इस बार दिल्ली की होली सिर्फ गुलाल और पिचकारी तक नहीं रुकी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस त्योहार को एक नई पहचान दी — जहाँ उन्होंने रंगों के जश्न को महिला सशक्तिकरण की बड़ी योजनाओं से जोड़ दिया। होली से ठीक पहले दिल्ली सरकार ने राजधानी की बेटियों, माँओं और बहनों के लिए ऐसे तोहफे दिए, जो शायद इस शहर के इतिहास में पहले कभी एक साथ नहीं आए थे।
होली का असली रंग — चार बड़ी योजनाएं एक साथ:
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित “सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली” कार्यक्रम में CM रेखा गुप्ता ने चार बड़ी महिला-केंद्रित योजनाएं लॉन्च कीं — दिल्ली लखपति बिटिया योजना, मेरी पूंजी मेरा अधिकार योजना, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर स्कीम और सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड।
बेटियाँ बनेंगी “लखपति”:
CM ने घोषणा की कि “दिल्ली लखपति बेटी योजना” के तहत दिल्ली सरकार बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक होने तक आर्थिक सहायता देगी। स्नातक करने वाली हर लड़की के खाते में पहले 61,000 रुपये जमा होंगे और परिपक्वता पर यह राशि लगभग 1.25 लाख रुपये हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पुरानी लाडली योजना के तहत 1.75 लाख लड़कियों की धनराशि सरकारी खातों में ही पड़ी थी। पहले चरण में 30,000 लड़कियों को खोजकर DBT के माध्यम से 90 करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे गए।
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रसोई की राहत — मुफ्त गैस सिलेंडर:
होली और दिवाली पर राशन कार्ड धारक परिवारों को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना शुरू की गई, जिससे करीब 15.50 लाख परिवारों को सीधे फायदा होगा और लगभग 129 करोड़ रुपये DBT से महिलाओं के खाते में पहुंचेंगे।
CM ने कहा, “हमारा वादा था कि हम दिवाली और होली पर दो सिलेंडर मुफ्त देंगे — आज वह वादा पूरा हो गया।”
“पिंक कार्ड” — आज़ादी से चलने का हक:
महिलाओं के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड लॉन्च किया गया, जिससे दिल्ली की महिलाएं DTC बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी और एक ही कार्ड से मेट्रो व RRTS में भी सफर कर सकेंगी।
होली पर दिल की बात:
CM रेखा गुप्ता ने होली के मौके पर दिल्लीवासियों से आह्वान करते हुए कहा, “आइए, हम सब मिलकर नफरत को खत्म करें और भाईचारे के रंगों से एक मजबूत और समरस समाज का निर्माण करें।”
उन्होंने इन योजनाओं को जीवन के तीन पहलुओं से जोड़ते हुए कहा, “यह शिक्षा, गतिशीलता और घरेलू सशक्तिकरण को छूने का प्रयास है।”
निष्कर्ष:
इस होली CM रेखा गुप्ता का संदेश महज एक राजनेता की बधाई नहीं था — यह एक सरकार का अपनी जनता से किया गया वादा था जो पूरा हुआ। रंगों के इस पर्व पर दिल्ली की लाखों बेटियों और महिलाओं को जो सौगात मिली, वह शायद उनकी सबसे यादगार होली बन गई। जब सरकार त्योहार को सिर्फ नारों से नहीं, बल्कि असली बदलाव से मनाए — तो होली का रंग और भी गहरा हो जाता है।
