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Monday, 09 Feb 2026

बजट 2026: निवेदिता सिंह की रिपोर्ट – 7 नए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा, अहमदाबाद से चेन्नई तक जुड़ेगा भारत

bullet train

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए भारत के परिवहन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की। देश को 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर मिलेंगे जो प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेंगे। यह परियोजना भारत के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

ये 7 कॉरिडोर लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे और इनमें कुल ₹16 लाख करोड़ का निवेश होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सभी सात कॉरिडोर पर एक साथ काम शुरू होगा और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से सीखे गए अनुभव की वजह से यह प्रोजेक्ट तेज गति से पूरे होंगे।

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लेकिन इन 7 कॉरिडोर का भारत के लिए वास्तविक मतलब क्या है? आइए विस्तार से समझते हैं कि कैसे ये परियोजनाएं भारत की यात्रा को पूरी तरह बदल देंगी।

बजट 2026 में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

पूरी सूची और विवरण

वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा:

“पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच ग्रोथ कनेक्टर्स के रूप में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे।”

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क्रमांकरूटदूरी (अनुमानित)यात्रा समय (वर्तमान)यात्रा समय (बुलेट ट्रेन)
1मुंबई – पुणे118 किमी3-4 घंटे45 मिनट
2पुणे – हैदराबाद560 किमी8-9 घंटे1 घंटा 55 मिनट
3हैदराबाद – बेंगलुरु618 किमी10-11 घंटे2 घंटे
4हैदराबाद – चेन्नई778 किमी12-13 घंटे2 घंटे 55 मिनट
5चेन्नई – बेंगलुरु350 किमी6-7 घंटे1 घंटा 30 मिनट
6दिल्ली – वाराणसी764 किमी12-14 घंटे3 घंटे 50 मिनट
7वाराणसी – सिलीगुड़ी~812 किमी15-16 घंटे2 घंटे 55 मिनट

कुल दूरी: लगभग 4,000 किलोमीटर कुल निवेश: ₹16 लाख करोड़ अधिकतम गति: 320 किमी/घंटा


भारत का बुलेट ट्रेन नेटवर्क: एक नया युग

अगर इन रूट्स को मिलाकर देखें तो क्या बनता है?

जब आप इन 7 कॉरिडोर को अलग-अलग देखते हैं तो ये बड़े शहरों के बीच छोटे-छोटे हाई-स्पीड सेक्शन लगते हैं। लेकिन सामूहिक रूप से देखें तो एक बड़ी तस्वीर बनती है।

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दक्षिण भारत: हाई-स्पीड ट्रायंगल (या डायमंड)

चेन्नई – बेंगलुरु – हैदराबाद का त्रिकोण बनेगा:

  • चेन्नई से बेंगलुरु: 1.5 घंटे
  • बेंगलुरु से हैदराबाद: 2 घंटे
  • हैदराबाद से चेन्नई: 2 घंटे 55 मिनट

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दक्षिण और पश्चिम का कनेक्शन:

  • मुंबई से अहमदाबाद (निर्माणाधीन)
  • मुंबई से पुणे
  • पुणे से हैदराबाद
  • हैदराबाद से बेंगलुरु/चेन्नई

मतलब: अहमदाबाद से चेन्नई तक सीधा हाई-स्पीड रेल कनेक्शन!

उत्तर और पूर्व भारत: नया इकोनॉमिक कॉरिडोर

दिल्ली से सिलीगुड़ी का कनेक्शन:

  • दिल्ली → वाराणसी: 3 घंटे 50 मिनट
  • वाराणसी → पटना → सिलीगुड़ी: 2 घंटे 55 मिनट

यह दिल्ली-UP-बिहार-बंगाल को जोड़ने वाला एक नया आर्थिक गलियारा बनेगा।

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पूरे भारत का बुलेट ट्रेन मैप

अगले कुछ वर्षों में जब ये सभी रूट चालू हो जाएंगे तो:

  • अहमदाबाद से चेन्नई तक बुलेट ट्रेन से सफर
  • दिल्ली से सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
  • देश के प्रमुख IT हब, मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स, फाइनेंशियल हब आपस में जुड़ेंगे

वर्तमान स्थिति: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन

भारत का पहला बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) वर्तमान में निर्माणाधीन है:

प्रोजेक्ट विवरण:

