नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025। दीवाली की रौनक अभी ठंडी भी न हुई थी कि दिल्ली पर प्रदूषण का काला बादल मंडराने लगा। बुधवार सुबह 6 बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली का औसत AQI 362 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह सीरीज का चौथा लगातार दिन है जब शहर की हवा ‘बहुत खराब’ बनी हुई है। हल्की धुंध और स्मॉग की परत ने विजिबिलिटी को कम कर दिया है, और धीमी हवाओं ने प्रदूषकों को फैलने न देकर सांस लेना मुश्किल कर दिया है। आनंद विहार जैसे इलाकों में AQI 511 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ स्तर है।
सीपीसीबी के एयर क्वालिटी बुलेटिन के मुताबिक, 39 निगरानी स्टेशनों में से 3 पर ‘गंभीर’ और 33 पर ‘बहुत खराब’ स्तर दर्ज किया गया। मंगलवार को AQI 351 था, जबकि सोमवार को 345। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (EWWS) के पूर्वानुमान से लगता है कि 23 से 25 अक्टूबर तक AQI ‘बहुत खराब’ बना रहेगा, उसके बाद अगले छह दिनों तक ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ के बीच भटकेगा। दिल्ली सरकार ने GRAP-2 लागू कर दिया है, जिसमें कंस्ट्रक्शन पर पाबंदी, पुराने वाहनों पर रोक और डस्ट कंट्रोल कदम शामिल हैं।
धीमी हवाओं ने बढ़ाया प्रदूषण का जमाव
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक कृष्ण मिश्रा ने बताया, “हवाओं की दिशा पूर्व से पश्चिम हो गई है, लेकिन गति मात्र 5-7 किमी/घंटा है। रात में हवाएं लगभग शांत रहती हैं, जिससे प्रदूषक तत्व जमावबद्ध हो जाते हैं।” उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर के आसपास एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आ सकता है, लेकिन इससे ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं। मंगलवार को हवा की गति थोड़ी बढ़ी थी, जिससे पटाखों के उत्सर्जन को कुछ हद तक फैलाव मिला, लेकिन रात में तापमान गिरते ही हालात बिगड़ गए।
दिल्ली बुधवार को हल्की धुंध में लिपटी रही। अधिकतम तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.5 डिग्री कम) और न्यूनतम 21.8 डिग्री (सामान्य से 3.4 डिग्री अधिक) रहा। नमी 94 से 50% के बीच रही। विभाग का अनुमान है कि गुरुवार सुबह स्मॉग/हल्की धुंध रहेगी, कहीं-कहीं मध्यम धुंध भी। दिन में आकाश साफ, तापमान 32-20 डिग्री के आसपास। सप्ताहांत तक यही स्थिति बनी रह सकती है।
पटाखों और फसल अवशेषों का दोहरा हमला
दीवाली पर सुप्रीम कोर्ट के ‘ग्रीन पटाखों’ के बावजूद व्यापक उल्लंघन ने प्रदूषण को चरम पर पहुंचा दिया। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के विश्लेषण से 20-21 अक्टूबर को जनवरी के बाद 2025 के सबसे खराब PM2.5 दिनों के रूप में पहचान हुई। हालांकि पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने की घटनाएं 77% घटीं, लेकिन पटाखों का असर हावी रहा। दिल्ली का AQI 429 तक पहुंचा, जो लाहौर (260) और कराची (182) से भी ज्यादा था।
दिल्ली में बुधवार को साल का छठा सबसे प्रदूषित दिन रहा। 16 उत्तर भारतीय शहरों में ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ AQI दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन उत्सर्जन, इंडस्ट्री और स्टबल बर्निंग का मिश्रण हवा को जहर बना रहा है। WHO के अनुसार, 500 से ऊपर AQI 10 गुना ज्यादा खतरनाक है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी: घर में रहें, मास्क लगाएं
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा रोगी बाहर न निकलें। लंबे संपर्क से सांस की बीमारियां, हार्ट प्रॉब्लम बढ़ सकती हैं। नाक, गले और आंखों में जलन, खांसी आम शिकायतें हैं। सलाह: N95 मास्क पहनें, AC चलाएं, ह्यूमिडिफायर इस्तेमाल करें। आर्टिफिशियल रेन पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि मौसम अनुकूल नहीं।
दिल्ली सरकार और CPCB ने GRAP-2 के तहत सख्ती बढ़ाई है: कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पानी छिड़काव, पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध। लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि लंबे समाधान के लिए पराली प्रबंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा जरूरी। इस बीच, दिल्लीवासी सांसों की जंग लड़ रहे हैं—क्या हवा जल्द साफ होगी? आने वाले दिन बताएंगे।
