नोएडा, 11 दिसंबर 2025। नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने कियोस्क और वेंडिंग मशीनों के आवंटन के लिए संशोधित नीति जारी कर दी है, जो पहले आओ पहले पाओ (FCFS) के आधार पर काम करेगी। यह नीति छोटे उद्यमियों, दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, महिला गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और एकल महिला उद्यमियों के लिए विशेष छूट लेकर आई है। मौजूदा दरों पर 70-75% की छूट के साथ स्टेशन बैंड 2 और 3 के लिए संशोधित लाइसेंस शुल्क तय किया गया है।
यह कदम नोएडा मेट्रो नेटवर्क को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक समावेशिता को बढ़ावा देगा। NMRC के कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने कहा, “यह नीति छोटे व्यवसायियों को सशक्त बनाएगी और मेट्रो स्टेशनों को जीवंत हब में बदल देगी।” विस्तृत दिशा-निर्देश NMRC की वेबसाइट https://nmrcnoida.com पर उपलब्ध हैं। आइए, नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025 की पूरी जानकारी, लाभ, आवेदन प्रक्रिया और महत्व पर विस्तार से जानें।
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025: FCFS आधार पर नई व्यवस्था का उद्देश्य
नीति का शुभारंभ: छोटे व्यवसायियों के लिए आसान प्रवेश द्वार
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने कियोस्क और वेंडिंग मशीनों के आवंटन को सरल बनाने के लिए पहले आओ पहले पाओ (FCFS) सिस्टम लागू किया है। पहले यह प्रक्रिया बोली या लॉटरी पर आधारित थी, लेकिन अब FCFS से पारदर्शिता बढ़ेगी और छोटे उद्यमियों को तुरंत अवसर मिलेगा। कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने कहा, “यह नीति मेट्रो स्टेशनों को व्यावसायिक केंद्र बनाने के साथ सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगी।”
नीति का मुख्य उद्देश्य:
- मेट्रो नेटवर्क की कमर्शियल रेवेन्यू बढ़ाना।
- प्राथमिकता समूहों (दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, महिलाएं) को सशक्त बनाना।
- रोजगार सृजन – 500+ नए कियोस्क से 1,000 नौकरियां।
2025 में नोएडा मेट्रो ने 20 स्टेशनों पर 100+ कियोस्क स्पेस तैयार किए हैं। आवंटन तुरंत होगा, लेकिन सॉल्वेंसी (वित्तीय क्षमता) चेक अनिवार्य।
Noida Metro Rail Corporation – विकास का इंजन।
संशोधित दरें: 70-75% छूट के साथ स्टेशन बैंड व्यवस्था
नीति में स्टेशन बैंड 2 और 3 के लिए संशोधित लाइसेंस शुल्क तय किया गया है। प्राथमिकता समूहों को मौजूदा दरों पर भारी छूट मिलेगी। सॉल्वेंसी आवश्यकताएं भी कम की गई हैं, ताकि छोटे व्यवसायी आसानी से आवेदन कर सकें।
| वर्ग | छूट (%) | स्टेशन बैंड | वेंडिंग मशीन शुल्क (₹/वर्ग मीटर/माह) | कियोस्क शुल्क (₹/वर्ग मीटर/माह) | सॉल्वेंसी आवश्यकता (₹) |
|---|---|---|---|---|---|
| दिव्यांग व्यक्ति और ट्रांसजेंडर | 75 | बैंड 2 | 375 | 625 | 1,00,000 |
| बैंड 3 | 300 | 500 | 1,00,000 | ||
| महिला NGO और एकल महिला उद्यमी | 70 | बैंड 2 | 450 | 750 | 1,50,000 |
| बैंड 3 | 360 | 600 | 1,50,000 |
ये दरें तत्काल प्रभावी हैं। बैंड 2 स्टेशन (जैसे सेंट्रल नोएडा) हाई फुटफॉल वाले हैं, जबकि बैंड 3 (आउटर स्टेशन) कम। आवंटन 5 साल के लिए, रिन्यूअल संभव।
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025: आवेदन प्रक्रिया और योग्यता
आवेदन कैसे करें: FCFS का सरल तरीका
NMRC की वेबसाइट https://nmrcnoida.com पर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म उपलब्ध है। प्रक्रिया:
- रजिस्ट्रेशन: ईमेल और मोबाइल से साइन अप।
- दस्तावेज अपलोड: आधार, PAN, सॉल्वेंसी प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट), NGO सर्टिफिकेट (यदि लागू)।
