लखनऊ, 22 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने के लिए अनुपूरक बजट में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 3500 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। यह कदम मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और आमजन तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को यह अतिरिक्त राशि स्वास्थ्य योजनाओं को नई गति देने के साथ-साथ प्रदेश की समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था को लंबे समय तक मजबूत करने का संकेत देती है।
आयुष्मान भारत योजनाओं को मिली नई ताकत
योगी सरकार ने आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित और भविष्य में आने वाले चिकित्सा दावों के भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया है। इससे सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों को समय पर भुगतान मिलेगा, जिससे मरीजों को बिना किसी रुकावट के इलाज उपलब्ध हो सके।
इसके अलावा, आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों के लंबित दावों के भुगतान के लिए सबसे बड़ा प्रावधान 1200 करोड़ रुपये का किया गया है। यह कदम गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का निशुल्क कैशलेस इलाज निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने में सहायक साबित होगा।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा बूस्ट
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अनुपूरक बजट में 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। इस राशि से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और जिला अस्पतालों की सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा।
इसके साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण कार्यक्रम, पोषण सुधार, संक्रामक रोग नियंत्रण और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधाओं में भी सुधार होगा। योगी सरकार का यह प्रयास ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाने पर केंद्रित है।
योगी सरकार की प्राथमिकता: आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आयुष्मान भारत और एनआरएचएम जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। अनुपूरक बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को 3500 करोड़ का यह प्रावधान आमजन की सेहत को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश है। इससे न केवल अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि गरीब परिवारों को बिना आर्थिक बोझ के बेहतर इलाज मिल सकेगा।
यह बजट व्यवस्था प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगी और आने वाले समय में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने में मददगार साबित होगी। योगी सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
