जेवर (गौतम बुद्ध नगर), 30 अक्टूबर 2025। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) यात्रियों के लिए हाई-टेक सफर का नया दौर लेकर आ रहा है। यहां फेस रिकग्निशन टेक्नोलॉजी पूरी तरह एकीकृत होगी—एंट्री से बोर्डिंग गेट तक सिर्फ चेहरा दिखाना होगा, बोर्डिंग पास या ID की झंझट खत्म! दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, मेरठ, हरियाणा से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ एयरपोर्ट तेज, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल पहुंच सुनिश्चित करेगा। डिजिटल इंडिया की दिशा में यह बड़ा कदम उत्तर भारत को नया एविएशन हब बनाने जा रहा है।
फेस रिकग्निशन: बोर्डिंग पास फ्री एक्सपीरियंस
यात्रियों को एयरपोर्ट एंट्री, चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग गेट पर सिर्फ फेस स्कैन करना होगा। यह तकनीक यात्रा को तेज और बिना कागजी झंझट के बनाएगी।
सड़क कनेक्टिविटी: हर दिशा से सीधी पहुंच
- यमुना एक्सप्रेसवे: सीधा जुड़ाव।
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (बल्लभगढ़ लिंक): हरियाणा-पश्चिम भारत से सुगमता।
- ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे: गाजियाबाद, मेरठ, पलवल, सोनीपत से कनेक्शन।
- उत्तर-पूर्व एक्सेस रोड: औद्योगिक-मालवाहक ट्रैफिक के लिए तैयार।
- सेक्टर-28 सेवा सड़क: 60 मीटर चौड़ी, यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ी।
रेल और रैपिड रेल: हाई-स्पीड कनेक्शन
- RRTS (रीजनल रैपिड रेल): दिल्ली से जेवर तक DPR मंजूर।
- चोला-रुंधी रेल लाइन: रेल मंत्रालय की तैयारी।
- दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड कॉरिडोर: जेवर स्टेशन प्रावधान।
इलेक्ट्रिक बसें: अंतिम माइल कनेक्टिविटी
UPSRTC के साथ समझौता। उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान से अंतरराज्यीय सेवा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे—पर्यावरण-अनुकूल और किफायती।
कैब और कार रेंटल: ऐप से बुकिंग
- NIA ब्रांडेड कैब (महिंद्रा लॉजिस्टिक्स): समयबद्ध, सुरक्षित सेवा।
- ऐप-बेस्ड टैक्सी: उबर, रैपिडो, मेक माई ट्रिप; ओला अनुबंध अंतिम चरण में। लाइव ट्रैकिंग, किराया पारदर्शी।
- कार रेंटल: सेल्फ-ड्राइव या ड्राइवर सहित।
उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब
सड़क, रेल, रैपिड रेल, बस—चारों माध्यमों से एकीकृत कनेक्टिविटी वाला देश का चुनिंदा एयरपोर्ट। जेवर दिल्ली-एनसीआर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मेरठ को जोड़ेगा। पर्यटन, उद्योग और व्यापार को नई गति मिलेगी।
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