नई दिल्ली, 21 दिसंबर 2025। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक अप्रत्याशित फैसला लेते हुए बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ ही नितिन नबीन मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की जगह पार्टी की कमान संभालेंगे। BJP ने इसे बिहार में पार्टी की मजबूती और राष्ट्रीय स्तर पर नई रणनीति का हिस्सा बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस फैसले पर सवाल उठ रहे हैं कि नितिन नबीन को ही क्यों चुना गया, जब नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर और अनुराग ठाकुर जैसे वरिष्ठ नेता उपलब्ध थे।
नितिन नबीन का राजनीतिक प्रोफाइल
नितिन नबीन बिहार BJP के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। वे पार्टी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं और बिहार से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता। उनकी शिक्षा 12वीं तक है और वे कायस्थ समुदाय से आते हैं, जिसका वोट बैंक राज्य में सीमित माना जाता है।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| पद | बिहार सरकार में मंत्री; अब BJP राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष |
| उम्र | सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय स्तर के अध्यक्ष |
| शिक्षा | 12वीं पास |
| जाति | कायस्थ |
| राजनीतिक पृष्ठभूमि | बिहार चुनाव में BJP की जीत में योगदान; राष्ट्रीय स्तर पर कम जाना-पहचाना नाम |
| नियुक्ति की तारीख | दिसंबर 2025 |
BJP सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन की नियुक्ति बिहार में पार्टी की हालिया सफलता का इनाम है और यह पूर्वी भारत में संगठन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
बड़े नाम क्यों पीछे रह गए?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला कई मायनों में अप्रत्याशित था। नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर और अनुराग ठाकुर जैसे दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में थे, लेकिन अंतिम चयन नितिन नबीन पर हुआ। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह संगठन का आंतरिक फैसला है। बिहार में मिली जीत के बाद राज्य को महत्व देना स्वाभाविक है।”
हालांकि, कुछ सूत्रों का दावा है कि यह नियुक्ति 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी से जुड़ी है। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में बिहार मॉडल को दोहराने की रणनीति हो सकती है।
योगी आदित्यनाथ पर असर की अटकलें
राजनीतिक हलकों में एक और चर्चा गर्म है कि क्या यह फैसला उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को केंद्रित करने की कोशिश है? हालिया लोकसभा चुनाव में UP से BJP को अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी, जिसके लिए उम्मीदवार चयन में केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका पर सवाल उठे थे। कुछ विश्लेषक इसे योगी के बढ़ते कद को संतुलित करने की कवायद बता रहे हैं। UP में पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद भी इसी तरह की अटकलें लगाई गई थीं।
पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया
BJP के प्रवक्ता ने कहा, “नितिन नबीन की नियुक्ति पार्टी की नई पीढ़ी को अवसर देने और क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में उठाया गया कदम है। यह किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने के लिए है।”
विपक्ष ने इसे “अनुभवहीन नेतृत्व” करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज कर ऐसे फैसले पार्टी के अंदरूनी मतभेद को उजागर कर रहे हैं।”
आगे क्या?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में UP कैबिनेट में फेरबदल और अन्य राज्यों में संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 2027 के चुनावों से पहले BJP अपनी रणनीति को नई दिशा दे रही है, और नितिन नबीन की नियुक्ति उसी कड़ी का हिस्सा है।
यह फैसला पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेगा या नए विवादों को जन्म देगा, यह समय बताएगा। आप इस नियुक्ति को कैसे देखते हैं? कमेंट में अपनी राय जरूर दें।
