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Wednesday, 04 Feb 2026

‘संविधान की शक्ति ने साधारण व्यक्ति को पीएम बनाया’, संविधान दिवस पर पीएम मोदी का भावुक पत्र – पूरा पत्र, मुख्य बातें और सोशल मीडिया रिएक्शन

नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025. हर साल 26 नवंबर को मनाया जाने वाला संविधान दिवस इस बार और भी खास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों के नाम एक भावुक और प्रेरणादायक ओपन लेटर लिखा। इस पत्र में पीएम ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे भारतीय संविधान की ताकत ने एक साधारण चाय बेचने वाले लड़के को देश का प्रधानमंत्री बनाने का रास्ता दिखाया। साथ ही उन्होंने 2047 के विकसित भारत के सपने को संविधान की भावना से जोड़ा और हर नागरिक से अपने कर्तव्यों को याद करने की अपील की।

पत्र में पीएम मोदी ने 2014 में पहली बार संसद की सीढ़ियों को माथा टेकने और 2019 में सेंट्रल हॉल में संविधान को माथे से लगाने के अपने भावुक पलों को याद किया। यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और #संविधान_दिवस, #PMModiLetter ट्रेंड कर रहे हैं। आइए पढ़ते हैं पत्र की पूरी डिटेल, मुख्य बातें और देशभर से आ रहे रिएक्शन।

पीएम मोदी का पूरा पत्र: ‘संविधान ने मुझे साधारण पृष्ठभूमि से देश का मुखिया बनाया’

पत्र की शुरुआत – संविधान के प्रति श्रद्धा

प्रिय देशवासियों,

आज 26 नवंबर, संविधान दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई।
2015 में हमारी सरकार ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के सम्मान में 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया था। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान हमें कितनी बड़ी ताकत देता है।

मेरा निजी अनुभव: साधारण परिवार से प्रधानमंत्री तक

“हमारे संविधान की यही ताकत है कि एक साधारण, आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के व्यक्ति को 24 वर्ष से अधिक समय तक लगातार देश की सेवा करने का अवसर मिला। मुझे आज भी 2014 का वह पल याद है जब मैं पहली बार संसद भवन पहुंचा और लोकतंत्र के इस सबसे बड़े मंदिर की सीढ़ियों को माथा टेककर प्रणाम किया।
2019 में जब दोबारा जनादेश मिला तो सेंट्रल हॉल में संविधान की प्रतिमूर्ति के सामने सिर झुकाया और इसे माथे से लगाया। यह संविधान ही है जिसने मुझ जैसे करोड़ों भारतवासियों को आगे बढ़ने का सामर्थ्य दिया।”

इस साल का संविधान दिवस क्यों खास?

इस वर्ष संविधान दिवस कई ऐतिहासिक अवसरों के साथ जुड़ा हुआ है:

  • सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती
  • भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती
  • ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष
  • श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत सालगिरह

ये सभी हमें संविधान के अनुच्छेद 51A में वर्णित मौलिक कर्तव्यों की याद दिलाते हैं।

2047 का विकसित भारत और हमारी जिम्मेदारी

“इस सदी के 25 वर्ष बीत चुके हैं। अब सिर्फ दो दशक बाद 2047 में हम आजादी के 100 वर्ष पूरे करेंगे और 2049 में हमारे संविधान को अपनाए एक सदी हो जाएगी।
आज जो नीतियां बन रही हैं, जो निर्णय लिए जा रहे हैं, वे आने वाली पीढ़ियों की जिंदगी तय करेंगे। इसलिए हर नागरिक का कर्तव्य सबसे पहले होना चाहिए।”

युवाओं से अपील – वोट की ताकत को समझें

पीएम मोदी ने स्कूल-कॉलेजों से अपील की कि 18 साल पूरा होने पर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का सम्मान करें। “इससे हमारे युवा जिम्मेदारी और गर्व दोनों महसूस करेंगे।”

पत्र का अंतिम संदेश

“आइए, हम सब मिलकर फिर से प्रण लें कि हम इस महान राष्ट्र के नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का पूर्ण निर्वहन करेंगे और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।”

जय हिंद!
आपका,
नरेंद्र मोदी

पीएम मोदी के पत्र की 10 मुख्य बातें (Quick Summary)

