बेतिया जनसभा में गृह मंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, सीता मंदिर और वंदे भारत ट्रेन की घोषणा; घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा
बेतिया, 06 नवंबर 2025। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। आत्मविश्वास भरे अंदाज में उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर को मतगणना के दौरान सुबह 8 बजे से गिनती शुरू होते ही 11 बजे तक ‘लालू एंड कंपनी’ का सूपड़ा साफ हो जाएगा। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का भरोसा जताया।
‘ठगबंधन’ से चंबल राज का खतरा, कमलछाप पर वोट दें: अमित शाह
अपने भाषण की शुरुआत भगवान वाल्मीकि की तपोभूमि चंपारण का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा, “अगर गलती से ‘ठगबंधन’ की सरकार बन गई, तो चंपारण की पावन भूमि ‘चंबल’ की नहरों जैसी हो जाएगी और बिहार फिर जंगलराज के काले दौर में लौट जाएगा।” उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे हालात से बचने के लिए मतदान के समय ‘कमलछाप’ पर बटन दबाएं। शाह ने बताया कि बिहार में पहले चरण का मतदान सफलतापूर्वक हो चुका है, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे, जब एनडीए की जीत सुनिश्चित होगी।
सीता मंदिर और वंदे भारत ट्रेन: नया वादा
गृह मंत्री ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा, “अंग्रेजों, कांग्रेस और लालू एंड कंपनी ने राम मंदिर को अटकाया-भटकाया, लेकिन मोदी जी ने भव्य मंदिर बनवाकर इतिहास रचा।” इसी क्रम में उन्होंने बिहार के सीतामढ़ी में माता सीता के भव्य मंदिर निर्माण की प्रगति बताई। शाह ने वादा किया, “जिस दिन सीतामढ़ी में माता सीता का मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा, उसी दिन अयोध्या से सीतामढ़ी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत कर दी जाएगी।” यह घोषणा सभा स्थल पर भारी तालियों और नारों से गूंज उठी।
घुसपैठियों पर सख्ती: राहुल पर निशाना
सभा में अमित शाह ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने भीड़ से सवाल किया, “क्या बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश से बाहर निकालना चाहिए?” जब जनता ने ‘हां’ के नारों से जवाब दिया, तो शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष किया, “राहुल बाबा ने चार महीने पहले ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ निकाली थी। चाहे वे कितनी भी यात्राएं निकाल लें, हम एक-एक घुसपैठिए को देश से बाहर निकालकर रहेंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि कोई घुसपैठिया बिहार के मुख्यमंत्री का फैसला नहीं कर सकता। शाह ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए कड़े कदम उठाएगी, जबकि बिहार में एनडीए की सरकार ही स्थिरता, विकास और समृद्धि की गारंटी है।
यह जनसभा बिहार चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले एनडीए के पक्ष में उत्साह बढ़ाने का प्रयास था। शाह की रैली में हजारों की संख्या में समर्थक उमड़े, जो ‘मोदी-नीतीश’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज रही थी। विपक्षी दलों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है, लेकिन शाह ने इसे ‘ठगबंधन’ की हार का संकेत बताया।
