लखनऊ, 2 दिसंबर 2025। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में एक और बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 14 जिलों के सरकारी अस्पतालों को अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों और उपकरणों से लैस करने के लिए ₹9.80 करोड़ की राशि मंजूर कर दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह फैसला उन पिछड़े और ग्रामीण इलाकों पर खास फोकस करता है, जहां अभी तक सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं न के बराबर हैं।
इस निवेश से लाखों मरीजों को अपने जिले में ही सस्ता, तेज और भरोसेमंद इलाज मिलेगा, और लखनऊ-कानपुर जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों पर बोझ भी कम होगा। यह कदम सीधे तौर पर विकसित उत्तर प्रदेश @2047 विजन का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य है – हर जिले में दिल्ली-मुंबई जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं! आइए जानते हैं कौन से 14 जिले, कितनी राशि, कौन से उपकरण और मरीजों को क्या फायदा होगा।
योगी सरकार ने इन 14 जिलों के अस्पतालों के लिए मंजूर की ₹9.80 करोड़ – पूरी लिस्ट और राशि
टॉप 4 अस्पतालों को सबसे बड़ी राशि
| जिला/अस्पताल का नाम | मंजूर राशि (करोड़ में) | मुख्य उपकरण/विकास कार्य |
|---|---|---|
| रामसागर मिश्र संयुक्त चिकित्सालय, साढ़ामऊ (बीकेटी, लखनऊ) | ₹2.70 करोड़ | डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन अपग्रेड, ऑपरेशन थिएटर मॉडर्नाइजेशन |
| जिला महिला चिकित्सालय, बलरामपुर | ₹1.52 करोड़ | अल्ट्रासाउंड, मैटरनिटी वार्ड उपकरण, लेबर रूम अपग्रेड |
| जिला चिकित्सालय, रायबरेली | ₹1.56 करोड़ | डिजिटल एक्स-रे, पैथोलॉजी लैब मशीनें, जनरल वार्ड सुविधाएं |
| जिला संयुक्त चिकित्सालय, महाराजगंज | ₹1.16 करोड़ | सीटी स्कैन यूनिट, आईसीयू वेंटिलेटर, इमरजेंसी उपकरण |
बाकी 10 जिलों को भी मिली मोटी राशि
| जिला/अस्पताल | मंजूर राशि (लाख में) | खास बात |
|---|---|---|
| जिला संयुक्त चिकित्सालय, बागपत | ₹28.55 लाख | डिजिटल एक्स-रे मशीन अपग्रेड |
| दीवान शत्रुघ्न सिंह संयुक्त चिकित्सालय, हमीरपुर | ₹3.35 लाख | पैथोलॉजी लैब उपकरण |
| महिला चिकित्सालय हरैया, बस्ती | ₹8.68 लाख | अल्ट्रासाउंड और प्रसूति उपकरण |
| डॉ. भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला चिकित्सालय, इटावा | ₹38.96 लाख | ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू उपकरण |
| (बाकी 6 जिलों की सूची जल्द जारी) | कुल शेष ≈ ₹2.05 करोड़ | ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्र फोकस |
कुल राशि: ₹9.80 करोड़ – 100% राज्य बजट से। टेंडर प्रक्रिया दिसंबर 2025 में शुरू, मार्च 2026 तक ज्यादातर उपकरण इंस्टॉल।
मरीजों को क्या-क्या फायदा होगा? स्थानीय स्तर पर ही दिल्ली जैसा इलाज!
पहले vs अब – ग्राउंड रियलिटी
| पहले की स्थिति | अब योगी सरकार के फैसले के बाद |
|---|---|
| सीटी स्कैन के लिए लखनऊ-कानपुर भागना पड़ता था | अपने जिले में ही 1 घंटे में रिपोर्ट |
| प्राइवेट में ₹5000-15000 खर्च | सरकारी में ₹0 से ₹500 में जांच |
| रेफरल केस 60-70% | रेफरल केस 30% से नीचे आने की उम्मीद |
| कैंसर, हार्ट अटैक का लेट डायग्नोसिस | अत्याधुनिक मशीनों से तुरंत पता चलेगा |
| लखनऊ के KGMU/SGPGI पर भारी बोझ | बड़े अस्पतालों पर दबाव 20-25% तक कम |
ग्रामीण महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा राहत – अब इलाज के नाम पर कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग – ऑफिशियल अपडेट्स के लिए।
विकसित उत्तर प्रदेश @2047 का स्वास्थ्य रोडमैप – योगी का मेगा विजन
योगी आदित्यनाथ ने 2024 में ही घोषणा की थी – 2047 तक हर जिले में मेडिकल कॉलेज + सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल। यह ₹9.80 करोड़ सिर्फ शुरुआत है।
2047 तक टारगेट
- 75 में से 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज (अभी 65 पूरे/निर्माणाधीन)
- हर जिले में 512 स्लाइस CT स्कैन + MRI सुविधा
- 1 लाख नए डॉक्टर-नर्स की भर्ती
- आयुष्मान भारत के तहत 6 करोड़ परिवारों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज
- टेलीमेडिसिन से गांव-गांव डॉक्टर की सलाह
योगी का बयान (नवंबर 2025): “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी मरीज इलाज के अभाव में दम न तोड़े। 2047 तक उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में देश का नंबर-1 राज्य बनेगा।”
जनता का रिएक्शन – सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा फैसला
X (Twitter) पर #YogiHealthRevolution ट्रेंड कर रहा है:
- “अब रायबरेली में भी CT स्कैन! गांव वालों की दुआएं योगी जी को” – 1.2 लाख लाइक्स
- “बलरामपुर महिला अस्पताल को 1.52 करोड़ – बेटियों की सेहत अब सुरक्षित” – 89K रीट्वीट
- विपक्ष का तंज: “चुनाव नजदीक हैं, अब याद आई स्वास्थ्य सुविधाएं?” – लेकिन ज्यादातर यूजर्स ने समर्थन किया।
योगी सरकार के पिछले 8 साल के स्वास्थ्य रिकॉर्ड – आंकड़ों में झलक
| उपलब्धि | संख्या |
|---|---|
| नए मेडिकल कॉलेज | 48 (2017 से अब तक) |
| नए AIIMS/Ayush अस्पताल | 9 |
| आयुष्मान भारत से मुफ्त इलाज | 6.25 करोड़ कार्डधारी |
| 108/102 एम्बुलेंस फ्लीट | 5,000+ एम्बुलेंस |
| कोविड के समय ऑक्सीजन प्लांट | 562 प्लांट (सभी जिला अस्पतालों में) |
छोटा कदम, बड़ी छलांग – योगी का स्वास्थ्य क्रांति 2.0 शुरू
₹9.80 करोड़ भले ही छोटी राशि लगे, लेकिन यह उन 14 जिलों के लाखों लोगों की जिंदगी बदल देगी। सीटी स्कैन की एक रिपोर्ट के लिए 200 किलोमीटर का सफर अब इतिहास बनेगा। योगी आदित्यनाथ का यह फैसला साबित करता है – विकास और विरासत दोनों साथ चल सकते हैं।
आपके जिले में भी ऐसी सुविधा चाहिए? या यह फैसला आपको कितना राहत देगा? कमेंट करके जरूर बताएं!
