राजनीति में कुछ भी permanent नहीं होता। यह बात राघव चड्ढा ने एक बार फिर साबित कर दी है।
जो शख्स कभी Arvind Kejriwal का सबसे भरोसेमंद चेहरा था, जिसने AAP के लिए पंजाब की गलियों में खाक छानी, वही राघव चड्ढा अब BJP के रंग में रंगा नज़र आ रहा है। सियासी गलियारों में यह खबर किसी बम से कम नहीं फटी।
वो रिश्ता जो कभी अटूट लगता था
राघव चड्ढा और AAP का रिश्ता कोई आम नहीं था। 2015 के दिल्ली चुनावों से लेकर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव तक — चड्ढा हर मोर्चे पर आगे रहे। Rajya Sabha सांसद बने, Parineeti Chopra से शादी की जो खुद एक बड़ी खबर थी, और ‘AAP का युवा चेहरा’ कहलाए।
लेकिन पिछले कुछ महीनों से पार्टी के भीतर जो खींचतान चल रही थी, वो किसी से छिपी नहीं थी।
BJP में एंट्री — सवाल बहुत, जवाब कम
चड्ढा के BJP join करने की खबर के बाद से political circles में सवालों का सैलाब आ गया है।
पहला सवाल — ideology का। AAP जिस anti-corruption narrative पर खड़ी है, BJP उसकी हमेशा से विरोधी रही है। तो क्या चड्ढा ने अपनी सोच बदली, या यह सिर्फ opportunism है?
दूसरा सवाल — timing का। जब AAP दिल्ली में चुनावी दबाव झेल रही है और Kejriwal की छवि पर कई विवादों का असर दिख रहा है, तब यह ‘exit’ कितना calculated है?
एक वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा — “राघव चड्ढा जैसे नेताओं के लिए party से बड़ा career होता है। यह pragmatic politics है, भले ही supporters को यह betrayal लगे।”
AAP खेमे में कैसी है हलचल?
पार्टी ने अभी तक कोई official बयान नहीं दिया है। लेकिन social media पर AAP के कार्यकर्ता खुलकर नाराज़गी जता रहे हैं।
एक पुराने AAP volunteer ने X (Twitter) पर लिखा — “जिसे हमने अपना नेता माना, उसने हमें ही धोखा दिया। यह सिर्फ पार्टी नहीं, एक movement के साथ विश्वासघात है।”
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दूसरी तरफ कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि पार्टी में भी सब ठीक नहीं था — चड्ढा को पिछले कुछ समय से ‘sideline’ किया जा रहा था।
BJP को क्या मिलेगा इस deal से?
यह सिर्फ एक नेता का switch नहीं है। BJP को राघव चड्ढा से मिलती है —
- एक young, articulate और media-savvy face
- पंजाब में possible political foothold
- AAP की internal कमज़ोरियों का insider knowledge
- Urban middle class में appeal
BJP के लिए यह एक strategic move है। खासकर तब जब दिल्ली और पंजाब दोनों जगह वो AAP को corner करने की कोशिश कर रही है।
Parineeti का angle — जो कोई नहीं भूला
चड्ढा की पत्नी Parineeti Chopra एक बड़ी Bollywood actress हैं। उनकी शादी पहले से ही ‘political-glamour’ junction का प्रतीक थी। अब BJP join करने के बाद यह जोड़ी और भी spotlight में आ गई है।
कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि Parineeti के industry connections और national image ने चड्ढा के नए political chapter को और bold बना दिया है।
पुरानी बातें, नया रंग
याद करिए — चड्ढा ने एक बार कहा था, “AAP सिर्फ एक party नहीं, यह एक भावना है।” उस भावना का अब क्या होगा, यह सवाल उनके पुराने supporters के ज़ेहन में घूम रहा है।
राजनीति में loyalty एक luxury होती है। और शायद राघव चड्ढा ने यह luxury afford करना बंद कर दिया।
आने वाले दिनों में BJP उन्हें किस role में launch करती है — चाहे वो दिल्ली हो, पंजाब हो, या कोई national platform — यही तय करेगा कि यह ‘U-Turn’ उनके करियर का नया chapter है या एक political gamble जो उल्टा पड़ सकता है।
