लखनऊ, 3 नवम्बर 2025 – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (RMLNLU) के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शिरकत की। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत (जो 24 नवम्बर से भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश बनेंगे) को अग्रिम बधाई देते हुए सीएम ने कहा, “सत्यं वद्, धर्मं चर” भारत की गुरुकुल परंपरा का मूल मंत्र है, जो संविधान और न्यायपालिका में भी झलकता है।
न्याय और सुशासन का मजबूत रिश्ता
सीएम योगी ने जोर देकर कहा, “न्याय व्यवस्था जितनी सुदृढ़ होगी, सुशासन के लक्ष्य उतनी ही आसानी से पूरे होंगे।” रामराज्य को भेदभाव-मुक्त शासन का प्रतीक बताते हुए उन्होंने कहा कि धर्म कर्तव्यपालन है, उपासना आस्था। रूल ऑफ लॉ तभी प्रभावी जब बेंच (न्यायपीठ) और बार (अधिवक्ता) में बेहतरीन तालमेल हो।
यूपी में डिजिटल-एकीकृत न्याय क्रांति
- 10 जिलों में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स निर्माण शुरू, एक परिसर में सभी कोर्ट-कक्ष-अधिवक्ता सुविधाएं।
- 380+ फास्ट ट्रैक व POCSO कोर्ट महिलाओं-बच्चों के लिए।
- हर रेंज में फॉरेंसिक लैब, राज्य स्तरीय फॉरेंसिक संस्थान।
- ई-कोर्ट + ई-पुलिसिंग + ई-प्रॉसिक्यूशन + ई-फॉरेंसिक को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा।
- विश्वविद्यालयों में ई-कोर्ट, साइबर लॉ, AI ट्रेनिंग पर फोकस।
नए कानूनों से क्रांति
भारतीय न्याय संहिता, नागरिक सुरक्षा संहिता और साक्ष्य संहिता लागू कर न्याय में क्रांति। लोक अदालतों से त्वरित निस्तारण। इलाहाबाद हाईकोर्ट अब विश्वस्तरीय इंफ्रा के लिए मशहूर।
मेडल विजेता स्टार्स
- LLM: हर्षिता यादव (गोल्ड), आकृति श्रीवास्तव (सिल्वर), ऋषभ (ब्रॉन्ज)।
- BA-LLB: अभ्युदय प्रताप (गोल्ड), साइमा खान (सिल्वर), दर्शिका पांडेय (ब्रॉन्ज)।
- स्टूडेंट ऑफ द ईयर: दर्शिका पांडेय।
- साइबर लॉ, IPR, मीडिया लॉ में भी गोल्ड- अमन कुमार, आत्रेय त्रिपाठी, राघव त्रिपाठी।
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सूर्यकांत, विजिटर न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, हाईकोर्ट CJ अरुण भंसाली, मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, कुलपति प्रो. अमर पाल सिंह समेत हजारों छात्र-अभिभावक मौजूद।
सीएम का संदेश युवा वकीलों को: सत्य-धर्म के पथ पर चलो, देश की न्याय व्यवस्था को नई ऊंचाई दो!
