोत्साहन मिशन एक हाई-लेवल सरकारी प्रोग्राम है जो भारत के कुल निर्यात को दोगुना करने का टारगेट रखता है। अभी भारत का सालाना एक्सपोर्ट करीब 770 बिलियन डॉलर है। 2030 तक इसे 2 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाना है। ये मिशन खासतौर पर तीन सेक्टर पर फोकस करेगा – एमएसएमई, लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज (जैसे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी) और न्यू-एज सेक्टर्स (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, रिन्यूएबल एनर्जी)।

कैसे काम करेगा ये मिशन?

सबसे पहले एक सेंट्रलाइज्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। इसमें मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स, DGFT, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल्स, बैंक, शिपिंग कंपनियां – सब जुड़ेंगे। रियल-टाइम डेटा एनालिसिस होगा। अगर कोई देश में भारतीय प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ रही है, तो तुरंत अलर्ट जाएगा।

फीचर्सफायदा
AI बेस्ड मार्केट इंटेलिजेंससही देश, सही समय पर एक्सपोर्ट
ऑटोमेटेड सब्सिडी क्लेमपैसा 7 दिन में अकाउंट में
सिंगल विंडो अप्रूवलIEC, GSP सर्टिफिकेट 48 घंटे में

निर्यात प्रोत्साहन मिशन से छोटा दुकानदार भी ग्लोबल मार्केट में कदम रख सकेगा। आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी।

कौन-कौन से सेक्टर को मिलेगा बूस्ट?

1. एमएसएमई सेक्टर

  • 6.3 करोड़ यूनिट्स
  • 45% एक्सपोर्ट में योगदान
  • अब 0% इंटरेस्ट पर लोन
  • फ्री मार्केट रिसर्च रिपोर्ट

2. लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्री

  • टेक्सटाइल: 35 मिलियन जॉब्स
  • लेदर: 4 मिलियन वर्कर्स
  • हैंडक्राफ्ट: 7 मिलियन आर्टिसन्स

3. न्यू-एज प्रोडक्ट्स

  • मोबाइल फोन (PLI स्कीम)
  • ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग
  • सोलर पैनल्स

निर्यात प्रोत्साहन मिशन इन सबको टारगेटेड सपोर्ट देगा।

निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना: पैसा की चिंता खत्म, बिजनेस पर फोकस

स्कीम की पूरी डिटेल

निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना एक क्रांतिकारी कदम है। अभी निर्यातक को ऑर्डर मिलता है, लेकिन बैंक लोन देने में हिचकिचाता है। अब सरकार 90% तक गारंटी देगी। मतलब, डिफॉल्ट होने पर भी बैंक को नुकसान नहीं।

क्या-क्या मिलेगा?

सुविधाडिटेल
लोन अमाउंट₹50 लाख से ₹100 करोड़
इंटरेस्ट रेट0-2% (सब्सिडाइज्ड)
रिपेमेंट पीरियड180 दिन से 5 साल
कोलेटरलजरूरी नहीं

कौन अप्लाई कर सकता है?

  • IEC होल्डर
  • पिछले 2 साल में ₹1 करोड़+ एक्सपोर्ट
  • स्टार्टअप्स (पहले साल में छूट)
  • महिला उद्यमी (एक्स्ट्रा 5% सब्सिडी)

अप्लाई करने का तरीका

  1. DGFT पोर्टल पर लॉगिन
  2. बिजनेस प्रोफाइल अपडेट
  3. ऑर्डर कॉपी, इनवॉइस अपलोड
  4. बैंक चुनें → 72 घंटे में अप्रूवल
  5. पैसा सीधे अकाउंट में

पीएम मोदी बोले: “ये योजना बिजनेस को पंख देगी। अब कोई ऑर्डर छूटेगा नहीं।”

निर्यात अब बोझ नहीं, मौका बनेगा।

रियल लाइफ उदाहरण

मान लो, लुधियाना का एक टेक्सटाइल एक्सपोर्टर है। उसे जर्मनी से ₹5 करोड़ का ऑर्डर मिला। पहले बैंक मना कर देता था। अब निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना से 1% ब्याज पर लोन मिलेगा। माल 60 दिन में शिप हो जाएगा। प्रॉफिट? 22%। साल भर में 4 ऑर्डर → ₹20 करोड़ टर्नओवर।

निर्यात प्रोत्साहन मिशन और ये स्कीम मिलकर छोटे शहरों को ग्लोबल हब बनाएंगे।

खनिज रॉयल्टी में कटौती: ग्रीन एनर्जी को नई रफ्तार

कौन से खनिज शामिल?

