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Wednesday, 04 Feb 2026

डॉ. विजय पवार: शिक्षा क्रांति के नायक, सड़क से स्कूल तक का सपना

शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का हथियार बनाया

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2025। डॉ. विजय पवार, दिल्ली पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल (डीपीआईएस) के चेयरमैन, शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं। उनकी दृष्टि है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, चाहे वह किसी भी वर्ग से हो। “शिक्षा केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव है,” यह उनका मूलमंत्र है। इस सोच के साथ उन्होंने डीपीआईएस की स्थापना की, जो आज नवाचार और समावेशी शिक्षा का प्रतीक बन चुका है। डॉ. पवार का मिशन भारत को शिक्षा के जरिए सशक्त बनाने का है।

सीमित संसाधनों से शुरू, देशभर में शाखाएं

डॉ. विजय पवार ने सीमित संसाधनों के साथ डीपीआईएस की शुरुआत की, लेकिन उनकी दूरदृष्टि और समर्पण ने इसे देशभर में फैला दिया। आज डीपीआईएस की शाखाएं हर कोने में हैं, जहां धनी और गरीब दोनों वर्गों के बच्चे कम शुल्क में उत्कृष्ट शिक्षा पा रहे हैं। उनकी अगुवाई में स्कूल ने 540 से अधिक संगठनात्मक पुरस्कार जीते। डॉ. पवार कहते हैं, “शिक्षा वह हथियार है, जो सामाजिक असमानता को मिटाकर देश को एकजुट करता है।” उनका यह प्रयास नए भारत की तस्वीर को और मजबूत कर रहा है।

‘सड़क से स्कूल तक’ का मिशन

डॉ. पवार का “सड़क से स्कूल तक” मिशन शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने का संकल्प है। इस पहल ने सड़कों पर रहने वाले गरीब बच्चों से लेकर संपन्न वर्ग तक को एक मंच पर लाया। कम शुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए डीपीआईएस ने लाखों बच्चों का भविष्य संवारा। डॉ. पवार दिन-रात इस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उनकी यह सोच सामाजिक समानता और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

स्पॉटलाइट समिट में सम्मान

डॉ. पवार की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिला है। 2024 में 29वें स्पॉटलाइट समिट में उन्हें वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया, जहां शिक्षा जगत की हस्तियों को सम्मानित किया गया। हार्वर्ड-प्रशिक्षित बाल मनोरोग विशेषज्ञ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में, डॉ. पवार ने शिक्षा को सामाजिक आंदोलन का रूप दिया। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि समर्पण और दूरदृष्टि से शिक्षा के जरिए बड़े बदलाव संभव हैं।

शिक्षा से सशक्त भारत का निर्माण

डॉ. विजय पवार का योगदान केवल स्कूल चलाने तक सीमित नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति है। उनकी अगुवाई में डीपीआईएस ने वंचित और पिछड़े वर्गों तक शिक्षा पहुंचाकर लाखों परिवारों की दिशा बदली। उनका मानना है, “भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है।” यह प्रयास 2025 में भारत को शिक्षा के क्षेत्र में विश्व गुरु बनाने की दिशा में एक कदम है। डॉ. पवार की यह यात्रा हर भारतीय को प्रेरित करती है कि शिक्षा से ही सच्ची राष्ट्रसेवा संभव है।

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