  • कुल दूरी: 508 किलोमीटर
  • अधिकतम गति: 320 किमी/घंटा
  • यात्रा समय: 1 घंटा 58 मिनट (वर्तमान में 7-8 घंटे)
  • स्टेशन: 12 (मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद, साबरमती)
  • कुल लागत: ₹1.08 लाख करोड़

वर्तमान प्रगति:

  • 56% काम पूरा हो चुका है (फरवरी 2026 तक)
  • पहला सेक्शन: सूरत-वापी (100 किमी) अगस्त 2027 तक चालू होगा
  • पूरा प्रोजेक्ट: 2027-28 तक चरणबद्ध तरीके से

जापान का सहयोग:

  • जापान से ₹88,000 करोड़ का सॉफ्ट लोन (0.1% ब्याज)
  • शिंकानसेन तकनीक (Shinkansen E5 बुलेट ट्रेन)
  • भारतीय इंजीनियरों की जापान में ट्रेनिंग

मुंबई-अहमदाबाद से क्या सीखा?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा:

“पहले मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के दौरान देश ने लर्निंग कर्व चढ़ाई है। आज हमारे इंजीनियर तकनीक को समझते हैं – सिविल, ओवरहेड इक्विपमेंट, सिग्नलिंग सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, स्टेशन कंस्ट्रक्शन। यह एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हमें इस अनुभव पर आगे बढ़ना है।”

नए प्रोजेक्ट्स में फायदे:

  1. तेज निर्माण – अनुभवी टीम और इंफ्रास्ट्रक्चर
  2. कम लागत – घरेलू निर्माण (indigenisation) बढ़ेगा
  3. बेहतर प्लानिंग – पहली बार की गलतियों से बचाव
  4. तकनीकी आत्मनिर्भरता – भारत में ही प्रोपल्शन सिस्टम बन रहे हैं

7 कॉरिडोर का विस्तृत विवरण और DPR स्टेटस

1. मुंबई – पुणे हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: 118 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 3-4 घंटे (सड़क/रेल) बुलेट ट्रेन में: 45 मिनट

प्रस्तावित स्टेशन:

  • नवी मुंबई
  • लोनावाला
  • पुणे

DPR स्टेटस:

  • DPR तैयार और रेल मंत्रालय को सौंपी जा चुकी है
  • मंजूरी का इंतजार

महत्व:

  • भारत की फाइनेंशियल कैपिटल से IT हब तक
  • रोज लाखों लोग यात्रा करते हैं
  • व्यापार और पर्यटन को बूस्ट

2. पुणे – हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: 560 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 8-9 घंटे (सड़क) बुलेट ट्रेन में: 1 घंटा 55 मिनट

प्रस्तावित स्टेशन:

  • पुणे
  • सोलापुर
  • कलबुर्गी (गुलबर्गा)
  • जहीराबाद
  • हैदराबाद

DPR स्टेटस:

  • DPR रेल मंत्रालय को प्रस्तुत
  • अप्रूवल प्रोसेस में

महत्व:

  • महाराष्ट्र की मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट से तेलंगाना के टेक इकोसिस्टम तक
  • मराठवाड़ा क्षेत्र का विकास

3. हैदराबाद – बेंगलुरु हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: 618 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 10-11 घंटे (सड़क) बुलेट ट्रेन में: 2 घंटे

प्रस्तावित स्टेशन:

  • हैदराबाद
  • विकाराबाद
  • कुर्नूल
  • अनंतपुर
  • धर्मवरम
  • बेंगलुरु

DPR स्टेटस:

  • सर्वे का काम सितंबर 2025 में आदेशित
  • मुंबई-हैदराबाद लाइन के एक्सटेंशन के रूप में
  • चरणबद्ध डिजाइन चल रहा है

विशेष:

  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा है कि यह कॉरिडोर हैदराबाद, चेन्नई, अमरावती और बेंगलुरु को जोड़ने वाले नेटवर्क का हिस्सा होगा

4. हैदराबाद – चेन्नई हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: 778 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 12-13 घंटे (सड़क/रेल) बुलेट ट्रेन में: 2 घंटे 55 मिनट

प्रस्तावित स्टेशन:

  • हैदराबाद
  • नलगोंडा
  • विजयवाड़ा
  • गुडूर
  • नेल्लोर
  • चेन्नई

DPR स्टेटस:

