नई दिल्ली, 1 अगस्त 2025, रात 9:03 बजे (IST)
भारत ने गुरुवार को भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती और लचीलेपन पर जोर दिया। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद आया, जिसमें उन्होंने भारत के उच्च व्यापार अवरोधों और रूस से तेल व सैन्य उपकरणों की खरीद का हवाला दिया।
मजबूत हैं भारत-अमेरिका संबंध
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हमारे अमेरिका के साथ मजबूत रक्षा संबंध हैं, जो पिछले कई वर्षों से और मजबूत हो रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे रक्षा साझेदारी में और वृद्धि की संभावना है। हम दोनों देशों द्वारा तय किए गए ठोस एजेंडे पर केंद्रित हैं।”
ट्रम्प के दावों का जवाब
ट्रम्प ने भारत पर 25% टैरिफ और जुर्माने की घोषणा करते हुए भारत द्वारा रूस से तेल और सैन्य उपकरण खरीदने का जिक्र किया था। जवाब में, विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश के साथ संबंधों को तीसरे देश के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। जायसवाल ने कहा, “किसी भी देश के साथ हमारे संबंध अपनी योग्यता पर आधारित हैं और इन्हें तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।”
राष्ट्रीय हितों की रक्षा पर जोर
भारत ने पहले भी ट्रम्प की टैरिफ घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वह राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठाएगा। सरकार ने बयान में कहा, “भारत और अमेरिका पिछले कुछ महीनों से निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। हम इस लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध हैं।” मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह ट्रम्प की टैरिफ घोषणा के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है।
रूस के साथ समय-परीक्षित साझेदारी
जायसवाल ने भारत-रूस संबंधों को समय-परीक्षित और स्थिर बताया। रक्षा और ऊर्जा खरीद पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “रक्षा जरूरतों का स्रोत पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक आकलन पर आधारित है। इसी तरह, ऊर्जा जरूरतों का स्रोत बाजार में उपलब्धता और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।”
आगे बढ़ेंगे भारत-अमेरिका संबंध
टैरिफ की घोषणा के बावजूद, विदेश मंत्रालय ने भरोसा जताया कि भारत-अमेरिका संबंध प्रगति करते रहेंगे। जायसवाल ने कहा, “हमें विश्वास है कि अमेरिका के साथ हमारा रिश्ता आगे बढ़ता रहेगा।”
