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माघ मेला 2026: प्रयागराज में मौनी अमावस्या के बाद भी जारी है श्रद्धालुओं की भारी भीड़, योगी आदित्यनाथ की पहल से अभूतपूर्व व्यवस्थाएं

प्रयागराज, 19 जनवरी 2026: प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेला 2026 में आज भी लाखों श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। मौनी अमावस्या के एक दिन बाद भी मेला क्षेत्र में उत्साह का माहौल है,...

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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • सोमवार, 19 जनवरी 2026 | 04:48 AM

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माघ मेला 2026: प्रयागराज में मौनी अमावस्या के बाद भी जारी है श्रद्धालुओं की भारी भीड़, योगी आदित्यनाथ की पहल से अभूतपूर्व व्यवस्थाएं
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प्रयागराज, 19 जनवरी 2026: प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेला 2026 में आज भी लाखों श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। मौनी अमावस्या के एक दिन बाद भी मेला क्षेत्र में उत्साह का माहौल है, जहां भक्त गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी योजनाओं और सख्त निर्देशों के कारण इस वर्ष की व्यवस्थाएं पहले से कहीं बेहतर हैं, जिससे करोड़ों तीर्थयात्रियों को सुविधा मिल रही है। मेला प्रशासन के अनुसार, अब तक 3 करोड़ से अधिक लोग स्नान कर चुके हैं, और कुल अनुमान 12-15 करोड़ श्रद्धालुओं का है।

Magh Mela 2026: Thousands of devotees take first holy dip at ...

माघ मेला 2026 की शुरुआत और महत्व

माघ मेला, जिसे 'मिनी कुंभ' भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मेला माघ मास में आयोजित होता है और प्रयागराज के संगम पर लाखों कल्पवासी एक महीने तक तपस्या करते हैं। इस वर्ष मेला 3 जनवरी (पौष पूर्णिमा) से शुरू हुआ और 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक चलेगा। मेला का मुख्य उद्देश्य पवित्र स्नान, दान, ध्यान और साधना है, जो मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। योगी सरकार ने मेला क्षेत्र को 800 हेक्टेयर तक विस्तारित किया है, जिसमें 42 पार्किंग स्थल, 25,000 शौचालय और 8,000 कूड़ेदान शामिल हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया है।

आज, 19 जनवरी को, मौनी अमावस्या (18 जनवरी) के बाद भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने बताया कि युवा पीढ़ी भी संतान धर्म की ओर आकर्षित हो रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सांस्कृतिक पुनरुत्थान की पहलों का परिणाम है। विभिन्न अखाड़ों और संतों के शिविरों में युवा भक्त ध्यान और प्रवचन सुन रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ का योगदान: माघ मेला को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला 2026 की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महाकुंभ 2025 की तरह ही स्वच्छता, सुरक्षा और सुविधाओं का स्तर बनाए रखें। 10 जनवरी को योगी जी ने खुद संगम पर पूजा-अर्चना की और पवित्र डुबकी लगाई, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ा। उन्होंने कहा कि मेला में 12-15 करोड़ तीर्थयात्रियों की उम्मीद है, और राज्य सरकार हर संभव सुविधा प्रदान कर रही है।

योगी सरकार की पहल से मेला क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है, जैसे ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी कैमरे और स्वास्थ्य शिविर। मौनी अमावस्या पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए, और 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश भी दिए, जिसमें उन्होंने मां गंगा की कृपा से नई ऊर्जा और संकल्प की कामना की। उनकी नेतृत्व में प्रयागराज को धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाया जा रहा है, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है।

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माघ मेला 2026 की प्रमुख स्नान तिथियां

माघ मेला में छह मुख्य स्नान तिथियां हैं, जिन पर संगम स्नान विशेष पुण्यदायी माना जाता है। नीचे दी गई तालिका में इन तिथियों का विवरण है:

तिथिदिनांक (2026)महत्व
पौष पूर्णिमा3 जनवरीमेला की शुरुआत, कल्पवास आरंभ।
मकर संक्रांति14 जनवरीसूर्य का मकर राशि में प्रवेश, पहला शाही स्नान।
मौनी अमावस्या18 जनवरीसबसे पवित्र स्नान, मौन व्रत और ध्यान।
बसंत पंचमी23 जनवरीसरस्वती पूजा, ज्ञान और विद्या का दिन।
माघी पूर्णिमा1 फरवरीपूर्णिमा स्नान, दान का महत्व।
महाशिवरात्रि15 फरवरीमेला का समापन, शिव पूजा और अंतिम स्नान।

ये तिथियां हिंदू पंचांग पर आधारित हैं और लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती हैं।

माघ मेला में सुरक्षा और सुविधाएं

योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेला क्षेत्र में 3,000 सफाई कर्मचारी तैनात हैं, और नदी की स्वच्छता के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं में 24x7 मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस और कोविड प्रोटोकॉल शामिल हैं। यातायात व्यवस्था में 42 पार्किंग और अतिरिक्त बसें उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए यूपी एटीएस भी तैनात है।

85 lakh devotees take holy dip on day one of Makar Sankranti at ...

FAQ: माघ मेला 2026 से जुड़े सामान्य प्रश्न

माघ मेला 2026 कब से कब तक चलेगा?

माघ मेला 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी 2026 तक चलेगा।

मौनी अमावस्या पर क्या विशेष है?

मौनी अमावस्या (18 जनवरी 2026) सबसे पवित्र स्नानの日 है, जहां मौन व्रत रखकर ध्यान किया जाता है। इस दिन 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान करते हैं।

योगी आदित्यनाथ ने माघ मेला के लिए क्या किया?

मुख्यमंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की, क्षेत्र विस्तार किया और सुरक्षा-स्वच्छता पर जोर दिया। उन्होंने खुद स्नान भी किया।

प्रयागराज कैसे पहुंचें?

ट्रेन, बस या हवाई मार्ग से। निकटतम एयरपोर्ट बमरौली है, और रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन। मेला क्षेत्र संगम से जुड़ा है।

कल्पवास क्या है?

कल्पवास माघ मास में संगम तट पर रहकर तपस्या करना है, जिसमें स्नान, दान और ध्यान शामिल होता है।

आस्था का अनुपम उत्सव

माघ मेला 2026 प्रयागराज में आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक बन रहा है। योगी आदित्यनाथ की सरकार की बदौलत यह मेला वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है। यदि आप धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो जल्दी पहुंचें और पवित्र संगम की कृपा प्राप्त करें। हर हर गंगे!

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