नई दिल्ली। देश की राजधानी के सबसे व्यस्त नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जल्द ही बुलडोजर और हथौड़े चलते दिखेंगे। इस प्रमुख रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए मार्च 2026 से इसके एक हिस्से को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ठेका लेने वाली कंपनी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। आइए जानते हैं कि यह स्टेशन क्यों तोड़ा जा रहा है, कब से काम शुरू होगा और इससे ट्रेनों का संचालन कैसे प्रभावित होगा।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, पुनर्विकास का कार्य मार्च 2026 से शुरू होगा। इसे चार चरणों में 45 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहाड़गंज की तरफ से इसका काम शुरू होगा और धीरे-धीरे पूरे स्टेशन को नया रूप दिया जाएगा। वर्ष 2023 के आम बजट में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की घोषणा की थी, जिसके तहत अब टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। पहले चरण में प्लेटफॉर्म संख्या 1 से 5 को तोड़कर उनका पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में प्लेटफॉर्म 6 से 9 और फिर प्लेटफॉर्म 10 से 13 तथा अंत में 14 से 16 पर काम होगा। इस दौरान कुछ प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
पुनर्विकास योजना के अंतर्गत स्टेशन के दोनों ओर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई इमारतें बनाई जाएंगी। सभी 16 प्लेटफॉर्म और ट्रैक को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। साथ ही स्टेशन के आसपास 7 नए फ्लाईओवर भी बनेंगे जिससे यातायात जाम की समस्या से निजात मिल सके।
स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अजमेरी गेट की ओर होल्डिंग एरिया का निर्माण कार्य चल रहा है। यह क्षेत्र मुख्यत: अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों के लिए होगा, जहां वे ट्रेन के आने तक रुक सकेंगे। इसे अक्तूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
निर्माण कार्य के चलते नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली कई ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर स्थानांतरित किया जाएगा। शकूर बस्ती में तीन और आनंद विहार में दो नए प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। पंजाब जम्मू-कश्मीर की दिशा में जाने वाली ट्रेनें शकूर बस्ती से, जबकि पूर्व दिशा की ट्रेनों को आनंद विहार से चलाने की योजना है। इसी प्रकार, यूपी-बिहार और बंगाल की ट्रेनें भी आनंद विहार स्थानांतरित की जा सकती हैं। ाध्य प्रदेश और गुजरात की दिशा में जाने वाली ट्रेनों को हजरत निजामुद्दीन, राजस्थान की ट्रेनों को दिल्ली कैंट से और कुछ गाड़ियों को पुरानी दिल्ली एवं सराय रोहिल्ला स्टेशनों से संचालित किया जा सकता है।
यह पुनर्विकास परियोजना नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। नए स्टेशन में हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, लिफ्ट, एस्केलेटर और बेहतर यात्री सुविधाएं होंगी। यह परियोजना न केवल स्टेशन की क्षमता बढ़ाएगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर में यातायात और पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
तैयारी: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर चलेगा बुल्डोजर, नवीनीकरण होने की संभावना