  • नवंबर 2025 में साउथ सेंट्रल रेलवे ने फाइनल अलाइनमेंट तमिलनाडु सरकार को सौंपी
  • RITES लिमिटेड ने फाइनल अलाइनमेंट सर्वे और ट्रैफिक पोटेंशियल एनालिसिस किया
  • राज्य सरकार की मंजूरी के एक महीने के भीतर DPR फाइनल होगी

महत्व:

  • तेलंगाना की राजधानी से तमिलनाडु की राजधानी तक
  • पूर्वी तट का प्रमुख कनेक्शन

5. चेन्नई – बेंगलुरु हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: 350 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 6-7 घंटे (सड़क) बुलेट ट्रेन में: 1 घंटा 30 मिनट

प्रस्तावित स्टेशन:

  • चेन्नई
  • कांचीपुरम
  • वेल्लोर
  • होसुर
  • बेंगलुरु

DPR स्टेटस:

  • DPR सबमिट की जा चुकी है
  • सबसे पहले मंजूर होने की संभावना

महत्व:

  • दक्षिण भारत के दो सबसे बड़े IT हब को जोड़ेगा
  • रोज हजारों IT प्रोफेशनल्स यात्रा करते हैं
  • सेम-डे बिजनेस ट्रिप संभव होगा

6. दिल्ली – वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: 764 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 12-14 घंटे (रेल) बुलेट ट्रेन में: 3 घंटे 50 मिनट

प्रस्तावित स्टेशन:

  • दिल्ली (नई दिल्ली)
  • नोएडा
  • आगरा
  • इटावा
  • कानपुर
  • लखनऊ
  • प्रयागराज (इलाहाबाद)
  • वाराणसी

DPR स्टेटस:

  • DPR सबमिट की गई है
  • उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय

महत्व:

  • राष्ट्रीय राजधानी से PM मोदी के संसदीय क्षेत्र तक
  • UP के प्रमुख शहरों को कनेक्ट करेगा
  • धार्मिक पर्यटन को बूस्ट (प्रयागराज, वाराणसी)

7. वाराणसी – सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर

दूरी: लगभग 812 किलोमीटर वर्तमान यात्रा समय: 15-16 घंटे (रेल) बुलेट ट्रेन में: 2 घंटे 55 मिनट

प्रस्तावित स्टेशन:

  • वाराणसी
  • गाजीपुर
  • बलिया
  • पटना (बिहार)
  • मुजफ्फरपुर
  • मोतिहारी
  • पूर्णिया
  • सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)

DPR स्टेटस:

  • इनिशियल सर्वे काम इस साल के अंत में शुरू होगा
  • सबसे नया प्रस्ताव

महत्व:

  • पूर्वी भारत का पहला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
  • उत्तर प्रदेश-बिहार-पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा
  • पूर्वोत्तर भारत का गेटवे (सिलीगुड़ी)
  • एक नया इकोनॉमिक बेल्ट बनेगा

बजट 2026-27: रेलवे को रिकॉर्ड आवंटन

₹2.93 लाख करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर

भारतीय रेलवे को बजट 2026-27 में सबसे अधिक आवंटन मिला है:

आवंटन का प्रकारराशिपिछले वर्ष से वृद्धि
कुल बजट आवंटन₹2,78,030 करोड़10.8%
कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex)₹2,93,030 करोड़8.83%
सुरक्षा के लिए₹1,20,000 करोड़

सुरक्षा पर फोकस:

  • कवच (Kavach) ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम
  • दुर्घटनाओं में 95% कमी का लक्ष्य
  • स्टेशनों का आधुनिकीकरण
  • CCTV मॉनिटरिंग

नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: दानकुनी से सूरत

माल गाड़ियों के लिए भी बड़ी घोषणा

बजट में नया ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) की घोषणा:

रूट: दानकुनी (पश्चिम बंगाल) से सूरत (गुजरात)

राज्य जिनसे होकर गुजरेगा:

  • पश्चिम बंगाल
  • ओडिशा
  • छत्तीसगढ़
  • मध्य प्रदेश
  • महाराष्ट्र
  • गुजरात

विशेषताएं:

  • कुल दूरी: 2,052 किलोमीटर
  • मौजूदा Western DFC से इंटीग्रेट होगा
  • पश्चिमी तट के बंदरगाहों तक निर्बाध माल परिवहन
  • लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी

फायदे:

  • मौजूदा रेल नेटवर्क का डीकंजेशन
  • तेज माल परिवहन
  • आर्थिक उत्पादन में वृद्धि

यात्रा समय में कितनी कमी आएगी?

