🔥 ट्रेंडिंग न्यूज़:
यूपी सीएम यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज की मीटिंग में कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश दिएदिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने लॉन्च की ‘महिला सशक्तिकरण योजना 2026’: 10 लाख महिलाओं को मिलेगा रोजगार प्रशिक्षणकेंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदमयूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक: कहीं जश्न तो कहीं मायूसी, दिल्ली में बुद्धिजीवियों ने जताई चिंताराष्ट्रीय लोकदल महिला प्रकोष्ठ का बड़ा अधिवेशन: 1 फरवरी को ग्रेटर नोएडा में हजारों महिलाएं होंगी शामिल, सशक्तिकरण और नेतृत्व पर फोकसउच्च शिक्षा संस्थान: विषमता के टापू बनते जा रहे हैं हमारे विश्वविद्यालययूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने जापानी प्रतिनिधिमंडल से की मुलाकात: हरित हाइड्रोजन और सांस्कृतिक सहयोग पर जोररेखा गुप्ता ने गणतंत्र दिवस पर झुग्गी-बस्तियों के लिए 327 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया
Wednesday, 04 Feb 2026

126 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सुपरटेक के खिलाफ एफआइआर दर्ज

fir-registered-against-supertech-in-126-crore-fraud-case

नई दिल्ली। सीबीआई ने बिल्डर सुपरटेक और उसके निदेशकों के खिलाफ वित्तीय श्री उसकी के आरोप में एफआइआर दर्ज की है। सुपरटेक के खिलाफ पहले से ही दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में कई केस दर्ज हैं। यही नहीं ईडी मनी लांडिंग की जांच भी कर रही है। ताजा मामला सीचीआई ने आइडीबीआई बैंक की ओर की गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया है। इस प्रकरण में आइडीबीआई ने 126 करोड़ रुपये के नुकसान का आरोप लगाया है।
सीबीआई की प्रवक्ता चीना यादव के अनुसार, एफ एफआईआर दर्ज करने के बाद सुपरटेक और इसके निदेशकों के नोएडा और गाजियाबाद स्थित पांच ठिकानों की तलाशी ली गई। जांच एजेंसी ने तलाशी के दौरान अहम दस्तावेजों के साथ ही 28.50 लाख रुपये नकद बरामद होने का दावा किया है। एफआइआर में सुपरटेक कंपनी के साथ ही इसके प्रमोटर व मैनेजिंग डायरेक्टर आरके अरोड़ा, निर्देशक संगीता अरोड़ा, प्रमोटर निदेशक मीहित अरोड़ा, निदेशक पारुल अरोड़ा, निदेशक विकास कंसल, निदेशक प्रदीप कुमार, निर्देशक अनिल कुमार शर्मा और निदेशक अनिल कुमार जैन को आरोपित बनाया है।
सीबीआई के अनुसार, आइडीबीआइ ने सुपरटेक और उसके निदेशकों पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से लोन लेने और लोन के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। आइडीबीआई ने निदेशकों पर जानबूझकर खुद को दिवालिया घोषित करने का भी आरोप लगाया ताकि बैंक उनसे पैसे की वसूली न कर सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *