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Sunday, 26 Apr 2026

लखनऊ में चंद्रशेखर आजाद के समर्थकों ने नगर निगम मेयर की कार रोकी: सड़क पर उतरा गुस्सा, पुलिस से भिड़ंत

लखनऊ, 03 फरवरी 2026 — लखनऊ में आज चंद्रशेखर आजाद के आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के समर्थकों ने नगर निगम मेयर के साथ तीखी नारेबाजी की और उनकी कार को रोक दिया। यह घटना नगर निगम कार्यालय के बाहर हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने मेयर पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप लगाए। पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा और मामला कुछ देर तक तनावपूर्ण रहा। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ सकती है।

आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता लंबे समय से नगर निगम के कामकाज को लेकर नाराज चल रहे थे। वे आरोप लगा रहे हैं कि मेयर ने क्षेत्र में सड़क, नाली और सफाई के कामों में लापरवाही बरती है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि विकास का पैसा सही जगह नहीं पहुंच रहा। जब मेयर कार्यालय से निकले, तो सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और उनकी कार को रोक दिया। नारे लगाए गए – “मेयर इस्तीफा दो”, “भ्रष्टाचार बंद करो”।

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा क्यों भड़का?

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर निगम में कई इलाकों में सड़कें टूटी हुई हैं, नालियां भरी हुई हैं और सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। चंद्रशेखर आजाद के समर्थक कहते हैं कि मेयर ने चुनाव के समय जो वादे किए थे, उन पर अमल नहीं हुआ। आजाद समाज पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल मेयर के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खिलाफ है। पार्टी ने पहले भी कई बार नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाए हैं।

घटना के दौरान पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ताओं को हल्का धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा, लेकिन कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मेयर ने कार से उतरकर कार्यकर्ताओं से बात करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। पुलिस ने बीच-बचाव किया और मेयर को सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

पुलिस ने प्रदर्शन को शांत करने के लिए काफी संख्या में बल तैनात किया। एसीपी और सीओ स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कार रोकने से ट्रैफिक जाम हो गया था। कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन मामला दर्ज करने की बात कही जा रही है। लखनऊ पुलिस ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और जांच चल रही है।

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राजनीतिक प्रतिक्रिया

यह घटना यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ सकती है। आजाद समाज पार्टी पहले से ही यूपी में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। कई विपक्षी नेता इस घटना को सरकार की नाकामी बता रहे हैं। दूसरी तरफ, सत्ताधारी दल ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक स्टंट है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश दिए थे, और यह घटना उसी संदर्भ में देखी जा रही है।

आम लोगों की राय

लखनऊ के कई इलाकों में लोग इस घटना पर बात कर रहे हैं। कुछ लोग कार्यकर्ताओं का समर्थन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि नगर निगम में सुधार की जरूरत है। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि प्रदर्शन का तरीका गलत था। लखनऊ की सड़कों पर आज यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

आगे क्या होगा?

आजाद समाज पार्टी ने कहा है कि अगर मेयर इस्तीफा नहीं देते या सुधार नहीं करते, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दूसरी तरफ, नगर निगम ने कहा है कि विकास कार्य चल रहे हैं और शिकायतों पर कार्रवाई हो रही है। यह घटना यूपी की स्थानीय राजनीति में नया मोड़ ला सकती है।

मुख्य बिंदु (तालिका)

घटना का विवरणस्थिति और प्रभाव
स्थानलखनऊ नगर निगम कार्यालय के बाहर
मुख्य आरोपभ्रष्टाचार, विकास कार्यों में लापरवाही
प्रदर्शनकारीआजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता
पुलिस कार्रवाईस्थिति नियंत्रण में, कोई गिरफ्तारी नहीं
राजनीतिक प्रतिक्रियाविपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा, सत्ता पक्ष ने स्टंट बताया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न: आज लखनऊ में क्या हुआ?
उत्तर: आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मेयर की कार रोकी और नारेबाजी की।

प्रश्न: प्रदर्शनकारियों के मुख्य आरोप क्या हैं?
उत्तर: मेयर पर भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के आरोप।

प्रश्न: पुलिस ने क्या किया?
उत्तर: पुलिस ने स्थिति संभाली, मेयर को सुरक्षित निकाला, कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई।

प्रश्न: क्या यह बड़ा आंदोलन बनेगा?
उत्तर: पार्टी ने बड़ा आंदोलन की चेतावनी दी है, लेकिन अभी स्थिति शांत है।

प्रश्न: मेयर का क्या कहना है?
उत्तर: मेयर ने कहा कि विकास कार्य चल रहे हैं और शिकायतों पर कार्रवाई हो रही है।

यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ सकती है। लखनऊ में कानून-व्यवस्था और स्थानीय मुद्दे अब और चर्चा में आएंगे। ज्यादा अपडेट के लिए deshkipatrika.com पर बने रहें।