- शुल्क जमा: डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन पेमेंट।
- सत्यापन: 7 दिनों में NMRC टीम चेक करेगी।
- आवंटन: FCFS पर – पहले आवेदक को प्राथमिकता।
योग्यता: भारतीय नागरिक, न्यूनतम 18 वर्ष, कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो। प्राथमिकता समूहों को अलग क्वोटा। आवेदन फीस Rs 500 (गैर-वापसी योग्य)।
First-Come, First-Served – पारदर्शी आवंटन।
स्थान और स्टेशन जानकारी: 20+ स्टेशन पर अवसर
कियोस्क/वेंडिंग मशीनें फूड, रिटेल, मोबाइल रिचार्ज जैसे बिजनेस के लिए। प्रमुख स्टेशन:
- बैंड 2: सेंट्रल नोएडा, सेक्टर 18, गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी – हाई फुटफॉल (50,000+ दैनिक यात्री)।
- बैंड 3: सेक्टर 50, परचुर, मोहियावास – मध्यम फुटफॉल।
वेबसाइट पर स्टेशन-वाइज मैप उपलब्ध। न्यूनतम स्पेस: वेंडिंग 1 वर्ग मीटर, कियोस्क 4 वर्ग मीटर।
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025 के लाभ: छोटे उद्यमियों के लिए अवसर
आर्थिक सशक्तिकरण: 70-75% छूट का जादू
प्राथमिकता समूहों को मिलने वाली छूट छोटे व्यवसाय शुरू करने का सुनहरा मौका देगी। उदाहरण: बैंड 2 में दिव्यांग उद्यमी को वेंडिंग मशीन के लिए Rs 375/माह – सालाना Rs 4,500। सॉल्वेंसी Rs 1 लाख ही काफी।
राकेश यादव (अंतरिक्ष इंडिया ग्रुप) जैसे विशेषज्ञ कहते हैं, “यह नीति MSME को बढ़ावा देगी – मेट्रो स्टेशन पर रोज 50,000 ग्राहक।”
सामाजिक प्रभाव: महिलाओं और दिव्यांगों का सशक्तिकरण
महिला NGO और एकल उद्यमियों को 70% छूट से सशक्तिकरण होगा। ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए 75% छूट सामाजिक समावेश का प्रतीक। NMRC का लक्ष्य: 40% आवंटन प्राथमिकता समूहों को।
Micro, Small and Medium Enterprises – नीति का फोकस।
रोजगार सृजन: 1,000 नौकरियां और स्थानीय अर्थव्यवस्था बूस्ट
100+ कियोस्क से 1,000 प्रत्यक्ष रोजगार – स्नैक्स, मोबाइल, स्टेशनरी जैसे बिजनेस। नोएडा की अर्थव्यवस्था को Rs 50 करोड़+ रेवेन्यू।
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025 की चुनौतियां और सुझाव
चुनौतियां: FCFS में दौड़ और सत्यापन
FCFS से तेज आवेदन की दौड़ होगी – वेबसाइट क्रैश का खतरा। सॉल्वेंसी चेक में देरी संभव। विशेषज्ञ सलाह: दस्तावेज पहले तैयार रखें।
सुझाव: सफल आवंटन के टिप्स
- वेबसाइट पर रजिस्टर होकर अलर्ट सेट करें।
- प्राथमिकता समूह प्रमाण पहले जमा।
- लीगल एडवाइजर से कॉन्ट्रैक्ट चेक।
Noida Metro – व्यावसायिक अवसरों का हब।
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025 FAQ: महत्वपूर्ण सवाल-जवाब
Q1: FCFS क्या है?
A: पहले आओ पहले पाओ – आवेदन क्रम पर आवंटन।
Q2: कौन से समूहों को छूट मिलेगी?
A: दिव्यांग/ट्रांसजेंडर (75%), महिला NGO/एकल उद्यमी (70%)।
Q3: शुल्क कैसे तय होता है?
A: स्टेशन बैंड पर – बैंड 2 हाई, बैंड 3 लो।
Q4: आवेदन कैसे करें?
A: NMRC वेबसाइट पर ऑनलाइन, दस्तावेज अपलोड।
Q5: सॉल्वेंसी क्या है?
A: वित्तीय क्षमता प्रमाण – बैंक स्टेटमेंट।
Q6: कितने स्टेशन शामिल?
A: 20+ स्टेशन, वेबसाइट पर मैप।
Q7: अवधि क्या है?
A: 5 साल, रिन्यूअल संभव।
Q8: लाभ क्या हैं?
A: कम शुल्क, रोजगार, मेट्रो फुटफॉल।
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025 – छोटे व्यवसाय का नया द्वार
नोएडा मेट्रो कियोस्क आवंटन नीति 2025 छोटे उद्यमियों के लिए वरदान है। FCFS और छूट से सशक्तिकरण होगा। NMRC की यह पहल नोएडा को व्यावसायिक हब बनाएगी। Desh Ki Patrika पर और पढ़ें: नोएडा मेट्रो विकास।
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