सीएम योगी ने नमो घाट पर जलाया पहला दीप, दशाश्वमेध घाट पर अमर जवान ज्योति की अनुकृति से शहीदों को श्रद्धांजलि; महोत्सव ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित
वाराणसी, 05 नवंबर 2025। कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर महादेव की नगरी काशी में बुधवार शाम देव दीपावली की अनुपम छटा देखते ही बनती थी। अर्धचंद्राकार गंगा घाटों पर जब शाश्वत ज्योति की लौ प्रज्वलित हुई, तो पूरा शहर रोशनी से सराबोर हो उठा। गंगा की लहरों पर दीपों की सुनहरी आभा झिलमिलाई, तो लगा मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। सनातन संस्कृति की उजास से काशी की आत्मा एक बार फिर आलोकित हो उठी।
सीएम योगी ने नमो घाट पर जलाया पहला दीप, क्रूज पर किया घाटों का अवलोकन
देव दीपावली का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्वलित कर किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य और महापौर अशोक तिवारी ने भी दीप जलाकर मां गंगा को नमन किया। इसके बाद सभी विशिष्टजन क्रूज पर सवार होकर मां गंगा की आरती और घाटों पर सजी दीपावली के अद्भुत नजारे का अवलोकन करने निकले। सीएम योगी को देखकर जनता ने “हर हर महादेव” के जयघोष से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर काशीवासियों और पर्यटकों का अभिवादन स्वीकार किया।
दशाश्वमेध घाट पर अमर जवान ज्योति की अनुकृति, शहीदों को श्रद्धांजलि
धर्म के साथ राष्ट्रवाद का संदेश देते हुए दशाश्वमेध घाट पर ‘अमर जवान ज्योति’ की अनुकृति स्थापित की गई। कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को यहां श्रद्धांजलि अर्पित की गई। देव दीपावली महोत्सव को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम समर्पित किया गया, जिसमें देश की वीर माताओं के आंचल को नमन किया गया।
15 लाख दीपों से जगमगाई काशी, गोबर के 1 लाख पर्यावरण अनुकूल दीप शामिल
योगी सरकार ने इस बार 10 लाख दीपों का लक्ष्य रखा था, लेकिन जन सहभागिता से यह आंकड़ा 15 से 25 लाख तक पहुंच गया। इनमें 1 लाख दीप गाय के गोबर से निर्मित पर्यावरण अनुकूल थे। घाटों, तालाबों, कुंडों और देवालयों पर दीपों की शृंखला ने काशी को सुनहरी माला की तरह सजा दिया।
महाआरती में आध्यात्मिकता के साथ राष्ट्रवाद की झलक
दशाश्वमेध घाट पर 21 अर्चकों और 42 देव कन्याओं ने रिद्धि-सिद्धि के रूप में महाआरती की। 21 कुंटल फूलों और 51 हजार दीपों से सजे घाट पर शंखनाद, घंटा-घड़ियाल की ध्वनि गूंजी तो वातावरण में अद्भुत ऊर्जा का संचार हुआ। अमर वीर योद्धाओं को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
काशी विश्वनाथ धाम में विशेष सजावट, श्रद्धालुओं का जनसैलाब
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। बाबा के दरबार को फूलों-रोशनी से भव्य सजाया गया। पूरा धाम दीपों की उजास से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही।
चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
वीवीआईपी उपस्थिति और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वाराणसी को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया। ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस की टीमें बोट्स, आधुनिक उपकरण और वाटर एम्बुलेंस के साथ तैनात रहीं। नदी मार्ग पर नावों के लिए लेन निर्धारित की गईं। नाविकों को सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य किया गया। सड़कों पर यातायात, पार्किंग, प्रवेश-निकास पूरी तरह नियंत्रित रहे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में महिला पुलिस, एंटी रोमियो स्क्वॉड और क्यूआरटी टीमें तैनात रहीं।
