लखनऊ, 5 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पुलिस भर्ती के इच्छुक युवाओं के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। आज ही मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य सरकार ने यूपी पुलिस में कांस्टेबल स्तर की 32,679 पदों की भर्ती के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को एकमुश्त तीन साल की आयु छूट देने का ऐलान किया है। यह फैसला उन लाखों युवाओं के लिए राहत की सांस है, जो महामारी के कारण हुए विलंब और सख्त आयु सीमा के चलते अपनी तैयारी पर पानी बहते देख रहे थे।
यह घोषणा न केवल सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की मांग को पूरा करती है, बल्कि एससी, एसटी, ओबीसी समेत सभी श्रेणियों को लाभ पहुंचाएगी। बीजेपी के विधायकों और मंत्रियों की ओर से लंबे समय से उठ रही इस मांग पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। आइए, इस ऐलान की गहराई में उतरें और समझें कि यह युवाओं के भविष्य को कैसे नई दिशा देगा।
घोषणा की मुख्य बातें: क्या बदला, कैसे फायदा?
उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती के लिए आयु सीमा में छूट) नियमावली, 1992 के प्रावधानों के तहत लिया गया यह निर्णय यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा जारी 31 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के अनुरूप है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह छूट 2025 की प्रत्यक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए लागू होगी, जिसमें पुरुष और महिला कांस्टेबल (सिविल पुलिस), पीएसी कांस्टेबल, सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल, विशेष सुरक्षा बल कांस्टेबल, महिला बटालियन कांस्टेबल, माउंटेड पुलिस कांस्टेबल और जेल वार्डर (दोनों लिंगों के लिए) के पद शामिल हैं। कुल 32,679 रिक्तियां भरी जाएंगी।
पहले की आयु सीमा क्या थी? पुरुष अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 22 वर्ष (ओबीसी के लिए 25, एससी/एसटी के लिए 27 तक छूट), जबकि महिलाओं के लिए 18 से 25 वर्ष (अतिरिक्त छूट के साथ)। अब इस एकमुश्त छूट से पुरुषों की ऊपरी सीमा 25 वर्ष हो गई है और महिलाओं की 28 वर्ष। यानी, जो युवा पहले कटऑफ से बाहर हो चुके थे, वे अब आवेदन कर सकेंगे। यह छूट केवल एक बार की है और भविष्य की भर्तियों पर लागू नहीं होगी।
आवेदन प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और 30 जनवरी 2026 तक चलेगी। अभ्यर्थियों को पहले वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना होगा। विस्तृत पात्रता, चयन प्रक्रिया और परीक्षा तिथियों की जानकारी UPPRPB की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। योगी सरकार ने पहले ही 2025 में 60,000 से अधिक कांस्टेबल पदों की भर्ती पूरी कर ली है, जो इस प्रक्रिया की निरंतरता दर्शाता है।
पृष्ठभूमि: विधायकों की मांग से सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया
यह ऐलान रातोंरात नहीं हुआ। पिछले कई महीनों से बीजेपी के विधायक और मंत्री सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की ओर से 3 साल की छूट की मांग उठा रहे थे। कोविड-19 महामारी के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे हजारों युवा आयु सीमा पार कर गए। एक विधायक ने कहा, “ये युवा वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, उन्हें एक मौका मिलना चाहिए।” इस मांग को मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने में बीजेपी नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमेशा युवा सशक्तिकरण पर जोर दिया है। उनके शासनकाल में यूपी पुलिस भर्ती पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। 2017 से अब तक लाखों पद भरे जा चुके हैं, और यह फैसला उसी कड़ी का हिस्सा है। एक सरकारी अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कहा, “यह निर्णय न केवल न्यायपूर्ण है, बल्कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए आवश्यक भी। अधिक योग्य उम्मीदवारों से पुलिस बल की गुणवत्ता बढ़ेगी।”
