वाराणसी, 17 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य के दौरान मूर्तियों को क्षति पहुंचाने के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे ‘फेक प्रोपगैंडा’ करार दिया और कहा कि विपक्षी दल, विशेष रूप से कांग्रेस, एआई वीडियो और पुरानी क्षतिग्रस्त मूर्तियों की तस्वीरों का इस्तेमाल कर भ्रम फैला रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि सरकार धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विकास कार्य कर रही है और किसी भी तरह की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई जा रही है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर घाट के पुनर्विकास के दौरान बुलडोजरों के इस्तेमाल की वीडियो वायरल हो रही हैं, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ है। सीएम ने स्पष्ट किया कि विकास योजना को बाधित करने के लिए साजिश रची जा रही है।
विवाद का अवलोकन
मणिकर्णिका घाट, जो हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के लिए पवित्र स्थल है, का पुनर्विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि के तहत किया जा रहा है। हाल ही में वीडियो सामने आए जिसमें बुलडोजरों से पुरानी संरचनाओं को हटाया जा रहा था, जिससे कुछ लोग दावा कर रहे थे कि मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। योगी आदित्यनाथ ने इन दावों को निराधार बताया और कहा कि पुरानी और क्षतिग्रस्त मूर्तियां बाहर से लाकर फैलाई जा रही हैं ताकि विकास को रोक सकें।
उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि काशी अपनी प्राचीन गरिमा को पुनः प्राप्त कर रही है, और 55,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ के मुख्य उद्धरण
- “मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास में किसी मूर्ति को क्षति नहीं पहुंचाई गई है। यह कांग्रेस की फेक प्रोपगैंडा है, जो एआई वीडियो से भ्रम फैला रही है।”
- “सरकार धार्मिक अनुष्ठानों को सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, और सभी परंपराओं का सम्मान किया जा रहा है।”
- “विकास योजनाओं को बाधित करने की साजिश रची जा रही है, लेकिन हम इसे सफल नहीं होने देंगे।”
सरकार की विकास योजनाएं
योगी सरकार ने काशी के विकास के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं। नीचे एक तालिका में मुख्य योजनाओं को सूचीबद्ध किया गया है:
| योजना | विवरण |
|---|---|
| मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास | घाट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना, अंतिम संस्कार प्रक्रिया को सुगम बनाना। |
| काशी विश्वनाथ कॉरिडोर | धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा, 55,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत। |
| एक जिला एक व्यंजन योजना | प्रत्येक जिले की अनोखी संस्कृति और व्यंजनों को ब्रांडिंग के माध्यम से प्रचारित करना। |
| न्यायालय परिसर स्थापना | छह जिलों में एकीकृत न्यायालय परिसरों की आधारशिला रखी गई। |
| धार्मिक अनुष्ठान समर्थन | अंतिम संस्कार और अन्य सनातन परंपराओं के लिए संस्थाओं को सहायता। |
यह तालिका दर्शाती है कि सरकार विकास और धार्मिक संरक्षण दोनों पर ध्यान दे रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
नीचे कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, जो इस खबर से संबंधित हैं:
मणिकर्णिका घाट पर क्या विवाद है?
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए जिसमें पुनर्विकास के दौरान मूर्तियां क्षतिग्रस्त होने का दावा किया गया, लेकिन सीएम योगी ने इसे फेक बताया।
सरकार क्या कार्रवाई कर रही है?
सरकार अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी और विकास कार्य जारी रखेगी, धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए।
काशी के विकास के लिए कितनी राशि स्वीकृत है?
लगभग 55,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत हो चुकी हैं, जो काशी को नई गरिमा प्रदान करेंगी।
क्या अन्य गतिविधियां हुई हैं?
हां, सीएम ने गोरखपुर में बास्केटबॉल खेला और एक बच्चे के साथ मजेदार वीडियो वायरल हुआ, साथ ही न्यायालय परिसरों की आधारशिला रखी।
यह घटना दर्शाती है कि योगी सरकार विकास और धार्मिक संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है, जबकि विपक्षी दलों की आलोचना का सामना कर रही है।
