उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राम पथ, धर्म पथ, भक्ति पथ, 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग जैसे स्थानों पर मांसाहार की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी जाएगी। यह कदम श्रद्धालुओं को धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
अयोध्या हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। हाल ही में सरकार को शिकायतें मिली थीं कि इन धार्मिक स्थलों के पास मांस और मछली की बिक्री हो रही थी, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हो रही थी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम और खाद्य विभाग के अधिकारियों ने 14 किलोमीटर लंबे पथ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि कई दुकानदार धार्मिक स्थलों के पास मांसाहार बेच रहे थे। प्रशासन ने उन्हें सात दिन के भीतर दुकानें बंद करने का निर्देश दिया है और तय समय के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। सरकार चाहती है कि यह धार्मिक स्थल पूरी तरह आध्यात्मिक माहौल बनाए रखे, जिससे तीर्थयात्रियों को शुद्ध और शांत वातावरण मिले। नगर निगम अधिकारियों की नियमित निगरानी होगी ताकि यह प्रतिबंध प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
इस फैसले को लेकर अयोध्या में खुशी की लहर है। धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह कदम अयोध्या की धार्मिक गरिमा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा और इसे भारत की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में मजबूत करेगा। नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि इस प्रतिबंध को स्थायी रूप से लागू किया जाएगा और भविष्य में भी किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
