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Tuesday, 03 Feb 2026

केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026 – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में संघीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करता है। बजट का मुख्य थीम “विकसित भारत @2047” है, जिसमें आर्थिक विकास, जन आकांक्षाओं की पूर्ति और अवसरों की समावेशी पहुंच पर जोर दिया गया है।

बजट की मुख्य विशेषताएं

इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। कुल बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में विकास की दिशा में एक मजबूत संकेत देता है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट लंबी अवधि की विकास योजनाओं पर केंद्रित है, जिसमें आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने का लक्ष्य शामिल है।

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आर्थिक आंकड़े और अनुमान

बजट में कुछ प्रमुख आर्थिक संकेतक इस प्रकार हैं:

  • कुल बजट आकार: 53.5 लाख करोड़ रुपये।
  • पूंजीगत व्यय (कैपेक्स): 12.2 लाख करोड़ रुपये (पिछले वर्ष से 9% की वृद्धि)।
  • राजकोषीय घाटा: जीडीपी का 4.3% (पिछले अनुमान से थोड़ा कम)।
  • कर्ज-जीडीपी अनुपात: 55.6%।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार घाटे को नियंत्रित रखते हुए विकास पर निवेश बढ़ा रही है।

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टैक्स सुधार और राहतें

टैक्स नीति में बड़े बदलाव न होने के बावजूद, कुछ राहतें दी गई हैं जो मध्यम वर्ग और उद्योगों को लाभ पहुंचाएंगी। इनकम टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन आयातित सामानों और विदेशी सेवाओं पर राहत प्रदान की गई है।

  • व्यक्तिगत उपयोग के आयातित सामानों पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%।
  • विदेश यात्रा पैकेज पर टीसीएस दर 5-20% से घटाकर 2%।
  • विदेशी क्लाउड सर्विस कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट (भारतीय डेटा सेंटर उपयोग पर)।
  • विदेश यात्रा, शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस पर टैक्स राहत।
  • गलत टैक्स जानकारी पर पेनल्टी टैक्स रकम के 100% तक।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देंगे, लेकिन मध्यम वर्ग को प्रत्यक्ष राहत की उम्मीद नहीं पूरी हुई।

इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन पर फोकस

बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा पुश दिया गया है, जो आर्थिक विकास की रीढ़ है। रेलवे और सड़क नेटवर्क पर विशेष ध्यान केंद्रित है।

  • 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
  • ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर पर जोर।
  • कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए अगले 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन।

ये योजनाएं रोजगार सृजन और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाएंगी।

टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा

आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने के लिए टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े निवेश की घोषणा की गई है।

  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च, 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये।
  • रेयर अर्थ कॉरिडोर: ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापना।
  • केमिकल पार्क्स का क्लस्टर-बेस्ड मॉडल।
  • बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए 10,000 करोड़ रुपये (अगले 5 वर्ष)।

ये कदम भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण

स्वास्थ्य और शिक्षा पर बजट में संतुलित आवंटन किया गया है, जो महामारी के बाद की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

  • 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS की स्थापना।
  • मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा, संबंधित शहरों के लिए 5,000 करोड़ रुपये।
  • सरकारी स्कूलों में 50,000 अटल टिंकरिंग लैब्स।
  • 3 नए NIPERs (फार्मास्युटिकल एजुकेशन) और 7 मौजूदा को अपग्रेड।
  • कंटेंट क्रिएटर लैब्स: 1500 स्कूलों और 500 कॉलेजों में।
  • कैंसर की 17 दवाओं को सस्ता करने का प्रावधान।

इसके अलावा, कार्बन अवशोषण योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये, नारियल उत्पादकता बढ़ाने की नई स्कीम, खेल क्षेत्र के लिए खेलो इंडिया मिशन का विस्तार, MSMEs के लिए सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड में 4,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप, और राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये की फाइनेंस कमीशन ग्रांट्स शामिल हैं।

बाजार की प्रतिक्रिया और विश्लेषण

बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, जहां सेंसेक्स 2000 से अधिक अंक गिरा। इसका मुख्य कारण टैक्स राहत की अपेक्षाओं पर खरा न उतरना और वैश्विक अनिश्चितताएं हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह बजट लंबी अवधि में विकास को गति देगा, विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर में।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 विकास की मजबूत नींव रखता है, लेकिन मध्यम वर्ग की प्रत्यक्ष राहत की कमी एक चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिक जानकारी के लिए, किसी विशिष्ट सेक्टर पर बताएं।