नई दिल्ली, 4 जनवरी 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज एक व्यस्त दिन बिताया, जहां उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और गरीब कल्याण दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए। आईटीओ स्थित छठ घाट पर यमुना नदी सफाई अभियान का निरीक्षण करते हुए उन्होंने जनभागीदारी की सराहना की, जबकि कैबिनेट बैठक में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत 65,883 गरीब परिवारों को 15 महीने तक मुफ्त पैक्ड चीनी वितरण की मंजूरी दी। ये पहलें न केवल दिल्ली सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती हैं, बल्कि 2026 को विकास और समृद्धि का वर्ष बनाने के संकल्प को मजबूत करती हैं।
यमुना सफाई अभियान: जन आंदोलन का रूप ले रही मुहिम
सुबह के समय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता छठ घाट पहुंचीं, जहां सैकड़ों युवा, समाजसेवी और स्थानीय निवासी यमुना की सफाई में जुटे थे। उन्होंने खुद कूड़े साफ करने में हाथ बंटाया और अधिकारियों के साथ प्रगति की समीक्षा की। “यमुना हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। इसका पुनर्जीवन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। दिल्ली ने यह संकल्प लिया है और हम इसे पूरा करेंगे,” गुप्ता ने कहा। यह अभियान पिछले कुछ महीनों से तेज हो रहा है, जिसमें घाटों की सफाई, जल प्रदूषण नियंत्रण और वृक्षारोपण पर जोर दिया जा रहा है। दिल्ली सरकार ने 2026 तक यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा है, जो राष्ट्रीय स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ा है।
स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति को उत्साहजनक बताया। एक युवा स्वयंसेवक ने कहा, “सीएम जी की प्रेरणा से हम रोज सफाई में हिस्सा ले रहे हैं। पहले कूड़े के ढेर थे, अब घाट साफ-सुथरा लग रहा है।” अभियान में एनजीओ और स्कूलों की भागीदारी भी बढ़ी है, जो पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा दे रही है। हालांकि, विपक्षी दलों ने प्रदूषण पर बहस की मांग की है, जो कल से शुरू हो रही दिल्ली विधानसभा की शीतकालीन सत्र में प्रमुख मुद्दा बनेगी। सत्र में सीएजी रिपोर्ट्स और वायु प्रदूषण पर चर्चा होगी, जहां रेखा गुप्ता सरकार अपनी उपलब्धियों का जवाब देगी।
यमुना सफाई न केवल पर्यावरणीय है, बल्कि आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण। स्वच्छ नदी से मत्स्य पालन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जो दिल्ली की जीडीपी में योगदान देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गति बनी रही, तो 2026 तक यमुना का जल स्तर सुधर सकता है। दिल्ली सरकार ने इसके लिए 500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है, जिसमें स्ट्रीट वेंडर्स और सफाईकर्मियों को प्रोत्साहन शामिल है।
गरीब कल्याण: 15 महीने मुफ्त चीनी वितरण का बड़ा ऐलान
दोपहर में हुई कैबिनेट बैठक में रेखा गुप्ता की अगुवाई में एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। अंत्योदय अन्न योजना के तहत जनवरी 2026 से मार्च 2027 तक 65,883 गरीब परिवारों को हर महीने एक किलो ब्रांडेड पैक्ड चीनी मुफ्त मिलेगी। यह योजना नए वर्ष का तोहफा है, जो गरीबों के पोषण स्तर को मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “गरीबों का कल्याण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह चीनी वितरण न केवल आर्थिक राहत देगा, बल्कि स्वच्छ और पैकेज्ड उत्पादों से स्वास्थ्य सुधार में मदद करेगा।” योजना के तहत चीनी PDS दुकानों से वितरित होगी, और डिजिटल ट्रैकिंग से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम केंद्र सरकार की खाद्य सुरक्षा नीतियों से प्रेरित है, जो दिल्ली को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है।
इससे पहले, रेखा गुप्ता सरकार ने 2025 में कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जैसे फ्री बिजली और पानी विस्तार। विपक्ष ने इसे चुनावी लाभ बताया, लेकिन समर्थकों का कहना है कि यह वास्तविक बदलाव लाएगा। X (पूर्व ट्विटर) पर #CMRekhaGupta और #FreeSugar ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स ने सराहना की।
रेखा गुप्ता सरकार का 2026 विजन: विकास और समावेश
रेखा गुप्ता ने 2025 में दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। ‘दिल्ली शब्दोत्सव 2026’ का उद्घाटन कर संस्कृति को बढ़ावा दिया, जबकि विधानसभा में अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय के चित्र अनावरण से प्रेरणा स्रोत जोड़े। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा, “2.5 वर्षों में दिल्ली दुनिया की सर्वश्रेष्ठ रहने योग्य शहर बनेगी।”
हालांकि, चुनौतियां बाकी हैं। प्रदूषण और ट्रैफिक पर विपक्ष सवाल उठा रहा है, लेकिन गुप्ता सरकार का दावा है कि 2026 तक legacy मुद्दे हल हो जाएंगे। कल के सत्र में ये मुद्दे गर्म रहेंगे।
निष्कर्ष: दिल्ली का सुनहरा भविष्य
रेखा गुप्ता की नेतृत्व में दिल्ली बदल रही है। यमुना सफाई से पर्यावरण, मुफ्त चीनी से कल्याण—ये कदम समावेशी विकास की मिसाल हैं। 2026 दिल्ली के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अधिक जानकारी के लिए दिल्ली सरकार की वेबसाइट देखें।
