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शांति का मार्ग सनातन धर्म में: योगी ने संस्कृत को माध्यम बताया, अन्नपूर्णा आश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन वितरित

वाराणसी में सीएम का भव्य दौरा वाराणसी, 6 अक्टूबर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शांति व सौहार्द का मार्ग प्रशस्त करना है तो सबको सनातन धर्म की ही शरण में आना पड़ेगा। सनातन धर्म ही लोकमंगल,...

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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • मंगलवार, 7 अक्टूबर 2025 | 11:15 AM

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शांति का मार्ग सनातन धर्म में: योगी ने संस्कृत को माध्यम बताया, अन्नपूर्णा आश्रम में लैपटॉप व सिलाई मशीन वितरित
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वाराणसी: 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम के कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समाज में शांति और सौहार्द स्थापित करना है, तो सनातन धर्म की शरण में आना अनिवार्य है। उन्होंने संस्कृत भाषा को सनातन संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने का मुख्य माध्यम बताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों और बालिकाओं को लैपटॉप व सिलाई मशीनें वितरित कीं।

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • सनातन और संस्कृत: सीएम योगी ने कहा कि शांति का मार्ग सनातन धर्म से होकर जाता है और इसे बचाने के लिए संस्कृत को माध्यम बनाना होगा।
  • उपहार वितरण: अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम में छात्रों को लैपटॉप और बालिकाओं को सिलाई मशीनें वितरित की गईं।
  • संस्कृत छात्रों के लिए योजनाएं: उत्तर प्रदेश सरकार ने संस्कृत छात्रों के लिए छात्रवृत्ति शुरू की है और अब भोजन-आवास के लिए अनुदान व शोध छात्रवृत्ति की योजना भी बनाई जा रही है।
  • नारी सशक्तिकरण: मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के स्वावलंबन, सुरक्षा और वस्त्र उद्योग में रोजगार के अवसरों पर विशेष जोर दिया गया।

वाराणसी दौरा और अन्नपूर्णा ऋषिकुल में उपहार वितरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वाराणसी स्थित श्री अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्याश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों और बालिकाओं को अपने हाथों से लैपटॉप व सिलाई मशीनें भेंट कीं।

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने परिसर में पौधरोपण किया और गोशाला में पहुंचकर गायों को चारा, गुड़ व फल खिलाए। दीपावली से पहले मिले इन उपहारों को उन्होंने मां अन्नपूर्णा की कृपा बताया।

बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने हिदायत दी कि कंप्यूटर जहां एक ओर सुविधा और ज्ञान का माध्यम है, वहीं यह भटकाव का कारण भी बन सकता है। उन्होंने छात्रों से सकारात्मक रूप से ज्ञान प्राप्त करने का आह्वान किया।

संस्कृत भाषा के संरक्षण और सरकारी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र संस्कृत का अध्ययन करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति व परंपरा को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। इसके साथ ही वे आधुनिक कंप्यूटर ज्ञान भी प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे विज्ञान, गणित और अंग्रेजी की भी जानकारी रखें। उन्होंने उल्लेख किया कि सेना, अर्धसेना और पुलिस बलों में धर्मगुरुओं की बड़ी संख्या संस्कृत पृष्ठभूमि से निकलती है।

भविष्य की संभावनाओं पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि आने वाले समय में संस्कृत ही दुनिया को जोड़ने वाली भाषा बनेगी। इसके बिना काम नहीं चलेगा।

संस्कृत के छात्रों के लिए यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा:

  • राज्य में हर संस्कृत छात्र के लिए छात्रवृत्ति जारी की गई है।
  • संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था में सरकार अनुदान देने जा रही है।
  • संस्कृत में विशिष्ट शोध और उच्च अध्ययन के लिए विशेष छात्रवृत्ति दी जाएगी।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि दुनिया का पहला विश्वविद्यालय तक्षशिला भारत में स्थापित हुआ था और महर्षि पाणिनी यहीं की देन हैं।

भारतीय संस्कृति में नारी गरिमा और शासन की पहल

यह आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति' अभियान (महिला सुरक्षा, सम्मान व नारी स्वावलंबन) से जुड़ा हुआ था। सीएम ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव रखा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', आवास योजना, मुफ्त शौचालय और 10 करोड़ से अधिक उज्ज्वला योजना के गैस कनेक्शन ने महिलाओं का जीवन आसान बनाया है।

उन्होंने घरौनी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि तीन करोड़ परिवारों को उनके आवास का मालिकाना अधिकार घर की महिला सदस्य के नाम पर दिया गया है, जिससे उनका स्वावलंबन सुनिश्चित हुआ है।

वस्त्र उद्योग और रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के बाद दुनिया में सर्वाधिक रोजगार की संभावना वस्त्र उद्योग (टेक्सटाइल्स) में है। रेडिमेड गारमेंट्स की वैश्विक मांग को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए हैं।

यूपी सरकार की 'एक जनपद, एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत वाराणसी, भदोही, मिर्जापुर और लखनऊ जैसे जिलों में बेहतरीन डिजाइन और पैकेजिंग पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने फ्लैटेड फैक्ट्री के नए मॉडल और लखनऊ में बन रहे 1100 एकड़ के 'पीएम मित्र पार्क' का जिक्र करते हुए कहा कि संत कबीरदास के नाम पर 10 स्थानों पर टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जो युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देंगे।

मठ का सामाजिक योगदान और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट और मठ के 108 वर्षों के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि मठ द्वारा संचालित सभी लोकोपकारी कार्यों को राज्य सरकार का भरपूर सहयोग मिलेगा।

इस अवसर पर श्री अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी जी महाराज, जगद्गुरु संतोषाचार्य जी महाराज 'सतुआ बाबा', यमुनापुरी जी महाराज, महंत बालक देवाचार्य जी महाराज, मंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र 'दयालु', महापौर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी सहित कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस दौरे ने एक ओर जहां धार्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा के संवर्धन पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीकी शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और वस्त्र उद्योग आधारित रोजगार सृजन के जरिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस संदेश दिया।

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