  1. संविधान की ताकत ने साधारण पृष्ठभूमि के व्यक्ति को 24+ साल देश की सेवा का मौका दिया
  2. 2014 में संसद की सीढ़ियों को माथा टेका, 2019 में संविधान को माथे से लगाया
  3. 2015 में 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया गया
  4. इस साल सरदार पटेल, बिरसा मुंडा, वंदे मातरम की 150वीं और गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं सालगिरह
  5. अनुच्छेद 51A के मौलिक कर्तव्यों पर जोर
  6. 2047 में आजादी के 100 साल, 2049 में संविधान की सदी
  7. आज के फैसले आने वाली पीढ़ियों की जिंदगी तय करेंगे
  8. युवाओं से पहली बार वोट डालने वालों का सम्मान करने की अपील
  9. हर नागरिक कर्तव्य को सर्वोपरि माने
  10. विकसित भारत के लिए फिर से संकल्प लें

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा पीएम का पत्र – टॉप रिएक्शन

X (Twitter) पर ट्रेंडिंग

  • #संविधान_दिवस – 4.2 मिलियन पोस्ट
  • #PMModiLetter – 2.8 मिलियन पोस्ट
  • #ViksitBharat – 1.5 मिलियन पोस्ट

सेलिब्रिटी और नेताओं के रिएक्शन

  • अमित शाह: “संविधान सिर्फ कानून की किताब नहीं, करोड़ों भारतीयों की आशा-आकांक्षा का दस्तावेज है।”
  • जेपी नड्डा: “एक चायवाले को PM बनाने वाला संविधान ही दुनिया का सबसे जीवंत संविधान है।”
  • कंगना रनौत: “संविधान ने सपनों को पंख दिए। जय हिंद 🇮🇳”
  • अनुपम खेर: “आज का पत्र पढ़कर आंखें भर आईं। यह संविधान ही है जिसने भारत को भारत बनाया।”

आम जनता के टॉप कमेंट

  • “एक साधारण परिवार का बच्चा 11 साल से PM है – यही संविधान की ताकत है 🔥”
  • “2014 की सीढ़ी वाला पल और 2019 में संविधान को माथे लगाना – भावुक कर दिया 🇮🇳”
  • “वंदे मातरम के 150 साल और संविधान दिवस एक साथ – इससे खूबसूरत संयोग क्या हो सकता है?”
  • “युवाओं से पहली बार वोट डालने वालों का सम्मान करने की अपील – गजब का आइडिया!”

संविधान दिवस 2025: देशभर में कैसे मनाया जा रहा?

  • संसद में विशेष सत्र
  • सभी सरकारी दफ्तरों में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ
  • स्कूल-कॉलेजों में ‘मौलिक कर्तव्य’ पर निबंध-चित्रकला प्रतियोगिता
  • डिजिटल इंडिया थीम पर ‘संविधान ऐप’ लॉन्च
  • रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट पर संविधान की प्रस्तावना का डिस्प्ले

पीएम मोदी का X पोस्ट (पूरा टेक्स्ट)

“संविधान दिवस पर, हम अपने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनका विजन हमें विकसित भारत की ओर प्रेरित करता है। हमारा संविधान मानवीय गरिमा, समानता और स्वतंत्रता को सर्वोच्च स्थान देता है। यह हमें अधिकार देता भी है और कर्तव्य भी याद दिलाता है। आइए, संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करने का संकल्प लें।
जय हिंद! 🇮🇳”

(यह पोस्ट 5 घंटे में 8 लाख लाइक्स और 2.5 लाख रीट्वीट्स पार कर चुका है)

निष्कर्ष: संविधान सिर्फ किताब नहीं, जीवंत सपना है

पीएम मोदी का यह पत्र सिर्फ एक औपचारिक संदेश नहीं, बल्कि एक साधारण भारतीय की सफलता गाथा है जो संविधान की बदौलत आज दुनिया के सबसे शक्तिशाली पद पर है। यह पत्र हर उस युवा को प्रेरित करता है जो अपने सपनों को सच करने की राह पर है।

आपको पीएम मोदी का यह पत्र कैसा लगा? क्या आपको लगता है कि संविधान की ताकत ने सचमुच भारत को बदला है? कमेंट में जरूर बताएं।

जय हिंद! जय संविधान! 🇮🇳

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