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साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रहने की तैयारी, लक्ष्मी सिंह ने पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाई

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक दिवसीय साइबर जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की, जिसमें डिजिटल साक्ष्य, क्रिप्टोकरेंसी, CDR और IPDR पर प्रशिक्षण दिया गया।

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केंद्रीय संपादकीय डेस्क • मंगलवार, 1 सितंबर 2026 | 04:54 AM

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साइबर अपराधियों से एक कदम आगे रहने की तैयारी, लक्ष्मी सिंह ने पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाई
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साइबर अपराध के लगातार बदलते तौर-तरीकों के बीच गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अपनी जांच व्यवस्था को तकनीकी रूप से और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में सोमवार, 31 अगस्त को कमिश्नरेट में एक दिवसीय साइबर जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में पुलिसकर्मियों को डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल और साइबर अपराध की वैज्ञानिक तरीके से विवेचना के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिसकर्मियों को बताया गया कि साइबर अपराध के मामलों में डिजिटल साक्ष्यों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाए और उनका वैज्ञानिक विश्लेषण किस तरह विवेचना को मजबूत कर सकता है।

डिजिटल साक्ष्य जांच की अहम कड़ी

प्रशिक्षण के दौरान साइबर विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधियों की बदलती कार्यप्रणाली और डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि साइबर अपराध के मामलों में डिजिटल साक्ष्यों को किस प्रकार सुरक्षित रखा जाए और उनका वैज्ञानिक विश्लेषण किस तरह विवेचना को मजबूत कर सकता है।

कार्यशाला में क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन तकनीक, CDR और IPDR जैसे तकनीकी विषयों पर भी चर्चा की गई। इन तकनीकों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को समझने और जरूरत पड़ने पर न्यायालय में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने के पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर

कार्यशाला का फोकस केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा। पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए भी जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। आधुनिक तकनीकी उपकरणों और डिजिटल संसाधनों के व्यावहारिक इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।

कार्यशाला का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त साइबर विवेक रंजन राय ने किया। इसमें साइबर क्राइम थाना, जोनल साइबर सेल और आईटी सेल में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ वर्ष 2023 बैच के उपनिरीक्षकों तथा कमिश्नरेट के विभिन्न थानों की साइबर हेल्पडेस्क पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया।

बदलते अपराध के साथ बदल रही पुलिसिंग

ऑनलाइन ठगी, डिजिटल फ्रॉड, फर्जी पहचान और क्रिप्टोकरेंसी जैसे माध्यमों से होने वाले अपराधों ने पुलिस के सामने जांच की नई चुनौतियां खड़ी की हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से लगातार अपडेट रखना महत्वपूर्ण हो गया है।

लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित यह कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसका उद्देश्य पुलिस बल की तकनीकी दक्षता बढ़ाकर साइबर अपराधों की जांच को अधिक वैज्ञानिक, निष्पक्ष और प्रभावी बनाना है। कमिश्नरेट की ओर से भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखने की बात कही गई है।

वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर

(वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर)

प्रिंट मीडिया में 20 साल का अनुभव। राजनीतिक घटनाक्रम और नीति विश्लेषण पर गहरी पकड़।


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