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Wednesday, 04 Feb 2026

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025: योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि, मायावती ने रद्द की रैली, सपा नाराज – संविधान की उद्देशिका को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025

लखनऊ, 6 दिसंबर 2025डॉ. भीमराव आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 पर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा कार्यालय में बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की, जबकि बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने नोएडा रैली रद्द कर दी। समाजवादी पार्टी (SP) ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर नाराजगी जताई।

डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने योगी से मुलाकात कर संविधान की उद्देशिका को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की। योगी ने SP पर निशाना साधा, जबकि मायावती ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया। यह दिवस संविधान निर्माता बाबा साहब की विरासत को याद करने का अवसर है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी ने इसे रंगीन बना दिया। आइए, आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 की घटनाओं, बयानों और महत्व पर विस्तार से जानें। (शब्द: 152)

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025: योगी आदित्यनाथ ने अर्पित की श्रद्धांजलि – कार्यक्रम का भव्य आयोजन

हजरतगंज में श्रद्धांजलि सभा: बौद्ध भिक्षुओं का बुद्ध वंदना पाठ

डॉ. भीमराव आंबेडकर का महापरिनिर्वाण दिवस हर साल 6 दिसंबर को मनाया जाता है, जो 1956 में उनके निधन को याद करता है। लखनऊ के हजरतगंज स्थित आंबेडकर महासभा कार्यालय में शनिवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ बौद्ध भिक्षुओं द्वारा बुद्ध वंदना और त्रिशरण पंचशील के पाठ से हुआ। योगी ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया और कहा, “डॉ. आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से भारत को समानता और न्याय का आधार दिया। उनकी विरासत को मजबूत करना हमारा कर्तव्य है।”

आंबेडकर महासभा के सदस्यों ने योगी का स्वागत किया। कार्यक्रम में संविधान की प्रति भेंट की गई, जो डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने पहले योगी को सौंपी थी। यह सभा दलित और पिछड़े वर्गों के बीच भाजपा की पैठ मजबूत करने का प्रयास भी लगी। योगी ने कहा, “आंबेडकर जी के विचारों को लागू करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।”

B. R. Ambedkar – संविधान के शिल्पकार।

संविधान की उद्देशिका को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग

डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने शुक्रवार को योगी से मुलाकात की। उन्होंने संविधान की प्रति भेंट करते हुए कहा, “सरकारी पाठ्यक्रमों में संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकार, कर्तव्य, नीति निर्देशक तत्व, संघीय ढांचा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता जैसे विषयों को अनिवार्य बनाएं।” निर्मल ने जोर दिया कि युवाओं को बाबा साहब के विचारों से परिचित कराना जरूरी है।

योगी ने इस मांग का समर्थन किया और शिक्षा विभाग को निर्देश देने का आश्वासन दिया। निर्मल ने कहा, “यह कदम आंबेडकर जी के सपनों को साकार करेगा।”

Constitution of India – उद्देशिका का महत्व।

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 पर योगी का SP पर हमला: अखिलेश यादव पर निशाना

सपा के आरक्षण विरोधी रवैये पर प्रहार

योगी ने श्रद्धांजलि सभा में SP अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “सपा और उसके मुखिया शुरू से ही आरक्षण और दलितों के मसीहा डॉ. आंबेडकर के विरोधी रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते अखिलेश ने दलित कर्मचारियों की प्रोन्नति में आरक्षण खत्म किया और दो लाख दलितों को पदावनत कर अपमानित किया। अब वोट के लिए वे आंबेडकर की बात करने लगे हैं।”

योगी ने SP के इतिहास का जिक्र किया – मुलायम सिंह यादव के समय OBC आरक्षण पर विवाद और अखिलेश के कार्यकाल में SC/ST एक्ट कमजोर करने के आरोप। यह बयान 2027 यूपी चुनावों से पहले दलित वोट बैंक पर BJP की रणनीति का हिस्सा लगता है। SP ने इसे “राजनीतिक बयानबाजी” बताया।

Samajwadi Party – योगी का निशाना।

SP की नाराजगी: कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस

SP ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम की अनुमति न मिलने पर नाराजगी जताई। प्रदेश मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद आर.के. चौधरी ने कहा, “अखिलेश यादव को संबोधित करने वाला यह कार्यक्रम BJP के दबाव में रद्द कर दिया गया। यह अलोकतांत्रिक और बाबा साहब के प्रति दुर्भावना है। हम जनता के बीच जाकर हर जगह दिवस मनाएंगे।”

