🔥 ट्रेंडिंग न्यूज़:
राघव चड्ढा ने थामा BJP का दामन — AAP छोड़ने के बाद बड़ा सियासी U-Turnयोगी सरकार का बड़ा तोहफा: नोएडा में न्यूनतम मजदूरी 21% बढ़ी, लाखों मजदूरों को सीधा फायदायोगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान: यूपी में अब हर गरीब को मिलेगा पक्का मकान, 25 लाख घरों का टारगेटबंगाल में योगी का दांव: क्या BJP की ‘हिंदुत्व लहर’ ममता के गढ़ को तोड़ पाएगी?महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिरा — मोदी सरकार की 12 साल में पहली बड़ी संवैधानिक हारसफाई कर्मचारियों को ‘स्वच्छता प्रहरी’ का दर्जा — मानव अधिकार आयोग ने किया सम्मानितयोगी आदित्यनाथ: UP में बुलडोज़र से बजट तक — एक मुख्यमंत्री जो हमेशा सुर्खियों में रहता हैजौनपुर के गांव की बेटी ने CBSE 10वीं में मारी बाज़ी, BDR Public School के बच्चों ने रचा इतिहास
Sunday, 26 Apr 2026

यूपी में महिलाएं बनीं कामकाजी, योगी सरकार की योजनाओं का कमाल

यूपी में महिलाएं अब ज्यादा कामकाजी हो रही हैं। WEE रिपोर्ट के मुताबिक, महिला श्रम भागीदारी दर 2017-18 के 14% से बढ़कर 2023-24 में 36% पहुंची। योगी सरकार की नीतियों ने बदली तस्वीर।

महिला सशक्तीकरण की नई उड़ान

लखनऊ, 25 जुलाई। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण ने नया मुकाम हासिल किया है। हाल ही में जारी WEE (Women Economic Empowerment) सूचकांक की रिपोर्ट बताती है कि महिला श्रम भागीदारी दर 2017-18 में 14 प्रतिशत थी, जो 2023-24 में बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई। यानी, 22 अंकों की बड़ी छलांग। यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों तक नहीं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाता है। योगी सरकार की योजनाओं और नीतियों का यह कमाल है।

महिलाएं बन रही हैं नई शक्ति

महिला आर्थिक सशक्तीकरण सूचकांक सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि यूपी की बदलती तस्वीर का आईना है। इसके बाद, महिलाएं अब पीछे नहीं, बल्कि आगे बढ़कर अर्थव्यवस्था और समाज को नया आकार दे रही हैं। यह सिर्फ ‘आधी आबादी’ की बात नहीं, बल्कि उस नई ताकत की कहानी है, जो भविष्य को संवार रही है। योगी सरकार की नीतियां महिला सशक्तीकरण का मॉडल बन रही हैं, जिससे अन्य राज्य भी प्रेरणा ले सकते हैं।

महिलाओं को मिला नीतिगत बल

2017 में योगी आदित्यनाथ ने सत्ता संभाली, तब यूपी में महिला श्रम भागीदारी राष्ट्रीय औसत से काफी कम थी। फिर, सात सालों में सरकार ने मिशन शक्ति, महिला सुरक्षा, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, रात की शिफ्ट में काम की अनुमति और औद्योगिक इकाइयों में अवसर बढ़ाए। इन नीतिगत फैसलों ने महिलाओं को केंद्र में रखा। इस दौरान, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण देने की पहल की गई।

स्वावलंबन की नई मिसाल

WEE रिपोर्ट कहती है कि 2023-24 में भारत की महिला श्रम भागीदारी 45% है, जबकि यूपी में 36%। हालांकि, 2017-18 में यूपी का आंकड़ा सिर्फ 14% था, जो देश के 25% से कम था। इस लिहाज से यूपी ने बड़ी प्रगति की। केंद्र की योजनाओं और योगी सरकार के प्रयासों ने स्वावलंबन को हकीकत बनाया। अंत में, यूपी ने राष्ट्रीय औसत से अंतर को काफी हद तक पाट लिया।

औद्योगिक क्षेत्र में नए अवसर

योगी सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए बड़े कदम उठाए। खतरनाक श्रेणी के 29 कारखानों में काम की अनुमति दी गई। पहले देशभर में इन पर पाबंदी थी। शुरुआत में 12, फिर 16 श्रेणियों में छूट मिली। अब सभी 29 श्रेणियों में महिलाएं काम कर सकती हैं। यह अनुमति सुरक्षा मानकों के साथ दी गई। साथ ही, रात की शिफ्ट में काम की मंजूरी दी। नियोक्ताओं को सुरक्षा, परिवहन, भोजन और विश्राम की सुविधाएं देना अनिवार्य किया।

आंकड़े दिखाते हैं बदलाव

श्रम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि कारखानों में पुरुषों के बराबर वेतन, ई-श्रम पोर्टल पर 53% महिला पंजीकरण और निर्माण क्षेत्र में 34.65% महिला श्रमिक हैं। इसके बाद, 10 लाख से ज्यादा स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जिनसे 1 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ीं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार बढ़ा। योगी सरकार ने महिलाओं को यूपी की वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का हिस्सा बनाने का लक्ष्य रखा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *