🔥 ट्रेंडिंग न्यूज़:
यूपी सीएम यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज की मीटिंग में कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश दिएदिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च की ‘महिला सशक्तिकरण योजना 2026’: 10 लाख महिलाओं को मिलेगा रोजगार प्रशिक्षणकेंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदमयूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: कहीं जश्न तो कहीं मायूसी, दिल्ली में बुद्धिजीवियों ने जताई चिंताराष्ट्रीय लोकदल महिला प्रकोष्ठ का बड़ा अधिवेशन: 1 फरवरी को ग्रेटर नोएडा में हजारों महिलाएं होंगी शामिल, सशक्तिकरण और नेतृत्व पर फोकसउच्च शिक्षा संस्थान: विषमता के टापू बनते जा रहे हैं हमारे विश्वविद्यालययूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात: हरित हाइड्रोजन और सांस्कृतिक सहयोग पर जोररेखा गुप्ता ने गणतंत्र दिवस पर झुग्गी-बस्तियों के लिए 327 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया
Wednesday, 04 Feb 2026

वाराणसी में सर्दी के साथ मच्छरों का कहर: 10 लाख खर्च के बाद भी नहीं राहत, लोग परेशान

Mosquito Menace Varanasi

वाराणसी। नवंबर का महीना चल रहा है, तापमान 15-18 डिग्री तक गिर चुका है, लेकिन कंबल ओढ़ने की बजाय लोग मच्छरदानी लगाने को मजबूर हैं। शहर के हर कोने में मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि रात को सोना मुश्किल हो रहा है। खासकर नवविस्तारित कॉलोनियों – कैंट क्षेत्र, सिगरा, लंका, भेलूपुर, दशाश्वमेध, नई सड़क, मलदहिया और ट्रांस-वरुणा इलाकों में हालात सबसे खराब हैं।

नगर निगम ने इस साल मच्छर नियंत्रण के लिए 10 लाख रुपये का अलग बजट रखा था, लेकिन जमीन पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। हर वार्ड में फॉगिंग मशीन दी गई, 50 हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए, पार्षदों को जिम्मेदारी सौंपी गई – फिर भी मच्छरों की तादाद दिन-दूनी रात-चौगुनी बढ़ रही है।

क्यों बढ़ रहे हैं मच्छर सर्दी में भी?

मलेरिया विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इस बार वजहें कई हैं:

  • बारिश के बाद खाली प्लॉटों, निर्माण स्थलों और नालियों में पानी जमा रहा
  • गंदे पानी में एडीज और एनाफिलीज दोनों तरह के मच्छरों का लार्वा पनप रहा
  • ठंड बढ़ने से मच्छरों की उम्र बढ़ जाती है, वे ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं
  • फॉगिंग केमिकल पुराना और कम प्रभावी हो गया

पिछले 15 दिनों में ही शहर में डेंगू के 28 कन्फर्म केस और मलेरिया के 42 संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं।

नगर निगम की कोशिशें – कागजों में ही दमदार

किया गया कामहकीकत जमीन पर
10 लाख का बजटज्यादातर खर्च डीजल-पेट्रोल में
हर वार्ड में फॉगिंग मशीनकई मशीनें खराब, ऑपरेटर गायब
50 हॉटस्पॉट चिह्नितसिर्फ 12 में नियमित फॉगिंग
2 लीटर डीजल + 2 लीटर पेट्रोल/वार्डकई पार्षद शिकायत कर रहे – सप्लाई नहीं
नया केमिकल इस्तेमालपुराना स्टॉक खत्म होने के बाद ही आएगा

अब ये नए कदम उठाए गए हैं

  1. टोल-फ्री नंबर 1533
    मच्छरों की शिकायत के लिए अलग से हेल्पलाइन। कॉल करते ही छोटी गाड़ी या हैंड फॉगिंग मशीन भेजी जाएगी।
  2. तीन ड्रोन तैयार
    मलेरिया विभाग की बैठक में फैसला – ऊंची बिल्डिंगों, तंग गलियों और जलजमाव वाले प्लॉटों में ड्रोन से दवा छिड़काव होगा। पहला ड्रोन 25 नवंबर से उड़ेगा।
  3. नया केमिकल मंगाया गया
    अब मेलाथियान की जगह टेमिफॉस और बीटीआई का इस्तेमाल होगा जो लार्वा को 90% तक मारता है।
  4. जोनल अधिकारियों पर सख्ती
    नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी जोनल अधिकारियों को रोजाना रिपोर्ट देने को कहा है। लापरवाही पर सस्पेंशन की चेतावनी।

लोगों का गुस्सा – “पैसे का दुरुपयोग हो रहा”

सिगरा की रहने वाली रेखा गुप्ता कहती हैं,
“रात को बच्चे मच्छरों से परेशान होकर रोते हैं। 1533 पर कॉल किया तो बोले – टीम भेजी जाएगी। 4 दिन हो गए, कोई नहीं आया।”

लंका की एक सोसाइटी में तो लोगों ने खुद पैसे जोड़कर प्राइवेट फॉगिंग कराई। एक निवासी बोले,
“नगर निगम का बजट कहां गया? हमें तो खुद के पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।”

मलेरिया विभाग की चेतावनी

मुख्य मलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता ने कहा,
“अगर अभी नियंत्रण नहीं किया गया तो दिसंबर-जनवरी में डेंगू और मलेरिया के केस दोगुने हो सकते हैं। पानी जमा न होने दें, पूर्ण बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी लगाएं।”

आगे की योजना

  • 25 नवंबर से ड्रोन फॉगिंग शुरू
  • हर रविवार को मेगा फॉगिंग ड्राइव
  • खाली प्लॉट मालिकों पर 5000 रुपये तक जुर्माना
  • सभी स्कूलों में जागरूकता अभियान

फिर भी सवाल वही है – 10 लाख रुपये खर्च होने के बाद भी वाराणसी को मच्छरों से राहत कब मिलेगी?

आपके इलाके में मच्छरों की क्या स्थिति है? 1533 पर कॉल करके देखा? अपना अनुभव कमेंट में जरूर बताएं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *