विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ओमान यात्रा के दौरान भारत‑ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को अंतिम रूप दिए जाने की प्रबल संभावना है। यह चार दिन की विदेश यात्रा जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान पर केंद्रित होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यापार, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है।
भारत‑ओमान CEPA: आर्थिक रिश्तों में नया अध्याय
विदेश मंत्रालय के सचिव अरुण चटर्जी के अनुसार, दोनों देशों की टीमें भारत‑ओमान सीईपीए को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के लिए लगातार काम कर रही हैं और भारत इस समझौते को लेकर बेहद आशावादी है। यदि यह समझौता पीएम मोदी की ओमान यात्रा के दौरान साइन हो जाता है, तो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में नया अध्याय खुलेगा और व्यापार, निवेश व सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे।
वित्त वर्ष 2024‑25 में भारत‑ओमान का आपसी व्यापार लगभग 10.61 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, जिसमें ऊर्जा, उर्वरक, खाद्य उत्पाद और मैन्युफैक्चरिंग प्रमुख क्षेत्र हैं। ओमान, खाड़ी क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण सामरिक और आर्थिक साझेदार माना जाता है।
भारत‑ओमान आर्थिक रिश्तों का त्वरित सार
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| द्विपक्षीय व्यापार (2024‑25) | लगभग 10.61 अरब डॉलर |
| भारत से प्रमुख निर्यात | पेट्रोलियम उत्पाद, चावल, मशीनरी, इस्पात |
| ओमान से प्रमुख आयात | पेट्रोलियम, एलएनजी, उर्वरक |
| प्रमुख सेक्टर | ऊर्जा, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग |
जगुआर लड़ाकू विमानों के स्पेयर पार्ट्स पर ओमान की पेशकश
ओमान की वायुसेना द्वारा अपने जगुआर लड़ाकू विमानों को सेवानिवृत्त किए जाने के बाद उनके स्पेयर पार्ट्स भारत को देने को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, शुरुआती मीडिया रिपोर्टों का कुछ हिस्सा सटीक नहीं था, लेकिन यह साफ़ किया गया कि ओमान उपलब्ध जगुआर स्पेयर पार्ट्स भारत को देने के लिए इच्छुक है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्पेयर पार्ट्स की आपूर्ति से भारतीय वायुसेना अपने मौजूदा जगुआर बेड़े की ऑपरेशनल क्षमता को अधिक समय तक बनाए रख सकेगी। यह विमान लंबे समय से भारतीय स्ट्राइक फ्लीट का अहम हिस्सा रहे हैं और स्पेयर सपोर्ट मिलने से उनकी सर्विसिंग और मरम्मत आसान हो जाएगी।
जगुआर स्पेयर पार्ट्स डील: मुख्य बिंदु
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| ओमान की स्थिति | जगुआर बेड़ा सेवानिवृत्त |
| भारत के लिए लाभ | मौजूदा जगुआर विमानों के रखरखाव में मदद |
| संभावित असर | स्ट्राइक क्षमता मजबूत, स्पेयर की कमी दूर |
व्यापार और रक्षा संबंधों की मजबूती
भारत और ओमान के बीच व्यापार के साथ‑साथ रक्षा और सामरिक सहयोग भी लगातार गहरा हो रहा है। द्विपक्षीय व्यापार में ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, खाद्य सुरक्षा, लॉजिस्टिक और मैन्युफैक्चरिंग प्रमुख स्तंभ हैं, जबकि रक्षा क्षेत्र में नौसैनिक अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उच्च स्तरीय विज़िट नियमित रूप से होते रहे हैं।
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, पायरेसी रोधी गश्त, लॉजिस्टिक सपोर्ट और पोर्ट एक्सेस जैसे मुद्दों पर दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। यह सहयोग न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी योगदान देता है।
पीएम मोदी की तीन देशों की यात्रा का पूरा शेड्यूल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 18 दिसंबर तक जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा पश्चिम एशिया, अफ्रीका और खाड़ी क्षेत्रों में भारत की सक्रिय कूटनीति को मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है।
यात्रा कार्यक्रम (संक्षेप में)
| चरण | देश | तिथि | मुख्य फोकस |
|---|---|---|---|
| पहला चरण | जॉर्डन | 15‑16 दिसंबर | राजा अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात, क्षेत्रीय मुद्दे, भारतीय समुदाय से संवाद, पेट्रा का दौरा |
| दूसरा चरण | इथियोपिया | 16‑17 दिसंबर | पीएम अबिय अहमद अली से मुलाकात, व्यापार, निवेश, कृषि, खनन, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग पर चर्चा |
| तीसरा चरण | ओमान | 17‑18 दिसंबर | भारत‑ओमान CEPA, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, भारतीय समुदाय से संवाद |
जॉर्डन में पीएम मोदी राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और वेस्ट एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे। इथियोपिया में यह उनका पहला दौरा होगा, जहां वे अफ्रीका में व्यापार, निवेश, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि सहित कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर बात करेंगे।
ओमान चरण के दौरान भारत‑ओमान CEPA, ऊर्जा सप्लाई, रक्षा सहयोग, प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दे और नई निवेश संभावनाएं एजेंडा के केंद्र में रहने की संभावना है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. भारत‑ओमान CEPA क्या है?
भारत‑ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) एक ऐसा आर्थिक समझौता है, जिसके तहत सामान और सेवाओं पर टैरिफ में कमी या समाप्ति, निवेश बढ़ाने और आर्थिक सहयोग गहरा करने का प्रावधान होगा।
2. CEPA पर हस्ताक्षर कब हो सकते हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत इस समझौते को पीएम मोदी की ओमान यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिए जाने को लेकर बेहद आशावादी है, यानी 17‑18 दिसंबर के दौरान हस्ताक्षर की संभावना है।
3. भारत‑ओमान व्यापार कितना है?
वित्त वर्ष 2024‑25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.61 अरब डॉलर रहा है, जिसमें ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल प्रमुख घटक हैं।
4. जगुआर स्पेयर पार्ट्स डील में क्या है?
ओमान ने अपने सेवानिवृत्त जगुआर विमानों से निकाले जा सकने वाले उपयोगी स्पेयर पार्ट्स भारत को देने की इच्छा जताई है, ताकि भारतीय वायुसेना अपने जगुआर बेड़े को बेहतर तरीके से संचालित कर सके।
5. पीएम मोदी किन देशों की यात्रा पर जा रहे हैं?
प्रधानमंत्री मोदी 15 से 18 दिसंबर के दौरान जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की यात्रा करेंगे, जो चार दिन की त्रि‑देशीय यात्रा है।
6. जॉर्डन दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
जॉर्डन में राजा अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात, क्षेत्रीय सुरक्षा और वेस्ट एशिया के मुद्दों पर विमर्श, साथ ही भारतीय समुदाय से संवाद और पेट्रा जैसे ऐतिहासिक स्थल का दौरा शामिल है।
7. इथियोपिया में किस पर फोकस होगा?
इथियोपिया में व्यापार, निवेश, कृषि, खनन, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।
8. ओमान दौरे में प्रमुख एजेंडा क्या होगा?
ओमान चरण में भारत‑ओमान CEPA, ऊर्जा आपूर्ति, रक्षा सहयोग, प्रवासी भारतीयों के मुद्दे और नई निवेश संभावनाएं मुख्य एजेंडा होंगी।