अभ्यर्थियों पर प्रभाव: नई उम्मीदों की किरण
इस छूट से सबसे ज्यादा फायदा उन युवाओं को होगा जो ग्रामीण इलाकों से हैं, जहां बेरोजगारी की दर ऊंची है। उत्तर प्रदेश में करीब 2.5 करोड़ युवा बेरोजगार हैं, और सरकारी नौकरियां उनके लिए स्वप्न हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आवेदनों की संख्या में 20-30% इजाफा हो सकता है। महिलाओं के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी ऊपरी सीमा पहले से ही अधिक लचीली थी, लेकिन अब अतिरिक्त 3 वर्ष उन्हें और अवसर देगा।
एक अभ्यर्थी, लखनऊ के रहने वाले राहुल सिंह ने कहा, “मैं 24 साल का हूं और पहले कटऑफ से बाहर था। अब मैं आवेदन करूंगा। योगी सर का शुक्रिया!” इसी तरह, कानपुर की प्रिया ने बताया, “महिलाओं के लिए यह बड़ा बदलाव है। हमारी तैयारी बेकार नहीं जाएगी।” यह फैसला न केवल व्यक्तिगत स्तर पर राहत देगा, बल्कि यूपी की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा, क्योंकि स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलने से पलायन रुकेगा।
हालांकि, कुछ आलोचक कहते हैं कि यह छूट अस्थायी है और स्थायी समाधान की जरूरत है। लेकिन सरकार का कहना है कि यह कोविड प्रभावित पीढ़ी के लिए विशेष उपाय है। भविष्य में डिजिटल परीक्षा और फिटनेस टेस्ट पर जोर दिया जाएगा, ताकि चयन प्रक्रिया और मजबूत हो।
आवेदन कैसे करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
यदि आप भी आवेदन करना चाहते हैं, तो देर न करें। यहां सरल स्टेप्स:
- OTR रजिस्ट्रेशन: UPPRPB वेबसाइट (uppbpb.gov.in) पर जाएं और वन-टाइम रजिस्ट्रेशन करें। आधार, मोबाइल और ईमेल जरूरी।
- ऑनलाइन फॉर्म: 31 दिसंबर से शुरू, 30 जनवरी तक। फीस: सामान्य/ओबीसी- ₹400, एससी/एसटी- ₹200।
- दस्तावेज: शैक्षिक प्रमाणपत्र, जाति प्रमाण, आयु प्रमाण (जन्म प्रमाणपत्र) अपलोड करें।
- परीक्षा पैटर्न: लिखित परीक्षा (150 अंक), फिजिकल टेस्ट, मेडिकल। सिलेबस: सामान्य हिंदी, कानून, सामान्य ज्ञान।
वेबसाइट पर नियमित अपडेट चेक करें। कोई संदेह हो तो हेल्पलाइन नंबर 0522-2235752 पर संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: यह छूट किन पदों पर लागू होगी?
उत्तर: कांस्टेबल (सिविल, पीएसी, सशस्त्र), महिला बटालियन, जेल वार्डर समेत 32,679 पदों पर।
प्रश्न 2: आयु छूट सभी वर्गों के लिए है?
उत्तर: हां, सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी सभी के लिए एकमुश्त 3 वर्ष।
प्रश्न 3: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: 30 जनवरी 2026। OTR पहले पूरा करें।
प्रश्न 4: क्या यह छूट स्थायी है?
उत्तर: नहीं, केवल 2025 भर्ती के लिए एक बार की।
प्रश्न 5: योग्यता क्या है?
उत्तर: न्यूनतम 10वीं पास, ऊंचाई-वजन मानक अनुसार। विस्तार वेबसाइट पर।
प्रश्न 6: परीक्षा कब होगी?
उत्तर: अधिसूचना जल्द, संभावित फरवरी-मार्च 2026।
युवा सशक्तिकरण की नई दिशा
योगी आदित्यनाथ सरकार का यह फैसला यूपी के युवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कोविड जैसी चुनौतियों के बावजूद, लाखों नौकरियां पैदा करना और पारदर्शी भर्ती सुनिश्चित करना प्रशंसनीय है। यह छूट न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था को नई ऊर्जा देगी। युवा अब मेहनत पर फोकस करें—सफलता का द्वार खुल चुका है।
अधिक अपडेट के लिए UPPRPB वेबसाइट या आधिकारिक सोशल मीडिया फॉलो करें। यदि आप अभ्यर्थी हैं, तो आज ही आवेदन शुरू करें। उत्तर प्रदेश का भविष्य आपके हाथों में है!
