NMRC ने तुरंत एक्शन लिया, सेफ्टी के साथ मैनेज किया ट्रेन मूवमेंट – अब सर्विसेज नॉर्मल
नोएडा, 10 अक्टूबर 2025: नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के SEC 51, SEC 81 और NSEZ स्टेशनों के बीच शुक्रवार सुबह 11:00 बजे सिग्नलिंग सिस्टम में अस्थायी रुकावट (temporary signal disruption) हुई, जिससे ट्रेन ऑपरेशंस प्रभावित हुए। NMRC ने तुरंत सेफ्टी प्रोटोकॉल्स लागू किए और ट्रेन मूवमेंट को सुपरवाइज्ड मोड में मैनेज किया। दोपहर 12:12 बजे तक इश्यू पूरी तरह रिजॉल्व (resolved) हो गया, और अब ट्रेन सर्विसेज नॉर्मल (normal) हो चुकी हैं। क्या इस तेज रिकवरी ने यात्रियों का भरोसा बढ़ाया? आइए, इस खबर की डिटेल्स में उतरें, जहां सेफ्टी और सर्विस का मेल दिखा।
सिग्नलिंग डिसरप्शन का असर: SEC 51 से NSEZ तक प्रभावित हुआ ऑपरेशन
सुबह 11:00 बजे सिग्नलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी (technical glitch) ने SEC 51, SEC 81 और NSEZ स्टेशनों के बीच ट्रेन मूवमेंट को बाधित किया। NMRC ने तुरंत एक्शन लिया, और सेफ्टी के लिए ट्रेन ऑपरेशंस को मैनुअल सुपरविजन (supervised mode) में शिफ्ट किया। एक यात्री ने बताया, “कुछ देर रुकावट हुई, लेकिन स्टाफ ने अच्छे से मैनेज किया।” NMRC ने प्राथमिकता दी – सेफ्टी फर्स्ट, फिर सर्विस रिस्टोर।
तेज रिकवरी: 12:12 बजे तक सर्विस नॉर्मल, यात्रियों ने ली राहत
NMRC की टेक्निकल टीम ने तेजी से काम किया और 1 घंटे 12 मिनट में सिग्नलिंग इश्यू को फिक्स (fixed) कर दिया। दोपहर 12:12 बजे तक ट्रेन सर्विसेज पूरी तरह नॉर्मल हो गईं। कॉरपोरेट कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट ने स्टेटमेंट जारी किया, “यात्रियों की सेफ्टी हमारी प्रायोरिटी। अब सभी ऑपरेशंस रेगुलर शेड्यूल पर।” सोशल मीडिया पर #NMRCSignalFix ट्रेंड, जहां यात्रियों ने तारीफ की – “क्विक रिस्पॉन्स, नोएडा मेट्रो जिंदाबाद!”
NMRC का सेफ्टी कमिटमेंट: सुपरवाइज्ड मूवमेंट ने बरकरार रखा भरोसा
रुकावट के दौरान NMRC ने सेफ्टी प्रोटोकॉल्स (safety protocols) को सख्ती से फॉलो किया। ट्रेन मूवमेंट को सुपरवाइज्ड मोड में मैनेज किया गया, ताकि कोई रिस्क न हो। एक स्टाफ मेंबर बोले, “हमारा फोकस था – सेफ्टी और क्विक रिकवरी।” यात्रियों ने माना कि डिसरप्शन के बावजूद सर्विस मैनेजमेंट टॉप-क्लास था। क्या ये रिस्पॉन्स मेट्रो की रिलायबिलिटी को और मजबूत करेगा?
आगे क्या? NMRC की जागरूकता, यात्रियों का सहयोग
NMRC ने यात्रियों से अपील की – “ऐसे इश्यूज में धैर्य रखें, हम सेफ्टी और सर्विस के लिए कमिटेड हैं।” टेक्निकल अपग्रेड्स और रेगुलर मेंटेनेंस पर फोकस बढ़ेगा। एक यात्री बोलीं, “थोड़ा समय लगा, लेकिन सेफ्टी देखकर सुकून मिला।” ये इंसिडेंट दिखाता है कि NMRC की प्रायोरिटी साफ – सेफ्टी और सर्विस में कोई समझौता नहीं।
