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Thursday, 19 Feb 2026

ग्राम पंचायत औवार में 79 साल बाद भी नहीं बनी सड़क: सामाजिक कार्यकर्ता ने विधायक को लिखा भावुक पत्र

औवार

आजादी के 79 साल बाद भी 200 लोग चारपाई पर ढो रहे हैं मरीज, विकास का दावा खोखला!

जौनपुर, 19 फरवरी 2026 | उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की मछलीशहर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत औवार की एक दर्दनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के पाठक मजरा में रहने वाले करीब 200 लोगों के लिए आज तक एक भी पक्की सड़क नहीं बन पाई है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुबाष चन्द्र निषाद ने विधायक डॉ. रागिनी सोनकर को एक भावुक पत्र लिखा है, जिसमें तत्काल सड़क निर्माण की माँग की गई है।

देश को आजाद हुए 79 वर्ष हो गए, सरकारें आईं-गईं, विकास के वादे हुए — लेकिन जौनपुर का यह गाँव आज भी उपेक्षा की धूल फाँक रहा है।

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300 मीटर की दूरी — और मरीज को उठाना पड़ता है चारपाई पर

ग्राम पंचायत औवार के पाठक पुरवा की कहानी किसी को भी झकझोर देने वाली है।

जमीनी हकीकत:

समस्याविवरण
सड़क की स्थिति300 मीटर तक कोई पक्का मार्ग नहीं
प्रभावित आबादीलगभग 200 लोग (ब्राह्मण समाज, पाठक मजरा)
मरीज परिवहनखाट/चारपाई पर उठाकर 300 मीटर ले जाना पड़ता है
शादी-विवाहबारात और सामान लाने-ले जाने में भारी कठिनाई
रोजमर्रा की जिंदगीप्रतिदिन आवागमन में अपमान और परेशानी
प्रशासनिक उपेक्षाआजादी के बाद से अब तक कोई सुनवाई नहीं

सामाजिक कार्यकर्ता सुबाष चन्द्र निषाद ने अपने पत्र में लिखा: “किसी के बीमार होने पर आज भी लोग खाट से 300 मीटर तक मरीज को ले जाते और ले आते हैं। लिंक सड़क मार्ग न होने के कारण पाठक पुरवा के लोग कितनी जिल्लत झेलते हैं, इस पीड़ा और दर्द का निदान कैसे हो?”


सामाजिक कार्यकर्ता का पत्र: विकास के दावों पर तीखा सवाल

जनपद जलालपुर, विकासखंड जलालपुर के अंतर्गत आने वाले इस गाँव की पीड़ा को उठाते हुए सुबाष चन्द्र निषाद ने विधायक को लिखे पत्र में सरकार पर भी सवाल दागे।

उन्होंने लिखा: “क्या ऐसे विकास से माननीय मुख्यमंत्री जी विकसित उत्तर प्रदेश बनाना चाहते हैं?”

पत्र में की गई मुख्य माँगें:

  • ग्राम पंचायत औवार में पाठक पुरवा तक 300 मीटर नई सड़क का निर्माण
  • विधानसभा के बजट सत्र में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाए
  • आम जनता को आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिले

विधायक डॉ. रागिनी सोनकर से अपील

पत्र मछलीशहर विधानसभा की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर को सम्बोधित किया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता ने विनम्र अनुरोध किया है कि विधायक इस मुद्दे को विधानसभा में जोरदार तरीके से उठाएं ताकि सरकारी बजट में इस सड़क के लिए धन आवंटित हो सके।

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पत्र लेखक का परिचय:

विवरणजानकारी
नामसुबाष चन्द्र निषाद
पदसामाजिक कार्यकर्ता
ग्राम पंचायतऔवार
विधानसभाकेराकत
जनपदजौनपुर
संपर्क7388818696

उपेक्षा के सवाल: जिम्मेदार कौन?

यह मामला केवल एक सड़क का नहीं है — यह उस व्यवस्थागत उदासीनता का प्रतीक है जिसमें देश के सुदूर गाँव दशकों से पिस रहे हैं।

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उठते हैं ये बड़े सवाल:

  • 79 सालों में किसी जनप्रतिनिधि की नजर इस गाँव पर क्यों नहीं पड़ी?
  • विकास खंड और जिला प्रशासन क्या करते रहे इतने वर्षों तक?
  • मनरेगा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं का लाभ यहाँ क्यों नहीं पहुँचा?
  • सिर्फ 300 मीटर की सड़क के लिए इतने साल क्यों इंतजार?

ग्रामीणों की पीड़ा: रोज का संघर्ष

पाठक पुरवा के निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी किसी परीक्षा से कम नहीं है। बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं — कीचड़ और दलदल के बीच रास्ता निकालना किसी जंग लड़ने जैसा है।

दैनिक जीवन की चुनौतियाँ:

  • स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज कठिनाई
  • बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए घर से निकलना लगभग असंभव
  • आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस का न पहुँच पाना
  • दुल्हन की डोली तक कंधों पर ढोनी पड़ती है
  • व्यापार और रोजगार में भारी नुकसान

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क्या अब होगी सुनवाई?

सुबाष चन्द्र निषाद का यह पत्र सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विधायक डॉ. रागिनी सोनकर इस पीड़ा को समझेंगी और विधानसभा में आवाज उठाएंगी।

माँग स्पष्ट है — बस 300 मीटर सड़क चाहिए। न कोई बड़ा ओवरब्रिज, न फ्लाईओवर — सिर्फ एक पक्की सड़क जिससे बीमार को अस्पताल पहुँचाया जा सके, बेटी की विदाई सम्मान से हो, और बच्चे स्कूल जा सकें।


निष्कर्ष

ग्राम पंचायत औवार का पाठक पुरवा आज भी विकास की प्रतीक्षा में है। 200 लोगों की यह आबादी वर्षों से चुपचाप यह दर्द सहती आई है। सुबाष चन्द्र निषाद जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज ही इन उपेक्षित गाँवों की उम्मीद है।

अब गेंद विधायक, जिला प्रशासन और सरकार के पाले में है। देखना यह है कि 79 साल पुरानी उपेक्षा का अंत होता है या यह पत्र भी फाइलों की धूल में दब जाता है।


देशकीपत्रिका ब्यूरो, जौनपुर | ग्राम पंचायत औवार के इस मामले पर हम नज़र बनाए हुए हैं और आगे की कार्रवाई की जानकारी आपतक पहुँचाते रहेंगे।

रिपोर्टिंग राम भुवन सिंह, दैनिक भास्कर