रिपोर्ट: महेंद्र प्रताप सिंह
जल बोर्ड को मिली असली ताकत
दिल्ली के मुख्यमंत्री श्रीं रेखा गुप्ता ने आज ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जल बोर्ड को पहली बार निर्णय लेने और काम पूरा करने की असली ताक़त दी है। अब यह संस्था नाम मात्र की नहीं बल्कि सही मायनों में स्वायत्त और सक्षम बन गई है। इससे अब दिल्ली के जनता को पेयजल को लेकर कोई परेशानी नहीं उठानी होगीं।
अब जल बोर्ड खुद लेगा फैसले
दिल्ली जल बोर्ड यमुना की सफ़ाई, नालों के उपचार और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी तमाम योजनाएं स्वयं स्वीकृत करेगा और ज़मीन पर उतारेगा।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार नहीं
करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के लिए बोर्ड को कैबिनेट की स्वीकृति का इंतज़ार नहीं करना होगा। इससे दिल्ली के विकास में अब कोई समस्या नहीं आयेगी।
क्या बदलेगा इस फैसले से?
- अब जल बोर्ड को फैसले लेने के लिए किसी और विभाग या कैबिनेट के पास नहीं जाना पड़ेगा।
- यमुना की सफाई, नालों की मरम्मत और पानी की सप्लाई जैसी योजनाएं जल्दी शुरू होंगी।
- जनता को पानी की दिक्कतों से राहत मिलेगी।
- दिल्ली के विकास के कामों में रफ्तार आएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस फैसले का दिल्ली के लोगों और सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है। उम्मीद है अब दिल्ली में पानी की दिक्कतें कम होंगी और सफाई के काम भी तेजी से होंगे।
