नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026 — बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आवामी लीग के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री हसन महमूद ने अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये कोई लोकतांत्रिक चुनाव नहीं, बल्कि एक सुनियोजित प्रक्रिया है, जिसे पाकिस्तान के इशारे पर चलाया जा रहा है। हसन महमूद ने देश की जनता और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करने की अपील की है।
हसन महमूद ने आजतक से खास बातचीत में कहा, “ये कोई लोकतांत्रिक चुनाव नहीं, बल्कि एक सुनियोजित चुनाव है। चुनावी प्रक्रिया को इस तरह से तैयार किया गया है, जिससे एक विशेष विचारधारा को सत्ता में बनाए रखा जा सके।” उन्होंने दावा किया कि बांग्लादेश की मौजूदा अंतरिम सरकार पाकिस्तान के इशारों पर चल रही है और बाहरी ताकतें देश के आंतरिक मामलों को नियंत्रित कर रही हैं।
हसन महमूद के मुख्य आरोप और बयान
हसन महमूद ने चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह चुनाव अवामी लीग को बाहर रखकर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अवामी लीग के लाखों समर्थकों को मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। पूर्व मंत्री ने अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि वह एक खास विचारधारा को सत्ता में बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
उन्होंने शेख हसीना के बारे में बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री बिल्कुल ठीक हैं और सुरक्षित स्थान पर हैं। हसन महमूद ने विश्वास जताया कि शेख हसीना जल्द ही बांग्लादेश लौटेंगी और पार्टी की कमान संभालेंगी। उन्होंने उस्मान हादी की मौत जैसे आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि अवामी लीग की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
बांग्लादेश चुनाव 2026 की पृष्ठभूमि
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव होने हैं। यह चुनाव 2024 के जन आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव है, जब शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार चुनाव करा रही है। चुनाव में 300 संसदीय सीटों पर सीधी लड़ाई होगी, जबकि 50 महिला आरक्षित सीटें आनुपातिक तरीके से तय होंगी। हर वोटर को दो बैलेट मिलेंगे – एक संसदीय चुनाव के लिए और दूसरा सुधारों पर जनमत संग्रह के लिए।
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अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा हुआ है, जिससे चुनाव की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। हसन महमूद ने इसे ‘सुनियोजित’ बताते हुए बहिष्कार की अपील की है। यह बयान बांग्लादेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रभाव
आवामी लीग के नेता हसन महमूद का यह बयान अंतरिम सरकार के लिए चुनौती है। कई विपक्षी दल इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। अंतरिम सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। चुनाव से पहले यह विवाद बांग्लादेश की राजनीति को और गरम कर सकता है।
बांग्लादेश में चुनाव की निष्पक्षता और अवामी लीग की भागीदारी पर बहस तेज है। हसन महमूद के बयान से शेख हसीना के समर्थकों में नई ऊर्जा आई है। चुनाव के नतीजे बांग्लादेश के भविष्य को तय करेंगे।
मुख्य बिंदु
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| चुनाव की तारीख | 12 फरवरी 2026 |
| मुख्य आरोप | चुनाव सुनियोजित, पाकिस्तान के इशारे पर, अवामी लीग बाहर |
| हसन महमूद का बयान | चुनाव का बहिष्कार करें, शेख हसीना जल्द लौटेंगी |
| अंतरिम सरकार पर दावा | बाहरी ताकतों से नियंत्रित, विशेष विचारधारा को सत्ता में रखने की कोशिश |
| शेख हसीना की स्थिति | सुरक्षित स्थान पर, जल्द लौटने की उम्मीद |
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: हसन महमूद ने चुनाव पर क्या कहा?
उत्तर: चुनाव निष्पक्ष नहीं, सुनियोजित है। बहिष्कार की अपील की।
प्रश्न: शेख हसीना के बारे में क्या बताया?
उत्तर: ठीक हैं, सुरक्षित स्थान पर, जल्द बांग्लादेश लौटेंगी।
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प्रश्न: अंतरिम सरकार पर मुख्य आरोप क्या हैं?
उत्तर: पाकिस्तान के इशारे पर चल रही, बाहरी ताकतों से नियंत्रित।
प्रश्न: चुनाव में क्या विशेष है?
उत्तर: अवामी लीग बाहर, जनमत संग्रह के साथ संसदीय चुनाव।
प्रश्न: यह बयान क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: चुनाव से पहले विवाद बढ़ा सकता है, राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
यह बयान बांग्लादेश की राजनीति में तूफान ला सकता है। ज्यादा अपडेट के लिए deshkipatrika.com पर बने रहें।
