नई दिल्ली, 25 दिसंबर 2025: पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती आज देशभर में श्रद्धा और प्रेरणा के साथ मनाई जा रही है। इसी खास मौके पर दिल्ली सरकार ने एक बेहद संवेदनशील और जनकल्याणकारी कदम उठाया। माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और दिल्ली सरकार में मंत्री श्री आशीष सूद की गरिमामयी उपस्थिति में राजधानी के नेहरू नगर (लाजपत नगर) सहित विभिन्न क्षेत्रों में ‘अटल कैंटीन’ का शुभारंभ किया गया।
यह योजना दिल्ली के मेहनतकश वर्ग, निर्माण मजदूरों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मचारियों और जरूरतमंदों के लिए एक बड़ा सहारा साबित होने वाली है। मात्र 5 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का संकल्प आज हकीकत में बदल गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर आज माननीय केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी की गरिमामयी उपस्थिति में नेहरू नगर सहित राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में अटल कैंटीन का शुभारंभ किया गया।”

अटल कैंटीन योजना: उद्देश्य और महत्व
‘अटल कैंटीन’ योजना दिल्ली सरकार की चुनावी घोषणा का हिस्सा थी, जिसे भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में वादा किया था। इसका मुख्य उद्देश्य है कि दिल्ली का कोई भी नागरिक भूखा न सोए। यह योजना तमिलनाडु की ‘अम्मा कैंटीन’ और हरियाणा की समान योजनाओं से प्रेरित है। सरकार ने 2025-26 के बजट में इसके लिए लगभग 100-118 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
आज पहले चरण में 45 अटल कैंटीन शुरू की गई हैं, जो मुख्य रूप से झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों, मजदूर बहुल इलाकों जैसे आरके पुरम, जंगपुरा, शालीमार बाग, ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन, नरेला और बवाना आदि में स्थापित की गई हैं। शेष 55 कैंटीन जल्द ही शुरू हो जाएंगी। कुल 100 कैंटीन दिल्ली भर में फैली होंगी।
प्रत्येक कैंटीन में दो समय (दोपहर और शाम) भोजन परोसा जाएगा। हर कैंटीन में रोजाना करीब 500-1000 लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर डिजिटल टोकन सिस्टम से भोजन वितरण होगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।

क्या-क्या मिलेगा 5 रुपये में?
थाली में शामिल होगा:
- दाल
- चावल
- 2-3 रोटी/चपाती
- सब्जी
- अचार
यह पूरी थाली पौष्टिक, स्वच्छ और FSSAI मानकों के अनुरूप तैयार की जाएगी। वास्तविक लागत करीब 30 रुपये है, लेकिन सरकार 25 रुपये की सब्सिडी दे रही है, जिससे उपभोक्ता को सिर्फ 5 रुपये चुकाने होंगे।
शुभारंभ समारोह की खास बातें
उद्घाटन समारोह में मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों ने स्वयं थाली का भोजन ग्रहण किया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पहली थाली का टोकन लिया, उसके बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने। यह दृश्य भावुक करने वाला था – एक तरफ पूर्व पीएम अटल जी की यादें, दूसरी तरफ गरीबों के लिए सरकार की संवेदनशीलता।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अटल जी को “युग पुरुष” कहते हुए कहा कि उनकी जयंती पर ऐसा कदम उठाना उनके जीवन दर्शन – गरीबी उन्मूलन और अंत्योदय – के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो से यात्रा कर कार्यक्रम में शामिल होने का भी फैसला किया, जो आम जनता से जुड़ाव का प्रतीक था।
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बताया कि यह योजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय सिद्धांत से प्रेरित है। “शहर बनाने वाले मजदूर, माताएं, बहनें और बुजुर्ग – ये सब दिल्ली के असली हीरो हैं। उन्हें सम्मानजनक जीवन मिलना सरकार की जिम्मेदारी है।”
अटल जी की विरासत को सलाम
अटल बिहारी वाजपेयी जी ने दिल्ली मेट्रो को 2002 में हरी झंडी दिखाई थी, जब देश में सिर्फ कोलकाता में मेट्रो थी। आज उनकी जयंती पर मेट्रो से यात्रा कर मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद किया। यह योजना अटल जी के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करती दिख रही है।
दिल्ली के लोगों के लिए यह दिन यादगार बन गया। जहां एक तरफ पूर्व पीएम की जयंती की भावुकता है, वहीं दूसरी तरफ गरीबों के लिए 5 रुपये में पौष्टिक भोजन का वादा पूरा होना। उम्मीद है कि यह योजना लाखों जरूरतमंदों तक पहुंचेगी और दिल्ली को “भूख मुक्त” बनाने में मदद करेगी।
