लखनऊ की सत्ता के गलियारों में एक बार फिर सख्ती का माहौल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है — उत्तर प्रदेश में अवैध गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। न कोई रसूख काम आएगा, न कोई सिफारिश।
यह सिर्फ एक बयान नहीं है। यह एक चेतावनी है — उन सबके लिए जो सोचते हैं कि कानून उनके लिए अलग तरह से काम करता है।
जब CM योगी ने अधिकारियों को सीधे आंखों में देखकर कहा…
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हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रशासनिक बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध खनन, भू-माफिया, गुंडागर्दी और संगठित अपराध के खिलाफ zero tolerance की नीति अपनाई जाए। उन्होंने कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। जो भी अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी — चाहे वह कोई भी हो।”
बैठक में DGP, मुख्य सचिव और सभी जोन के ADG मौजूद थे। माहौल बता रहा था कि यह routine meeting नहीं थी।
किन मुद्दों पर है सरकार की नजर?
सूत्रों के मुताबिक CM योगी ने खासतौर पर कुछ मुद्दों पर अपनी सख्त नाराजगी जाहिर की:
- अवैध खनन — नदियों और पहाड़ियों से हो रही अवैध बालू और पत्थर की खुदाई
- भू-माफिया का नेटवर्क — सरकारी और निजी जमीनों पर कब्जे
- साइबर क्राइम — ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामले
- ड्रग्स तस्करी — खासकर युवाओं को निशाना बनाने वाले गिरोह
- धार्मिक और सांप्रदायिक उकसावे — सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री
हर एक मुद्दे पर अलग-अलग action plan तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
“अफसर जवाबदेह होंगे” — यह लाइन बहुत कुछ कहती है
योगी सरकार ने इस बार एक नई बात जोड़ी है — अगर किसी जिले में अवैध गतिविधियां बेरोकटोक चलती रहीं, तो संबंधित जिले के SP और DM की जिम्मेदारी तय होगी। यानी अब field officers को भी सोचना होगा कि ‘आंखें मूंद लेना’ अब option नहीं है।
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एक वरिष्ठ IPS अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, “इस बार pressure वाकई ऊपर से है। CM साहब ने जो tone रखी, वह बता रही थी कि कोई excuse नहीं चलेगा।”
जनता के बीच क्या है माहौल?
सड़क पर आम लोगों से बात करो तो reactions मिले-जुले हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह सब चुनावी मौसम से पहले की ‘image building’ है। लेकिन बड़ा तबका यह भी मानता है कि योगी सरकार के कार्यकाल में माफियाओं पर लगाम जरूर कसी है।
लखनऊ के रहने वाले रमेश वर्मा कहते हैं, “पहले तो खुलेआम गुंडई होती थी। अब कम से कम डर तो है। सरकार सख्त रहे, बस यही चाहिए।”
वहीं विपक्ष का तर्क अलग है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता का कहना है, “घोषणाएं बहुत होती हैं, जमीन पर हालात देखिए। हर महीने बड़े-बड़े फरमान, लेकिन अपराध के आंकड़े क्या कह रहे हैं?”
Bulldozer से Laptop तक — योगी की नई रणनीति
सिर्फ बुलडोजर action तक सीमित नहीं रही यह सरकार। अब digital surveillance, drone monitoring और intelligence network को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। अवैध संपत्तियों की पहचान के लिए revenue department को भी alert किया गया है।
प्रदेश सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में हजारों करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की गई है और सैकड़ों माफियाओं के खिलाफ gangster act के तहत कार्रवाई हुई है।
अब देखना यह है कि इस बार का यह सख्त संदेश सिर्फ बैठक की चारदीवारी तक सीमित रहता है — या जमीन पर भी उतरता है। उत्तर प्रदेश की जनता इंतजार में है।