पहले और बाद की तुलना

दक्षिण भारत:

रूटवर्तमान समयबुलेट ट्रेन मेंबचत
चेन्नई – बेंगलुरु6-7 घंटे1.5 घंटे4.5-5.5 घंटे
बेंगलुरु – हैदराबाद10-11 घंटे2 घंटे8-9 घंटे
हैदराबाद – चेन्नई12-13 घंटे2 घंटे 55 मिनट9-10 घंटे

पश्चिम और दक्षिण:

रूटवर्तमान समयबुलेट ट्रेन मेंबचत
पुणे – हैदराबाद8-9 घंटे1 घंटा 55 मिनट6-7 घंटे
मुंबई – पुणे3-4 घंटे45 मिनट2-3 घंटे

उत्तर और पूर्व:

रूटवर्तमान समयबुलेट ट्रेन मेंबचत
दिल्ली – वाराणसी12-14 घंटे3 घंटे 50 मिनट8-10 घंटे
वाराणसी – सिलीगुड़ी15-16 घंटे2 घंटे 55 मिनट12-13 घंटे

उदाहरण:

  • सुबह दिल्ली से निकलें → दोपहर वाराणसी → शाम सिलीगुड़ी
  • सुबह मुंबई से निकलें → दोपहर हैदराबाद → शाम चेन्नई/बेंगलुरु

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

GDP ग्रोथ में योगदान

सीधा प्रभाव:

  • ₹16 लाख करोड़ का निवेश
  • लाखों नौकरियां (निर्माण + संचालन)
  • स्टील, सीमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री को बूस्ट

अप्रत्यक्ष प्रभाव:

  • रीजनल डेवलपमेंट – कॉरिडोर के साथ नए शहर विकसित होंगे
  • बिजनेस ग्रोथ – सेम-डे बिजनेस मीटिंग संभव
  • टूरिज्म – आसान यात्रा से पर्यटन में वृद्धि
  • रियल एस्टेट – स्टेशनों के पास विकास

पर्यावरण के फायदे

कार्बन उत्सर्जन में कमी:

  • हाई-स्पीड रेल हवाई यात्रा से 90% कम कार्बन उत्सर्जन
  • सड़क परिवहन से भी कम प्रदूषण
  • इलेक्ट्रिक ट्रेनें – जीरो डायरेक्ट एमिशन

अन्य फायदे:

  • सड़कों पर ट्रैफिक कम
  • हवाई अड्डों पर कंजेशन में कमी
  • टिकाऊ विकास (Sustainable Development)

सामाजिक बदलाव

कनेक्टिविटी:

  • छोटे शहर बड़े शहरों से जुड़ेंगे
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
  • परिवारों में मिलना-जुलना आसान

जॉब मार्केट:

  • लोग दूर शहरों में काम कर सकेंगे
  • डेली कम्यूट संभव (100-200 किमी तक)
  • उदाहरण: पुणे में रहो, मुंबई में काम करो

चुनौतियां और सवाल

क्या ये प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे?

मुंबई-अहमदाबाद का उदाहरण:

  • कई डेडलाइन मिस हुईं
  • 2018 में शुरू, 2027-28 तक पूरा होगा
  • लैंड एक्विजिशन सबसे बड़ी चुनौती

नए प्रोजेक्ट्स के लिए चिंताएं:

  1. जमीन अधिग्रहण – किसानों से जमीन लेना मुश्किल
  2. राज्य सरकारों का सहयोग – विभिन्न राज्यों में समन्वय
  3. पर्यावरण मंजूरी – कई क्लीयरेंस चाहिए
  4. फंडिंग – ₹16 लाख करोड़ का इंतजाम कैसे?

क्या टिकट किफायती होंगे?

