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Sunday, 26 Apr 2026

डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह बने कुमारगंज कृषि विश्वविद्यालय के नए कुलपति

एनबीपीजीआर निदेशक को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए मिली नियुक्ति, अनुसंधान और नवाचार को मिलेगी नई दिशा

अयोध्या, 12 फरवरी 2026 | आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज को नया कुलपति मिल गया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को विश्वविद्यालय का नया कुलपति नियुक्त किया है।

तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए नियुक्ति

राजभवन से जारी आदेश के अनुसार डॉ. सिंह की नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए की गई है। वर्तमान में वे आईसीएआर-नेशनल ब्यूरो ऑफ प्लांट जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीपीजीआर), नई दिल्ली के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं। यह संस्थान भारत में कृषि अनुसंधान और पौध आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय भूमिका निभाता है।

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विश्वविद्यालय को मिलेगी नई दिशा

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज से सेवानिवृत्त ओमप्रकाशसिंह , S.T.A. पोटेंशियल काप योजना, आ. न. देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी, विश्व विश्विद्यालय कुमारगंज अयोध्या, सेवा निवृत्त ने इस नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “इस नियुक्ति से अयोध्या स्थित कृषि विश्वविद्यालय में अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा मिलेगी, जिसका सीधा लाभ किसानों और छात्रों को मिलेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “इनके आने से इस विश्वविद्यालय में जितने भी काम अधूरे हैं, उनके जल्द से जल्द पूरा होने की संभावना है। इनके आगमन से सभी कर्मचारियों और अधिकारियों में एक अलग ही तरह का उत्साह दिखाई दे रहा है।”

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विशिष्ट शैक्षणिक पृष्ठभूमि

डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह कृषि विज्ञान में विशेषज्ञ हैं, विशेष रूप से पौध आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन और फसल सुधार के क्षेत्र में उनकी गहरी पहचान है।

एनबीपीजीआर के निदेशक के रूप में उन्होंने देश भर के पौध जेनेटिक संसाधनों के संरक्षण, संग्रहण और उपयोग की रणनीतियों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है।

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शोध कार्य में उपलब्धियां

डॉ. सिंह की वैज्ञानिक उपलब्धियों में निम्नलिखित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण शोध कार्य शामिल हैं:

पोषण अनुसंधान: फसलों में पोषक तत्वों की वृद्धि संबंधी अध्ययन

उन्नत आनुवंशिक तकनीक: आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग

कृषि जैव विविधता: पौध प्रजातियों का संरक्षण और विकास

उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर कई सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, जो उनकी शोध क्षमता और कृषि विज्ञान में योगदान को दर्शाते हैं।

कुलपति के रूप में जिम्मेदारियां

कुलपति के रूप में डॉ. सिंह विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुसंधान कार्यों का नेतृत्व करेंगे। उनके कार्यकाल का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित होगा:

  • कृषि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
  • शोध और अनुसंधान को बढ़ावा
  • विद्यार्थी विकास और कौशल निर्माण
  • किसानों के लिए व्यावहारिक समाधान
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक मानक

किसानों को होगा सीधा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. सिंह का व्यापक अनुभव और शोध कार्य पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध होगा। उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई फसल किस्में और कृषि तकनीकें क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगी।

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विश्वविद्यालय परिसर में खुशी का माहौल

विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र डॉ. सिंह के आगमन को लेकर उत्साहित हैं। उनसे उम्मीद है कि वे अपने व्यापक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर के संपर्कों का उपयोग कर विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रमुख कृषि शिक्षण संस्थान है, जो हजारों छात्रों को कृषि विज्ञान की शिक्षा प्रदान करता है।


देशकीपत्रिका ब्यूरो, अयोध्या | डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह जैसे अनुभवी और पुरस्कृत वैज्ञानिक की नियुक्ति से उत्तर प्रदेश में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई गति मिलने की उम्मीद है। उनका नेतृत्व विश्वविद्यालय के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।