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Wednesday, 04 Feb 2026

प्रदूषण मुक्त दीवाली 2025: डॉ. सुरेश बंसल की सलाह – पटाखों से बचें, पर्यावरण और सेहत बचाएं!

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2025: दीपावली का पर्व नजदीक है, लेकिन इस बार इसे हरा-भरा और सुरक्षित बनाने की सलाह। बंसल ग्लोबल हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. सुरेश बंसल ने कहा, “पटाखों से जहर और ध्वनि प्रदूषण फैलता, प्रदूषण मुक्त दीवाली मनाएं।” गायनोलॉजिस्ट डॉ. विमला बंसल ने चेताया – पटाखों की तेज आवाज और जहरीली गैसें गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के लिए खतरनाक। स्वदेशी मिठाइयों, शुद्ध पकवानों और दीपों की रोशनी से खुशहाली लाएं। क्या इस बार दिल्ली की दीवाली पर्यावरण का दीपक जलाएगी? आइए, इस संदेश की गहराई में उतरें, जहां सेहत, संस्कृति और पर्यावरण का मेल है।

पांच दिन का दीपोत्सव: धनतेरस से भाई दूज तक, खुशहाली का संदेश

डॉ. सुरेश बंसल ने कहा, “दीपावली पांच दिन का पर्व – धनतेरस, छोटी दीवाली, लक्ष्मी पूजन, बड़ी दीवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज।” ये त्योहार शांति, सद्भावना और ज्ञान का दीप जलाने का प्रतीक। उन्होंने सुझाया – “स्वदेशी मिठाइयां गिफ्ट करें, घर में शुद्ध पकवान बनाएं, मिलावट से बचें।” X पर #GreenDiwali2025 ट्रेंड, लोग बोले – “रोशनी का त्योहार, प्रदूषण से मुक्त।”

पटाखों का जहर: पर्यावरण और सेहत पर कहर

डॉ. बंसल ने चेताया, “पटाखे वातावरण में जहरीली गैसें छोड़ते – PM2.5, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड।” CPCB के अनुसार, दिल्ली में दीवाली के बाद AQI 400+ तक पहुंचता। ध्वनि प्रदूषण 100 डेसिबल से ज्यादा – कानों, दिल और दिमाग पर असर। “पटाखा-मुक्त दीवाली से पर्यावरण बचेगा, सांसें सुरक्षित रहेंगी।” एक दिल्लीवासी बोले, “इस बार सिर्फ दीये जलाएंगे।”

गर्भवती महिलाओं पर खतरा: डॉ. विमला बंसल की चेतावनी

बंसल ग्लोबल हॉस्पिटल की गायनोलॉजिस्ट डॉ. विमला बंसल ने कहा, “पटाखों की तेज आवाज और गैसें गर्भवती मां और शिशु को नुकसान।” दूसरी तिमाही से बच्चा सुनता – 120 डेसिबल की आवाज से सुनने की समस्या, तनाव। “गैसें अस्थमा, सांस की बीमारी का खतरा बढ़ातीं।” WHO के मुताबिक, प्रदूषण से प्रीमैच्योर डिलीवरी का रिस्क 15% तक। एक मां बोली, “इस बार पटाखे नहीं, बच्चे की सेहत पहले।”

स्वदेशी और शुद्धता का मंत्र: दीवाली को बनाएं हेल्दी

डॉ. बंसल ने सलाह – “घर में शुद्ध घी के पकवान, देसी मिठाइयां।” मिलावटी मिठाइयों से बचें, लोकल दुकानों को सपोर्ट करें। दीये, रंगोली और प्रार्थना से दीवाली की रौनक बढ़ाएं। “प्रकृति बचेगी, तो त्योहार सच्चा होगा।” दिल्ली में #EcoDiwali कैंपेन जोर पकड़ रहा – क्या आप साथ देंगे?

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