कैबिनेट ने चार क्रिटिकल मिनरल्स की रॉयल्टी दरें कम कीं:

खनिजपुरानी रॉयल्टीनई रॉयल्टीउपयोग
ग्रेफाइट18%5%EV बैटरी
सीजियम12%3%एटॉमिक क्लॉक
रुबिडियम15%4%मेडिकल इमेजिंग
जिरकोनियम10%2%न्यूक्लियर रिएक्टर

क्यों जरूरी था ये फैसला?

ये चारों खनिज ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए बैकबोन हैं। अभी भारत 90% आयात करता है। रॉयल्टी कम होने से माइनिंग कंपनियां भारत में इन्वेस्ट करेंगी।

क्या होगा फायदा?

  • EV बैटरी 15% सस्ती
  • सोलर पैनल प्रोडक्शन डबल
  • न्यूक्लियर एनर्जी में आत्मनिर्भरता
  • 12 लाख+ नई जॉब्स (2026 तक)

हरित ऊर्जा में भारत वर्ल्ड लीडर बनेगा। निर्यात प्रोत्साहन मिशन इन प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट में पुश करेगा।

घरेलू माइनिंग को बूस्ट

अब छोटी माइनिंग कंपनियां भी इन खनिजों की खुदाई कर सकेंगी। लाइसेंस प्रोसेस 6 महीने से 45 दिन में। स्टेट गवर्नमेंट्स को एक्स्ट्रा रेवेन्यू। लोकल इकॉनमी बूम।

निर्यात प्रोत्साहन मिशन से जुड़ने का तरीका

स्टेप 1: रजिस्ट्रेशन

  • DGFT वेबसाइट पर जाएं
  • IEC नंबर डालें
  • बिजनेस कैटेगरी चुनें

स्टेप 2: डॉक्यूमेंट्स

  • GST रिटर्न्स
  • पिछले 2 साल का एक्सपोर्ट डेटा
  • प्रोडक्ट कैटलॉग

स्टेप 3: बेनिफिट्स क्लेम

  • सब्सिडी, लोन, मार्केट इंटेल – सब ऑटोमेटेड

प्रो टिप: पहले 1000 रजिस्ट्रेशन पर फ्री कंसल्टेंसी।

निर्यात प्रोत्साहन मिशन में आज ही जुड़ें।

मेड इन इंडिया की ग्लोबल जर्नी: सफलता की कहानियां

केस स्टडी 1: गुजरात का सोलर एक्सपोर्टर

  • पहले: ₹8 करोड़ टर्नओवर
  • निर्यात प्रोत्साहन मिशन जॉइन करने के बाद: ₹45 करोड़
  • मार्केट: जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया

केस स्टडी 2: तमिलनाडु की टेक्सटाइल यूनिट

  • 800 मजदूर
  • ऋण गारंटी योजना से ₹12 करोड़ लोन
  • अब USA, UK को सप्लाई

नरेंद्र मोदी का विजन, आम आदमी का मिशन।

निष्कर्ष: भारत अब एक्सपोर्ट किंग बनेगा

निर्यात प्रोत्साहन मिशन, निर्यातकों के लिए ऋण गारंटी योजना और खनिज रॉयल्टी कटौती – ये तीनों मिलकर भारत को ग्लोबल ट्रेड का सुपरस्टार बनाएंगे। छोटा कारोबारी हो या बड़ा प्लेयर, गांव का कारीगर हो या शहर का स्टार्टअप – सबको मौका। पीएम मोदी की मेहनत से 2030 तक भारत टॉप-3 एक्सपोर्टिंग नेशन होगा।

जय हिंद! जय भारत!
मेड इन इंडिया अब दुनिया की पहली पसंद बनेगा। निर्यात प्रोत्साहन मिशन में आज ही जुड़ें और अपने बिजनेस को ग्लोबल बनाएं।

कमेंट में बताएं – आपका बिजनेस किस सेक्टर में है?

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