मुंबई-अहमदाबाद के अनुमानित किराए:

  • स्टैंडर्ड क्लास: ₹3,000-3,500
  • बिजनेस क्लास: ₹5,000-6,000
  • हवाई यात्रा से सस्ता लेकिन ट्रेन से महंगा

आम आदमी के लिए:

  • क्या मध्यम वर्ग afford कर पाएगा?
  • सरकार को सब्सिडी देनी होगी?
  • सामान्य ट्रेनें भी चलती रहेंगी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बजट 2026 में कितने हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा हुई?

केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की है। ये हैं: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी, और वाराणसी-सिलीगुड़ी। कुल मिलाकर ये कॉरिडोर लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी कवर करेंगे।

भारत में बुलेट ट्रेन कब चलेगी?

भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद रूट पर अगस्त 2027 में चलने की उम्मीद है, हालांकि यह केवल सूरत-वापी के 100 किमी सेक्शन पर होगी। पूरा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर 2027-28 तक चरणबद्ध तरीके से चालू होगा। नए घोषित 7 कॉरिडोर पर एक साथ काम शुरू होगा और 2030 के बाद चालू होने की संभावना है।

बुलेट ट्रेन में कितने घंटे का सफर होगा?

बुलेट ट्रेन 320 किमी/घंटा की गति से चलेगी। उदाहरण: मुंबई-अहमदाबाद (508 किमी) में 1 घंटा 58 मिनट, मुंबई-पुणे (118 किमी) में 45 मिनट, चेन्नई-बेंगलुरु (350 किमी) में 1 घंटा 30 मिनट, दिल्ली-वाराणसी (764 किमी) में 3 घंटे 50 मिनट लगेंगे। यह वर्तमान यात्रा समय से 60-70% कम है।

प्रोजेक्ट बुलेट ट्रेन में कुल कितना खर्च आएगा?

7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल ₹16 लाख करोड़ का निवेश होगा। मुंबई-अहमदाबाद प्रोजेक्ट (पहले से निर्माणाधीन) पर ₹1.08 लाख करोड़ खर्च हो रहा है। कुल मिलाकर भारत के बुलेट ट्रेन नेटवर्क पर ₹17 लाख करोड़ से अधिक का निवेश होगा, जो भारत के इतिहास में परिवहन क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है।

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से भारत को क्या फायदा होगा?

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से कई फायदे होंगे: (1) यात्रा समय में 60-70% की कमी, (2) कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी – पर्यावरण के अनुकूल परिवहन, (3) प्रमुख शहरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, (4) क्षेत्रीय विकास – कॉरिडोर के साथ नए शहर विकसित होंगे, (5) व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा, (6) लाखों नौकरियां (निर्माण और संचालन), (7) GDP ग्रोथ में योगदान।

क्या बुलेट ट्रेन आम आदमी के लिए होगी?

बुलेट ट्रेन के किराए अभी तक घोषित नहीं हुए हैं, लेकिन मुंबई-अहमदाबाद रूट पर अनुमानित किराया ₹3,000-6,000 हो सकता है, जो हवाई यात्रा से सस्ता लेकिन सामान्य ट्रेन से महंगा होगा। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य ट्रेनें भी चलती रहेंगी। बुलेट ट्रेन मुख्य रूप से बिजनेस ट्रैवलर्स, टूरिस्ट्स और अपर-मिडिल क्लास के लिए होगी।


भारत की यात्रा का नया युग

बजट 2026 में घोषित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत के परिवहन इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम हैं। जब ये सभी कॉरिडोर चालू हो जाएंगे, तब:

कनेक्टिविटी:

  • अहमदाबाद से चेन्नई तक बुलेट ट्रेन
  • दिल्ली से सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड कनेक्शन
  • देश के सभी प्रमुख शहर आपस में जुड़े

विकास:

  • ₹16 लाख करोड़ का निवेश
  • लाखों नौकरियां
  • नए शहरों का विकास
  • GDP ग्रोथ में तेजी

पर्यावरण:

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • सड़क और हवाई यात्रा पर दबाव कम
  • टिकाऊ विकास

चुनौतियां:

  • जमीन अधिग्रहण
  • समय पर पूरा करना
  • किफायती किराए सुनिश्चित करना

भारत 2047 तक विकसित देश बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। ये हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर उस सपने को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


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अंतिम अपडेट: 7 फरवरी 2026, दोपहर 2:00 बजे IST लेखक: देश की पत्रिका अर्थव्यवस्था डेस्क श्रेणी: बजट 2026, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था

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