नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज इंडिया टीवी के ‘प्रदूषण समाधान सम्मेलन’ में भाग लिया, जहां उन्होंने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए अपनी सरकार की योजनाओं और उपायों पर खुलकर चर्चा की। यह सम्मेलन दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों और सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सीएम गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक कदम उठा रही है, और दिल्ली को स्वच्छ हवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन का अवलोकन
प्रदूषण समाधान सम्मेलन दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले प्रदूषण की समस्या पर केंद्रित था। सीएम रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में बताया कि दिल्ली सरकार ने पिछले कुछ महीनों में कई पहल शुरू की हैं, जिनमें पराली जलाने पर रोक, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और औद्योगिक उत्सर्जन पर नियंत्रण शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि “प्रदूषण केवल दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्यों के सहयोग से ही इसे हल किया जा सकता है।”
सम्मेलन में सीएम ने हाल की घटनाओं का जिक्र किया, जैसे कि एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार के लिए लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP)। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार ने स्टबल बर्निंग को रोकने के लिए किसानों को सब्सिडी प्रदान की है।
सीएम रेखा गुप्ता के मुख्य उद्धरण
- “दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हमारी सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर हम परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम कर रहे हैं।”
- “पराली जलाने की समस्या पर हमने पड़ोसी राज्यों से बातचीत की है, और अब किसानों को वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराए जा रहे हैं।”
- “नागरिकों से अपील है कि वे भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं, जैसे कि पटाखों का कम उपयोग और पेड़ लगाना।”
दिल्ली सरकार के प्रदूषण नियंत्रण उपाय
सीएम रेखा गुप्ता ने सम्मेलन में दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए कई उपायों की जानकारी दी। नीचे एक तालिका में इन उपायों को सूचीबद्ध किया गया है:
| उपाय | विवरण |
|---|---|
| इलेक्ट्रिक वाहन नीति | दिल्ली में 2026 तक 50% बसें इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य। सब्सिडी और चार्जिंग स्टेशन बढ़ाए जा रहे हैं। |
| पराली प्रबंधन | किसानों को पराली मशीनरी पर सब्सिडी, और बायोमास प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। |
| औद्योगिक नियंत्रण | प्रदूषणकारी इकाइयों पर सख्त निगरानी, गैस-आधारित ईंधन को प्रोत्साहन। |
| हरित क्षेत्र विस्तार | 1 करोड़ पेड़ लगाने की योजना, पार्कों और ग्रीन बेल्ट का विकास। |
| जन जागरूकता अभियान | स्कूलों और समुदायों में प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम। |
यह तालिका दर्शाती है कि सरकार बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाकर प्रदूषण को कम करने का प्रयास कर रही है।
FAQ
दिल्ली में AQI सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
दिल्ली सरकार GRAP को सख्ती से लागू कर रही है, जिसमें ऑड-ईवन योजना, निर्माण कार्यों पर रोक और वाहन उत्सर्जन जांच शामिल है।
पराली जलाने की समस्या कैसे हल की जा रही है?
पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर किसानों को पराली प्रबंधन मशीनरी पर 80% सब्सिडी दी जा रही है, और पराली को ईंधन में बदलने के प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
नागरिक क्या योगदान दे सकते हैं?
नागरिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें, पटाखे न जलाएं, और पेड़ लगाने में भाग लें। सरकार ऐप के माध्यम से रिपोर्टिंग सिस्टम भी शुरू कर रही है।
क्या प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई नई विधेयक लाया जा रहा है?
हां, सीएम ने नए पर्यावरण विधेयक की घोषणा की, जो प्रदूषणकारी गतिविधियों पर जुर्माना बढ़ाएगा।
यह सम्मेलन दिल्ली के प्रदूषण मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, और सीएम रेखा गुप्ता की सक्रियता से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
