नई दिल्ली। राजधानी में रोजाना करीब 6000 टन निर्माण एवं विध्वंस कचरा (C&D वेस्ट) पैदा होता है। इसे जिम्मेदारी से प्रबंधित करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पहली बार दिल्ली C&D वेस्ट की सेमी-प्रोसेस्ड सामग्री और रिसाइकल्ड प्रोडक्ट्स को आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
अभी तक यह सुविधा सिर्फ सरकारी एजेंसियों तक सीमित थी, लेकिन अब कोई भी व्यक्ति या ठेकेदार संयंत्र से सीधे दिल्ली C&D वेस्ट की प्रोसेस्ड सामग्री खरीद सकता है। MCD का दावा है कि इस कदम से भलस्वा, गाजीपुर और ओखला जैसे लैंडफिल पर दबाव 30-40% तक कम हो जाएगा। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी और निर्माण लागत में भी कमी आएगी। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसे “सर्कुलर इकॉनमी की दिशा में क्रांतिकारी कदम” बताया है।
MCD के चारों संयंत्रों में रोजाना 5000 टन से ज्यादा दिल्ली C&D वेस्ट प्रोसेस हो रहा है। यहां से निकलने वाली सामग्री को अब आम लोग भी कम कीमत पर ले सकेंगे। MCD अधिकारियों का कहना है कि 2026 तक दिल्ली में 90% दिल्ली C&D वेस्ट का पुनर्चक्रण करने का लक्ष्य है। इस नई पहल से न सिर्फ पर्यावरण को फायदा होगा बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी मिलेगा।
दिल्ली C&D वेस्ट प्रसंस्करण संयंत्र: स्थान और क्षमता
| संयंत्र का नाम | स्थान | दैनिक क्षमता (टन) | मुख्य प्रोडक्ट्स |
|---|---|---|---|
| बुराड़ी | जहांगीरपुरी के पास | 2000 | स्टोन ग्रिट, कोर्स सैंड, CC ब्लॉक्स, टाइल्स |
| बक्करवाला | नजफगढ़ रोड | 1500 | फाइन सैंड, कर्ब स्टोन, इंटरलॉकिंग टाइल्स |
| रानी खेड़ा | नरेला | 1000 | स्क्रीन मिट्टी, चेकर टाइल्स |
| शास्त्री पार्क | यमुना किनारे | 1000 | RDF, रिसाइकल्ड एग्रीगेट |
(कुल क्षमता: 5500 टन/दिन | जल्द शुरू होने वाले नए प्लांट: लिब्सपुर और तहसील बिल्डिंग – 5000 टन अतिरिक्त)
सेमी-प्रोसेस्ड दिल्ली C&D वेस्ट क्या है?
प्रसंस्करण के बाद मलबे से निम्न चीजें अलग कर दी जाती हैं:
- लकड़ी, प्लास्टिक, कागज
- RDF (Refuse Derived Fuel)
- ज्वलनशील और खतरनाक पदार्थ
बची हुई साफ सामग्री को सेमी-प्रोसेस्ड दिल्ली C&D वेस्ट कहते हैं। इसका इस्तेमाल:
- कमजोर जमीन की भराई (Leveling & Filling)
- रोड सब-बेस
- पार्किंग और अस्थायी रास्ते
- नाले-नालियों की मरम्मत
MCD ने इसे बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराया है ताकि अवैध डंपिंग रुके।
रिसाइकल्ड प्रोडक्ट्स की पूरी रेंज
MCD अब सिर्फ कच्ची सामग्री ही नहीं बेच रहा, बल्कि तैयार माल भी दे रहा है:
- सीमेंट कंक्रीट ब्लॉक्स
- चेकर टाइल्स
- इंटरलॉकिंग पेवर्स
- कर्ब स्टोन
- मैनहोल कवर
इनकी क्वालिटी BIS मानकों के अनुरूप है और कीमत बाजार से 20-30% कम।
निर्माण एवं विध्वंस कचरा की रिसाइक्लिंग में दिल्ली अब देश में अग्रणी बन रही है।
आम नागरिक कैसे खरीदें?
- संयंत्र पर सीधे जाएं या MCD की वेबसाइट पर रिक्वेस्ट करें
- जरूरी मात्रा और प्रकार बताएं
- निर्धारित शुल्क जमा करें
- चाहें तो कंसेशनर से घर/साइट तक डिलीवरी लें
MCD ने हेल्पलाइन 155305 पर भी जानकारी के लिए व्यवस्था की है।
फायदे एक नजर में
- लैंडफिल पर 30-40% बोझ कम
- प्राकृतिक रेत-गिट्टी की बचत
- निर्माण लागत में 15-25% कमी
- रोजगार सृजन (ट्रांसपोर्ट, लोडिंग, प्लांट मजदूर)
- प्रदूषण में कमी
- सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा
दिल्ली नगर निगम ने इसे स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा है।
भविष्य की योजना
2026 तक MCD दिल्ली में कुल 10,000 टन प्रतिदिन दिल्ली C&D वेस्ट प्रोसेस करने की क्षमता बनाएगी। नए प्लांट लिब्सपुर और सिविल लाइंस में शुरू होंगे। साथ ही मोबाइल C&D क्रशर यूनिट भी तैनात की जाएंगी ताकि छोटे इलाकों में भी तुरंत प्रोसेसिंग हो सके।
MCD कमिश्नर ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली भारत का पहला शहर बने जहां 100% निर्माण मलबे का पुनर्चक्रण हो।”
अपने इलाके में निर्माण कर रहे हैं? इस नई सुविधा से कितनी बचत होगी? कमेंट में जरूर बताएं।
