शर्तों के साथ शुरू हुआ अंतरिम शासन
काठमांडू, 13 सितंबर 2025: नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने शुक्रवार देर शाम देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 73 वर्षीय कार्की को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शपथ दिलाई। उनकी नियुक्ति के साथ ही संसद भंग कर दी गई, और 21 मार्च 2026 को नए संसदीय चुनाव होंगे। कार्की ने सख्त शर्तों पर यह जिम्मेदारी स्वीकारी, जिससे नेपाल की राजनीति में स्थिरता की उम्मीद जगी है।
कठिन शर्तों पर बनीं PM
सुशीला कार्की ने प्रधानमंत्री बनने से पहले तीन शर्तें रखीं। पहली, संसद भंग हो; दूसरी, सभी राजनीतिक दलों और Gen-Z प्रदर्शनकारियों का समर्थन मिले; तीसरी, हाल के आंदोलनों में मारे गए युवाओं की निष्पक्ष जांच हो। इन शर्तों पर सहमति बनने के बाद ही उन्होंने शपथ ली। नेपाल के संविधान में जज को सीधे संसद में लाने का प्रावधान नहीं था, इसलिए कानूनी स्पष्टता जरूरी थी।
सुशीला कार्की का प्रेरणादायक सफर
बिराटनगर में जन्मी सुशीला कार्की 2016-17 में नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रहीं। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्त नीति और निष्पक्ष रुख ने उन्हें जनता का चहेता बनाया। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री ली। उनकी मजबूत छवि और अनुभव अब अंतरिम सरकार को दिशा देंगे, जिससे देश में बदलाव की उम्मीद बढ़ी है।
राजनीतिक स्थिरता की नई उम्मीद
सुशीला कार्की की नियुक्ति से नेपाल में महीनों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता खत्म होने की उम्मीद है। भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen-Z के हिंसक प्रदर्शनों के बाद पूर्व PM केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था। कार्की की अंतरिम सरकार अब निष्पक्ष चुनाव की तैयारी करेगी, जिससे नेपाल में शांति और स्थिरता लौटने की संभावना बढ़ गई है।
