फर्रुखाबाद, 9 अक्टूबर 2025 – उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना तब घटी, जब एक प्राइवेट जेट टेकऑफ के दौरान अचानक अनियंत्रित हो गया। विमान रनवे से फिसलकर बगल की झाड़ियों में जा घुसा, लेकिन चमत्कारिक रूप से पायलट समेत सभी यात्रियों को कोई चोट नहीं लगी। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे खिमसेपुर एयरस्ट्रिप पर हुआ, जिससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची टीमों ने राहत की सांस ली, लेकिन जांच में कई लापरवाहियां सामने आ रही हैं।
यात्रियों का दौरा और विमान का सफर
जेट सर्विस एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का यह प्राइवेट जेट (रजिस्ट्रेशन VT-DIZ) रविवार शाम 3 बजे भोपाल से फर्रुखाबाद पहुंचा था। विमान में वीयर फैक्ट्री के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर अजय अरोड़ा, एसबीआई हेड सुमित शर्मा और बीपीओ राकेश टीकू सवार थे। ये सभी खिमसेपुर औद्योगिक क्षेत्र में बन रही नई फैक्ट्री का निरीक्षण करने आए थे। सोमवार को निरीक्षण पूरा कर वे उसी जेट से भोपाल लौटने वाले थे। टेकऑफ की तैयारी के दौरान सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन यह उड़ान यात्रियों की सांसें थाम लेने वाली साबित हुई।
टेकऑफ में खलल: 400 मीटर बाद रनवे से फिसला जेट
टेकऑफ के लिए जैसे ही जेट ने रनवे पर स्पीड पकड़ी, यह लगभग 400 मीटर की दूरी तय करने के बाद अचानक नियंत्रण खो बैठा। विमान रनवे से उतर गया और बगल की घनी झाड़ियों में घुस गया। यात्रियों ने बताया कि उस पल सबकी सांसें अटक गईं, लेकिन विमान के रुकने के बाद सभी सुरक्षित बाहर निकल आए। कंपनी के यूपी प्रोजेक्ट हेड मनीष कुमार पांडेय ने हादसे की वजह विमान के पहियों में कम हवा और पायलट की लापरवाही बताई। उन्होंने कहा, “पायलट को पहले से पता था कि टायर्स में हवा की कमी है, फिर भी उसने टेकऑफ की कोशिश की। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।”
यात्रियों की प्रतिक्रिया: आगरा से लौटेंगे भोपाल
हादसे से घबराए डीएमडी अजय अरोड़ा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और पायलट की जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा, “हमारी टीम सुरक्षित है, लेकिन ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं। अब हम आगरा एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट लेकर भोपाल लौटेंगे।” अन्य यात्रियों ने भी राहत जताई, लेकिन कंपनी ने प्राइवेट जेट की सुरक्षा जांच पर सवाल उठाए हैं।
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फायर ब्रिगेड पर भी लापरवाही के आरोप
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल उठा कि आपातकालीन सेवाएं समय पर क्यों नहीं पहुंचीं? फायर ब्रिगेड टीम ने खुलासा किया कि उन्हें लैंडिंग की सूचना सिर्फ 30 मिनट पहले मिली, जबकि टेकऑफ की जानकारी महज 25 मिनट पहले। प्रोटोकॉल के मुताबिक, 12 घंटे पहले सूचना और ट्रेजरी फीस जमा होनी चाहिए थी। टीम के अनुसार, ऐसी जल्दबाजी में तत्काल गाड़ियां भेजना मुश्किल होता है। इससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
प्रशासन की तत्परता: जांच में जुटी टीमें
हादसे की खबर मिलते ही कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड से आशीष वर्मा, सीओ अजय वर्मा, एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय, अपर उप जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल संजय कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया। जिला प्रशासन ने विमान कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने पर विचार कर रहा है। डीजीसीए (डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) को भी सूचना दी गई है, और प्राइवेट एयरस्ट्रिप की सुरक्षा मानकों की जांच होगी। फिलहाल, सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन यह घटना प्राइवेट एविएशन में सुरक्षा के ढीलापन को उजागर करती है। क्या ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हों, इसके लिए सख्त कदम उठेंगे? आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से साफ होगा।