प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा, “भाजपा सिर्फ वोट के लिए आंबेडकर का नाम लेती है। संविधान गरीबों-वंचितों का हथियार है।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, समाजवादी बाबा साहब आंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती और महासचिव राम बाबू सुदर्शन मौजूद रहे। SP ने इसे “भाजपा की साजिश” करार दिया।

Indira Gandhi – SP का केंद्र।

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025: मायावती ने रद्द की नोएडा रैली – सुरक्षा का हवाला

मायावती का फैसला: कार्यकर्ताओं की असुविधा से रद्द

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने नोएडा में प्रस्तावित रैली रद्द कर दी। अपने आवास पर ही बाबा साहब को श्रद्धासुमन अर्पित किया। मायावती ने बयान जारी कर कहा, “महापुरुषों की जयंती-परिनिर्वाण दिवस पर बहुजन समाज के संतों-गुरुओं के स्मारकों पर भीड़ उमड़ती है। मेरी सुरक्षा व्यवस्था से कार्यकर्ताओं और परिवारों को असुविधा होती है। इसलिए रैली रद्द।”

यह फैसला BSP की रणनीति का हिस्सा लगता है – 2027 यूपी चुनावों से पहले दलित-मुस्लिम गठबंधन मजबूत करने का प्रयास। मायावती ने कहा, “बाबा साहब के विचारों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।”

Mayawati – BSP की सुप्रीमो।

BSP की रणनीति: दलित एकजुटता पर फोकस

मायावती का यह कदम BSP को ग्रासरूट स्तर पर मजबूत करने का प्रयास है। 2024 लोकसभा में BSP का शून्य रहा, लेकिन 2027 में दलित वोट बैंक पर दांव। रैली रद्द करने से कार्यकर्ताओं में असंतोष हो सकता है, लेकिन मायावती इसे “जनहित” बता रही हैं।

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 का महत्व: संविधान और सामाजिक न्याय की याद

बाबा साहब की विरासत: परिनिर्वाण दिवस का संदेश

डॉ. आंबेडकर का परिनिर्वाण 6 दिसंबर 1956 को हुआ। यह दिवस संविधान निर्माता की समानता, न्याय और आरक्षण की लड़ाई को याद करता है। 2025 में यह दिवस राजनीतिक रंग ले लिया – BJP ने सामाजिक न्याय पर जोर दिया, जबकि SP-BSP ने इसे वोट बैंक का मुद्दा बनाया।

EFCC जैसी संस्थाओं ने पर्यावरण से जोड़कर नया आयाम दिया, लेकिन मुख्य फोकस संविधान पर रहा। निर्मल की मांग पाठ्यक्रम में उद्देशिका शामिल करने की है, जो युवाओं को बाबा साहब से जोड़ेगी।

Mahaparinirvan Diwas – आंबेडकर की अमर विरासत।

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 FAQ: प्रमुख सवालों के जवाब

Q1: आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस कब मनाया जाता है?

A: 6 दिसंबर – 1956 में बाबा साहब के निधन की तिथि।

Q2: योगी ने SP पर क्या आरोप लगाया?

A: अखिलेश यादव ने दलित प्रोन्नति आरक्षण खत्म किया और 2 लाख दलितों को पदावनत किया।

Q3: मायावती ने रैली क्यों रद्द की?

A: सुरक्षा व्यवस्था से कार्यकर्ताओं की असुविधा – आवास पर ही श्रद्धांजलि।

Q4: निर्मल ने योगी से क्या मांग की?

A: संविधान की उद्देशिका, मौलिक अधिकार-कर्तव्य को पाठ्यक्रम में शामिल करें।

Q5: SP ने अनुमति न मिलने पर क्या कहा?

A: BJP की साजिश – हर जगह दिवस मनाएंगे।

Q6: आंबेडकर महासभा का कार्यक्रम कैसा था?

A: बौद्ध भिक्षुओं के वंदना से शुरू, योगी मुख्य अतिथि।

Q7: 2027 चुनाव में इसका क्या असर?

A: दलित वोट बैंक पर BJP-SP-BSP का दांव।

Q8: परिनिर्वाण दिवस का महत्व क्या है?

A: बाबा साहब की समानता-न्याय की विरासत को याद करना।

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 – राजनीति और विरासत का संगम

आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस 2025 ने संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय पर बहस छेड़ दी। योगी की श्रद्धांजलि, मायावती का फैसला और SP की नाराजगी – सब बाबा साहब की विरासत से जुड़े। निर्मल की मांग युवाओं को जोड़ेगी। deshkipatrika पर और पढ़ें: संविधान दिवस 2025।

क्या योगी का SP पर हमला सही था? कमेंट बताएं।

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