लखनऊ, 28 अक्टूबर 2025। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ना किसानों को ऐतिहासिक तोहफा दिया है। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि अब अगेती गन्ना प्रजाति का मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल तथा सामान्य प्रजाति का ₹390 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस वृद्धि से किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होगा। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य बढ़ाया गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकेत है।
किसानों के परिश्रम का सम्मान हमारी प्राथमिकता: मंत्री चौधरी
मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, “किसानों के परिश्रम का सम्मान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गन्ना किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ हैं।” उन्होंने बताया कि गन्ना हमारे ग्रामीण जीवन का आधार है, और हर किसान को उचित मूल्य समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। अब तक किसानों को ₹2,90,225 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है। तुलना करें तो 2007-2017 (सपा-बसपा काल) में मात्र ₹1,47,346 करोड़ का भुगतान हुआ था। योगी सरकार ने साढ़े आठ वर्षों में ₹1,42,879 करोड़ अधिक भुगतान कर इतिहास रचा है।
चीनी उद्योग में निवेश और विकास
प्रदेश में वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हैं, जिससे यूपी देश में दूसरे स्थान पर है। पूर्ववर्ती सरकारों में 21 मिलें औने-पौने दामों पर बिकीं, लेकिन पारदर्शी नीतियों से ₹12,000 करोड़ का निवेश आकर्षित हुआ। पिछले आठ वर्षों में 4 नई मिलें स्थापित, 6 बंद मिलें पुनः चालू, और 42 मिलों की क्षमता विस्तारित हुई। इससे 8 नई मिलों के बराबर उत्पादन बढ़ा। साथ ही, 2 मिलों में सीबीजी संयंत्र लगे, जो गन्ना क्षेत्र में वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देंगे।
‘स्मार्ट गन्ना किसान’ से बिचौलियों पर लगाम
सरकार की ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली ने गन्ना क्षेत्रफल, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया। किसानों को पर्ची मोबाइल पर मिलती है, भुगतान डीबीटी से सीधे खाते में। भारत सरकार ने इसे ‘मॉडल सिस्टम’ घोषित किया, जिससे बिचौलियों का रोल खत्म हो गया। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया, आसवनियां 61 से 97। गन्ना क्षेत्रफल 20 लाख हेक्टेयर से 29.51 लाख हेक्टेयर पहुंचा, यूपी अब देश में नंबर वन।
किसानों में उत्साह, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल
यह फैसला गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा भरेगा। किसान संगठनों ने सरकार की सराहना की, लेकिन समयबद्ध भुगतान पर जोर दिया। क्या यह वृद्धि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान बनेगी? आने वाले सत्र में असर दिखेगा।
