ऊधम सिंह नगर में नया केंद्र और डिजिटल एजुकेशन मोबाइल बस का उद्घाटन; सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ, लक्ष्य 1,000 से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना
नोएडा, 05 नवंबर 2025। देश की प्रमुख ऑटोमोटिव कंपनी स्पार्क मिंडा की CSR शाखा स्पार्क मिंडा फाउंडेशन ने उत्तराखंड में दिव्यांगों और जरूरतमंद युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। फाउंडेशन ने उत्तराखंड सरकार के सहयोग से ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में ‘दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास केंद्र’ और ‘डिजिटल एजुकेशन मोबाइल बस’ की शुरुआत की। इस पहल का उद्घाटन मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर फाउंडेशन की चेयरपर्सन सारिका मिंडा भी मौजूद रहीं।
नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता में कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट एवं ग्रुप हेड (CSR और सस्टेनेबिलिटी) प्रवीण कर्ण ने बताया कि यह केंद्र दिव्यांग और ग्रामीण युवाओं को बेसिक कंप्यूटर, टैली, जीएसटी जैसे व्यावहारिक कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान करेगा। प्रशिक्षण के बाद रोजगार सहायता और मार्गदर्शन भी दिया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। कर्ण ने कहा, “स्पार्क मिंडा फाउंडेशन का ‘सक्षम’ कार्यक्रम पहले से ही उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सफलतापूर्वक चल रहा है, जहां 22,000 से अधिक दिव्यांगों को सहायक उपकरण और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अब उत्तराखंड में यह नया केंद्र क्षेत्र के 1,000 से अधिक जरूरतमंद युवाओं को लाभ पहुंचाएगा।”
डिजिटल एजुकेशन मोबाइल बस: ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाएगी शिक्षा
फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई डिजिटल एजुकेशन मोबाइल बस ग्रामीण इलाकों में डिजिटल शिक्षा का द्वार खोलेगी। यह बस आधुनिक उपकरणों से लैस होगी और दूरस्थ गांवों तक पहुंचकर बच्चों व युवाओं को ऑनलाइन कोर्स, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास की सुविधा प्रदान करेगी। कर्ण ने बताया कि यह पहल पहले उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में सफल रही, जहां 1,500 से अधिक युवाओं को लाभ मिल चुका है। उत्तराखंड में भी इसी मॉडल पर काम होगा, जो सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़ा है।
राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ‘सक्षम’ कार्यक्रम का विस्तार
स्पार्क मिंडा फाउंडेशन का ‘सक्षम’ कार्यक्रम दिव्यांगों के सशक्तिकरण पर केंद्रित है, जो सहायक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण, समावेशी कार्यस्थल और आपातकालीन निकासी प्रशिक्षण जैसे पांच प्रमुख उद्देश्यों पर आधारित है। हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा फाउंडेशन को ‘दिव्यांगजनों के लिए सर्वश्रेष्ठ नियोजक’ श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह केंद्र रुद्रपुर में स्थापित तीसरा स्थायी केंद्र है, जो नोएडा (उत्तर प्रदेश) और पुणे (महाराष्ट्र) के बाद उत्तराखंड में फाउंडेशन की उपस्थिति को मजबूत करेगा। फाउंडेशन पांच राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और तमिलनाडु—में शिक्षा, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है।
प्रवीण कर्ण ने कहा, “यह पहल न केवल दिव्यांगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी, बल्कि समावेशी समाज की नींव रखेगी। हम सरकार और स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी में इन कार्यक्रमों को विस्तार देंगे।” स्पार्क मिंडा ग्रुप ने अगले पांच वर्षों में दिव्यांग कर्मचारियों की संख्या 42% बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जो उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
